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25 की उम्र में आते थे आत्महत्या करने के खयाल: ए आर रहमान

सभी लोग मुझसे सवाल करते कि तुम कैसे जीवित रहोगे? तुम्हारे पास सबकुछ तो है,इसे जाने मत दो

Updated On: Nov 04, 2018 04:09 PM IST

FP Staff

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25 की उम्र में आते थे आत्महत्या करने के खयाल: ए आर रहमान
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ऑस्कर विजेता ए.आर रहमान ने अपनी जिंदगी से जुड़ी बहुत ही निजी और चौंकाने वाली बात का खुलासा किया है. उनकी आने वाली ऑटोबायोग्राफी ' नोट्स ऑफ ए ड्रीम: दी ऑथराइज्ड बायोग्राफी ऑफ ए.आर रहमान' में रहमान की जिंदगी से जुड़े उन जरूरी घटनाओं को सामने रखा गया है, जिन्हें आमलोग नहीं जानते.

रहमान ने बताया है कि वो 25 साल के थे जब उन्हें आत्महत्या करने का खयाल आता था. यह वो दौर था जब ना ही उनकी निजी और ना ही प्रोफेशनल जिंदगी सही ट्रैक पड़ चल रही थी. नाकामयाबी से घिरे रहमान खुद को बहुत अकेला और हारा हुआ महसूस करते थे. 9 साल की उम्र में ही उनके सर से पिता का साया हट गया था. पिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी.

रहमान कहते हैं कि हममें में से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि वो बेहतर नहीं हैं, उन्हें मर जाना चाहिए. लेकिन इन सभी ख्यालों नें मुझे बेख़ौफ़ बना दिया. मृत्यु अटल है, सब कुछ अपनी एक्सपायरी डेट के साथ आता है. ऐसे में हम क्यों इस बात से डरें.

सबकी जिंदगी में एक ऐस मोड़ जरूर आता है जब सबकुछ धीरे-धीरे ही सही पर ठीक होने लगता है. 51 वर्षीय संगीतकार की जिन्दगी में यह वक्त तब आया जब उन्होंने चेन्नई में अपने घर के पीछे रिकॉर्डिंग स्टूडियो पंचथन रिकॉर्ड इन का निर्माण किया.

पिता की मृत्यु ने मुझे बहुत कमजोर बना दिया था

उन्होंने बताया इससे पहले सब कुछ बहुत ही निष्क्रिय जैसा था. पिता की मृत्यु के दुःख ने मुझे कमजोर बना दिया. उस दौरान मुझे तकरीबन 35 फिल्में मिलीं लेकिन मैं उनमें से सिर्फ 2 ही फिल्में कर सका.

सभी लोग मुझसे सवाल करते कि तुम कैसे जीवित रहोगे? तुम्हारे पास सबकुछ तो है,इसे जाने मत दो. 25 की उम्र में मुझे ये बातें बिल्कुल भी समझ नहीं आ रही थी.

हाल ही में अपनी बायोग्राफी ‘नोट्स ऑफ ए ड्रीम : द ऑथोराइज्ड बायोग्राफी ऑफ एआर रहमान’ की लॉन्चिंग के मौके पर एआर रहमान ने अपनी ज़िंदगी से जुड़ी कई बातें शेयर की. एआर रहमान इस किताब के बारे में बारे में कहते हैं कि यह किताब उनके लिए एक यात्रा रही है. रहमान का कहना है कि उनकी यह किताब उन्हें जीवन के उन कोनों तक लेकर गई है, जो उनके लिए लंबे समय से विशेष रहे हैं.

लेखक कृष्णा त्रिलोक द्वारा लिखित, लैंडमार्क और पेंगुइन रैंडम हाउस की मदद से रहमान की बायोपिक शनिवार को लॉन्च की गई. रहमान ने कहा, 'नोट्स ऑफ ए ड्रीम…' मेरे लिए एक यात्रा रही है, जिसने मेरे जीवन के उन पलों को ताजा किया है, जो मेरे लिए विशेष रहे हैं. कृष्णा त्रिलोक के साथ व्यावहारिक बातचीत ने मेरे रचनात्मक और व्यक्तिगत जीवन के कुछ हिस्सों को उजागर किया है, जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं.’

ए आर रहमान ने कहा कि उन्हें यह किताब काफी इंटरेस्टिंग लगी. यही सही टाइम था किताब के विमोचन का और यही मेरी जिंदगी भर की मेहनत का पेड ऑफ है. अपनी बायोग्राफी के आइडिया के बारे में बात करते हुए एआर रहमान कहते हैं ‘यह कृष्णा त्रिलोक का विचार था. मैं इसका क्रेडिट कृष्णा त्रिलोक को देना चाहूंगा कि उन्होंने यह किताब लिखी ताकि लोग मेरे बारे में जान सकें. यह कुछ नया लगा मुझे.

उन्होंने आगे कहा कि वैसे लोग मेरे बारे में बहुत कुछ जानते हैं पर कहानियां बदलती रहती हैं जिंदगी की. हर 10 साल में कुछ ना कुछ बदलाता रहता है.पिछले 10 सालों में मैं एक अलग ही दुनिया में था और कृष्णा ने इसे काफी खूबसूरती से कवर किया है.

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