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यूपी में आंधी-तूफान का कहर, 15 की मौत, 10 लोग घायल

सबसे ज्यादा नुकसान उन्नाव जिले में हुआ है. यहां छह लोगों की मौत हो गई जिसमें 3 आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए

FP Staff Updated On: Jun 09, 2018 10:00 AM IST

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यूपी में आंधी-तूफान का कहर, 15 की मौत, 10 लोग घायल

उत्तर प्रदेश में मॉनसून से पहले की बारिश ने कहर बरपाया है. शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई बारिश और उसके साथ बिजली गिरने की घटना में 15 लोगों के मरने की खबर है.

प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार के मुताबिक, बारिश और आंधी-तूफान की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान उन्नाव जिले में देखा गया है. यहां छह लोगों की मौत हो गई. इसी तरह रायबरेली में तीन, कानपुर, पीलीभीत और गोंडा में दो-दो लोगों के मरने की खबर है. इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं. घायलों में चार उन्नाव के हैं. वहीं कन्नौज और रायबरेली में तीन तीन लोग घायल हुए हैं.

उन्नाव के जिलाधिकारी रवि कुमार ने मृतकों का ब्योरा देते हुए बताया कि यहां दो मौतें आकाशीय बिजली गिरने से हुई जबकि बाकी लोग मकान ढहने, खंभे और पेड़ गिरने से मारे गए.

पीटीआई-भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जौनपुर जिले में शुक्रवार शाम खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौत हो गई.

जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के खजुरा गांव निवासी सोमारू पाल (50), उसका सगा भाई कैलाश पाल (42) और पड़ोसी सूरत पाल (55) अपनी भेड़ों को गांव के पास चरा रहे थे.

उन्होंने बताया कि शाम को अचानक बिजली कड़कने के साथ बरसात होने लगी. वे तीनों बचने के लिए खेत के पास एक नीम के पेड़ की आड़ में खड़े हुए थे, तभी बिजली तीनों पर गिर गई. इस हादसे में तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष समेत अन्य उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे. रायबरेली से मिली खबर के मुताबिक महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र के तिसाखाना गांव में खराब मौसम के बीच बिजली गिरने से सुमन (35) की मौत हो गई. इसी तरह हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गुनावर कमांगरपुर गांव में गिरी बिजली की चपेट में आने से काजल (14) नाम की लड़की की मौत हो गई.

भारी बारिश की संभावना

दूसरी ओर, मॉनसून के केरल से महाराष्ट्र की ओर बढ़ने के मद्देनजर मौसम विभाग ने शुक्रवार को एक बार फिर भारत के पश्चिमी तट के लोगों को अगले 2-3 दिनों में क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ‘काफी अधिक बारिश’ की संभावना के बारे में आगाह किया.

दक्षिण पश्चिमी मॉनसून समुद्र से मैदान की ओर बढ़ता है और जून से सितंबर तक भारत में सक्रिय रहता है. यह दो तरह से चलता है- अरब सागर से और बंगाल की खाड़ी से. इनसे समूचे भारत में बारिश होती है.

मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, गोवा, कर्नाटक, रायलसीमा क्षेत्र और तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण कोंकण के कुछ हिस्सों, दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण ओडिशा, तेलंगाना और मध्य-पश्चिम और उत्तरी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ गया है.

 

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