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30 से ज्यादा महिलाओं ने सबरीमाला मंदिर जाने का लिया संकल्प, कहा- 'जो होगा देखा जाएगा'

सेल्वी ने कहा, 'एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं को स्कूल, नौकरी और वोट डालने का हक देने के खिलाफ भी प्रदर्शन होते थे, हमने उन सब को पार कर लिया है और अब हम इसे भी पार कर लेंगे'

Updated On: Dec 15, 2018 07:19 PM IST

FP Staff

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30 से ज्यादा महिलाओं ने सबरीमाला मंदिर जाने का लिया संकल्प, कहा- 'जो होगा देखा जाएगा'

भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए 30 से ज्यादा महिलाओं के एक ग्रुप चेन्नई से सबरीमाला जाने के संकल्प लिया है. वे सब मंदिर जाने के लिए पूरी तरह से तैयार भी हैं. इन ग्रुप की सभी महिलाओं की उम्र 35 से 40 साल के बीच है और यह एक ऐसे संगठन से हैं जो बच्चों और महिलाओं के कल्याण से जुड़े काम करता है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक संगठन की एक सदस्य ने कहा, 'हम भगवान अयप्पा के भक्त नहीं हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने हमें उत्साहित कर दिया है. हालांकि कई महिलाओं को प्रदर्शनकारियों ने ये कह कर कि हम मंदिर को अपवित्र कर देंगे, वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है.'

ऐसी मुसीबतों से रोज रूबरू होती हैं महिलाएं

रिपोर्ट के मुताबिक वह 22 दिसंबर को चेन्नई से रवाना हो जाएंगी और अगले दिन यानी 23 दिसंबर को सबरीमाला पहुंच जाएंगी. गौरतलब है कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने की इजाजत दी है तब से ही पूरे केरल में इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से करीब 16 महिलाओं को मंदिर से बिना दर्शन के लौटा दिया गया.

महिलाओं के इस ग्रुप को अच्छी तरह से मालूम है कि इनके वहां जाने से वहां उपद्रव मच सकता है. लेकिन फिर भी ये वहां जाना चाहती हैं. एक महिला कार्यकर्ता ने कहा, 'जितना वह (प्रदर्शनकारी) हमें पीछे धकेलेंगे, उतना ही हम भी आगे बढ़ेंगे.' उन्होंने कहा, 'ऐसी मुसीबतों का सामना करना महिलाओं के लिए कोई नई बात नहीं है, हम ऐसे ही प्रदर्शनों से रोज रूबरू होते हैं. हम मंदिर में जाएंगे, चाहे जो हो जाए.'

बीजेपी है केरल में हो रहे प्रदर्शनों की जिम्मेदार

सेल्वी नाम की एक और महिला कार्यकर्ता जो कि खुद सबरीमाला जाने वाली हैं, ने इस पूरे मामले पर बीजेपी की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी और हिंदू संगठन ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूरे केरल में प्रदर्शन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं को स्कूल, नौकरी और वोट डालने का हक देने के खिलाफ भी प्रदर्शन होते थे. हमने उन सब को पार कर लिया है और अब हम इसे भी पार कर लेंगे.'

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