S M L

बैंकिंग धोखाधड़ी से 21 सरकारी बैंकों को लगा 25,775 करोड़ का चूना

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी से खुलासा हुआ है कि बीते वित्तीय वर्ष में बैंकिंग धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों के कारण बैंकों को कुल मिलाकर लगभग 25,775 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा

Bhasha Updated On: May 28, 2018 12:56 PM IST

0
बैंकिंग धोखाधड़ी से 21 सरकारी बैंकों को लगा 25,775 करोड़ का चूना

देश के बैंकिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के कारण वित्तीय वर्ष 2017-18 सरकारी क्षेत्र के 21 बैंकों पर बेहद मुश्किल गुजरा. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी से खुलासा हुआ है कि बीते वित्तीय वर्ष में बैंकिंग धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों के कारण बैंकों को कुल मिलाकर लगभग 25,775 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा.

पीएनबी को सबसे ज्यादा नुकसान

मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उनकी आरटीआई अर्जी पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी है.

PNB BANK

आरटीआई के तहत गौड़ को 15 मई को भेजे गए जवाब से पता चलता है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को सबसे ज्यादा 6461.13 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. इस उत्तर में बैंकिंग धोखाधड़ी के किसी भी मामले का विशिष्ट ब्योरा नहीं दिया गया है.

स्टेट बैंक को लगा कितना चूना

बहरहाल, पीएनबी सार्वजनिक क्षेत्र में देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है और इन दिनों 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले से जूझ रहा है. घरेलू बैंकिंग क्षेत्र के इतिहास के अब तक के सबसे बड़े घोटाले का पता इस साल की शुरूआत में चला. हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा तथा गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चोकसी ने इस घोटाले को पीएनबी के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर अंजाम दिया. आरटीआई के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष में देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को धोखाधड़ी के विभिन्न मामलों के चलते 2390.75 करोड़ रुपए का चूना लगा.

अन्य सरकारी बैंकों की भी हालत खस्ता

आलोच्य अवधि में बैंकिग धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों से बैंक ऑफ इंडिया को 2224.86 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा को 1928.25 करोड़ रुपए, इलाहाबाद बैंक को 1520.37 करोड़ रुपए, आंध्रा बैंक को 1303.30 करोड़ रुपए, यूको बैंक को 1224.64 करोड़ रुपए, आईडीबीआई बैंक को 1116.53 करोड़ रुपए, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1095.84 करोड़ रुपए, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 1084.50 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 1029.23 करोड़ रुपए और इंडियन ओवरसीज बैंक को 1015.79 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

आरटीआई पर आरबीआई का जवाब

आरबीआई ने आरटीआई के तहत जानकारी साझा करते वक्त स्पष्ट किया है कि इसमें धोखाधड़ी के केवल वे मामले शामिल हैं, जिनमें हरेक प्रकरण में बैंकों को एक लाख रुपए से ज्यादा का चूना लगाया गया. हालांकि आरबीआई द्वारा आरटीआई के तहत दिए गए जवाब में यह नहीं बताया गया है कि बीते वित्तीय वर्ष में संबंधित बैंकों में धोखाधड़ी के कुल कितने सामने आये और इनकी प्रकृति किस तरह की थी. जवाब में यह भी साफ नहीं है कि इन मामलों में कर्ज संबंधी फर्जीवाड़ों के प्रकरण शामिल हैं या नहीं.

PNB BANK

इस बीच, अर्थशास्त्री जयंतीलाल भंडारी ने बैंकिंग धोखाधड़ी से देश के 21 सरकारी बैंकों को भारी नुकसान के आंकड़ों को बेहद चिंताजनक बताया है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर अंकुश के लिए सरकार और आरबीआई द्वारा संबंधित प्रावधानों को और कड़ा किया जाना चाहिए. भंडारी ने कहा, 'धोखाधड़ी के मामलों से बैंकों को न केवल बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनके द्वारा भविष्य में नये कर्ज देने की संभावनाओं पर भी विपरीत असर पड़ रहा है. जाहिर है कि यह स्थिति अर्थव्यवस्था के हित में कतई नहीं है.'

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 में बैंकिग धोखाधड़ी के विभिन्न प्रकरणों के चलते कॉर्पोरेशन बैंक को 970.89 करोड़ रुपए, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को 880.53 करोड़ रुपए, ओरिएण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स को 650.28 करोड़ रुपए, सिंडिकेट बैंक को 455.05 करोड़ रुपए, कैनरा बैंक को 190.77 करोड़ रुपए, पंजाब एंड सिंध बैंक को 90.01 करोड़ रुपए, देना बैंक को 89.25 करोड़ रुपए, विजया बैंक को 28.58 करोड़ रुपए और इंडियन बैंक को 24.23 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
International Yoga Day 2018 पर सुनिए Natasha Noel की कविता, I Breathe

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi