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पटाखे जलाने संबंधी न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने पर चंडीगढ़ में 37 गिरफ्तार

शीर्ष अदालत के आदेश से पटखा चलाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने में बहुत अधिक मदद मिली है

Updated On: Nov 08, 2018 07:34 PM IST

Bhasha

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पटाखे जलाने संबंधी न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने पर चंडीगढ़ में 37 गिरफ्तार
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चंडीगढ़ में पटाखों के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन करने पर पुलिस ने 37 लोग गिरफ्तार किया है. पंजाब और हरियाणा के विभिन्न शहरों में लोगों ने रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे जलाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का खूब उल्लंघन किया.पुलिस के अनुसार देश के सबसे प्रदूषित शहरों में एक लुधियाना में शीर्ष अदालत के समय संबंधी आदेश का उल्लंघन करने पर 14 मामले दर्ज किए गए. ये मामले सार्वजनिक प्राधिकारों द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दर्ज किये गए.

उधर हरियाणा के फरीदाबाद में नियम के खिलाफ पटाखे बेचने पर एक दर्जन और जींद में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पटाखे बरामद किए गए हैं. पंजाब और हरियाणा प्रदेशों में कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक दिवाली की अगली सुबह बृहस्पतिवार को सुबह 'खराब' से 'बेहद गंभीर' रहा.

वैसे प्रदूषण का विनियमन करने वाले प्राधिकारों का कहना था कि इस बार दिवाली के बाद वायु की गुणवत्ता पिछले साल की तुलना में बेहतर रही. लुधियाना के पुलिस उपायुक्त अश्विनी कपूर ने बृहस्पतिवार को बताया, 'हमने (उच्चतम न्यायालय के आदेश के) उल्लंघन को लेकर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अब तक 14 मामले दर्ज किए हैं.'

शीर्ष अदालत के आदेश से पटखा चलाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने में बहुत अधिक मदद मिली है

पंजाब में वायु गुणवत्ता सूचकांक लुधियाना में 221, जालंधर में 266, अमृतसर में 221, पटियाला में 271, मंडी गोविंदगढ़ में 223 और खन्ना में 215 रहा. हरियाणा में दीपावली के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक रोहतक में 300 और गुरुग्राम में 353 रहा. यह स्थिति 'खराब' से 'बेहद खराब' है.

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरणीय अभियंता करूणेश गर्ग ने बताया, 'पिछले साल की दीपावली के समय से अगर आप वायु गुणवत्ता स्तर की तुलना करेंगे तो इस साल प्रदूषण स्तर 25 से 30 फीसदी कम है. इस साल वायु गुणवत्ता कहीं बेहतर है.'

गर्ग ने बताया कि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर चला जाता है. शीर्ष अदालत के आदेश से पटखा चलाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने में बहुत अधिक मदद मिली है.

पहले लोग दिवाली से कुछ दिन पहले से पटाखे चलाना प्रारंभ कर देते थे ,लेकिन इस बार उन्होंने सिमित अवधि तक ही पटाखे चलाए. इस बार व्यापरियों ने भी पटाखों का कम ही स्टाक लिया था क्योंकि उन्हें नहीं बिकने की स्थिति में घाटे का डर था.

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