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क्यों पूरी दुनिया में खास माने जाते हैं ऑस्कर अवॉर्ड्स

इस अवार्ड को फिल्म जगत में सम्मान के साथ देखा जाता है

FP Staff Updated On: Jan 24, 2018 03:35 PM IST

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क्यों पूरी दुनिया में खास माने जाते हैं ऑस्कर अवॉर्ड्स

अकादमी अवॉर्ड्स जिसे 'ऑस्कर' के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया भर के फिल्म उद्योग में जाने माने अवॉर्ड्स में से एक है. यह फिल्म जगत में निर्देशकों, कलाकारों और टेक्नीशियनों को बेहतरीन काम के लिए 24 अलग-अलग श्रेणियों में दिया जाता है.

ऑस्कर अवॉर्ड्स का पहला समारोह हॉलीवुड रूज़वेल्ट होटल में हुआ था. बाद में ये अवॉर्ड्स कोडेक थिएटर में होने लगे. 16 मई 1929 को इस समारोह की शुरुआत अमेरिकन अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस ने की. तब से अब तक यही इसका आयोजन करते आए हैं.

ऑस्कर ट्रॉफी एक योद्धा है

यह अवॉर्ड सोने की एक ट्रॉफी होती है जिसको जॉर्ज स्टेनली ने डिजाइन किया था. ब्रिटेनियम की काली धातु से बनी इस ट्रॉफी पर सोने की परत चढ़ी होती है. यह 13.5 इंच लंबी और 3.85 किलो वजनी होती है. ऑस्कर अवॉर्ड की आकृति एक योद्धा की है जिसे आर्ट डेको में बनाया गया है. इसमें योद्धा एक तलवार लिए हुए है और पांच तीलियों वाली एक फिल्म रील पर खड़ा है. प्रत्येक तीली अकादमी की मूल शाखा का प्रतिनिधित्व करती है. जो अभिनेता, लेखक, निर्देशक, निर्माता और तकनीशियन को दर्शाती है.

पहली बार ऑस्कर 1930 मे रेडियो पर प्रसारित किया गया था. इसके बाद साल 1953 से इसे टीवी पर भी प्रसारित किया जाने लगा. आज लगभग 200 से ज्यादा देशों मे अकादमी अवॉर्ड्स दिखाए जाते हैं. 89वे ऑस्कर समारोह तक 3,048 अवॉर्ड्स दिए जा चुके हैं.

बता दें कि साल 1957 में हुए 20वें ऑस्कर समारोह में पहली बार सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी को पेश किया गया था. उसके पहले तक विदेशी भाषा की फिल्मों को विशेष उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया जाता था. मदर इंडिय पहली भारतीय फिल्म थी जो ऑस्कर अवॉर्ड में नॉमिनेट हुई थी. भारतीय निर्देशक सत्यजीत रे को 1992 में लाइफ टाइम ऑस्कर अवार्ड मिला था. जबकि भानू अथैय्या पहली भारतीय थीं जिन्हें ऑस्कर मिला था.

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