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Shame : इस एक्ट्रेस को क्यों आती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी से घिन ?

थिएटर और फिल्म आर्टिस्ट सुनीता राजवार ने कहा - 'तुम्हें औरतों की इज्जत करनी नहीं आती नवाज, घिन आती है तुमसे'

Rajni Ashish Updated On: Oct 29, 2017 01:59 PM IST

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Shame : इस एक्ट्रेस को क्यों आती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी से घिन ?

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी बायोग्राफी किताब ‘एन आर्डिनरी लाइफ: ए मेमॉयर’ लगातार विवादों में घिरते जा रहे हैं. नवाज ने अपनी किताब में अपनी लव लाइफ से जुड़ी कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. अपने पास्ट रिलेशनशिप्स के किस्सों से पर्दा हटाते हुए नवाज ने बताया उनकी जिंदगी में सुनीता नाम की एक लड़की थी. इसके बाद उन्हें न्यूजर्सी की रहनेवाली सुजैन से प्यार हो गया और इसी के साथ जब वो अपनी फिल्म ‘मिस लवली’ की शूटिंग कर रहे थें तब उन्हें अपनी को-एक्ट्रेस निहारिका सिंह से भी प्यार हो गया.

अब नवाज ने जिस सुनीता का अपनी बुक में जिक्र किया है वो खुद सामने आ गई हैं और बतौर इंसान उन्हें झूठा करार दिया है. ये सुनीता कोई और नहीं कि बल्कि फिल्म और थिएटर आर्टिस्ट सुनीता राजवार हैं जिन्होंने एक लम्बा-चौड़ा फेसबुक पोस्ट लिखकर कहा है कि 'नवाजुद्दीन तुम्हें आज भी औरतों की इज्जत करनी नहीं आती. तुमसे घिन आती है'.

दरअसल सुनीता ने नवाज के साथ काम किया है. अपनी किताब ‘एन आर्डिनरी लाइफ: ए मेमॉयर’ में नवाज ने सुनीता को पहला प्यार बताते हुए लिखा कि गरीबी की वजह से उन्होंने उन्हें छोड़ दिया था. अब रिपोर्ट्स के मुताबिक किताब के कंटेंट से नाराज सुनीता नवाज के खिलाफ केस करने के बारे में सोच रही हैं.

सुनीता के बारे में क्या लिखा है नवाज ने ?

खबरों के मुताबिक पहले प्यार का खुलासा करते हुए नवाज ने सुनीता राजवार का नाम लिया था. उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी की वजह से जब उनका ब्रेकअप हुआ, उस वक्त वो सुसाइड तक की सोचने लगे थे.

सुनीता ने अपनी फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि उन्हें लेकर नवाज ने सरासर झूठ बोले हैं. नवाज की छोड़ने की असली वजह गरीबी नहीं थी. सुनीता ने लिखा

'कहते हैं नसीब वक्त बदल सकता है, इंसान की फितरत नहीं. नवाज की किताब पढ़कर कुछ एेसा ही लगा और यकायक ‘मेलाराम वफ़ा’ का एक शेर याद आ गया, “एक बार उसने मुझको देखा था मुस्कुराकर, इतनी सी हकीकत है बाकी कहानियां हैं”. क्योंकि इस बायोग्राफी में काफी हद तक सिर्फ छपाई है, सच्चाई नहीं, कई बातें नवाज़ ने अपने मन से, अपने हिसाब से और अपने हक में लिखी हैं, चित भी मेरी पट भी मेरी टाइप्स. उन्होंने बड़ी ही खूबसूरती से खुद को बुरा भी कह दिया है और उतनी ही खूबसूरती से अपनी बुराई का सारा ठींकरा औरतों पर फोड़ दिया है. खासकर मुझ पर, क्योंकि उनकी मानें तो मेरे बाद उनका प्यार से और औरतों से विश्वास ही उठ गया था और उनके सारे इमोशन्स RIP यानी रेस्ट इन पीस हो गये थे.

बहरहाल, उनकी बायोग्राफी में जहां तक मेरा सवाल है तो उनके झूठ का फलसफा वहीं से शुरू हो जाता है, जहां से मेरा जिक्र, यानी शुरुआत की पहली दो लाइन से ही, जहां नवाज कह रहे हैं कि वो मुझे एनएसडी में कभी नही मिले. NSD में वो मेरे एक साल सीनियर थे तो जाहिर है मुलाकात तो होती होगी. हां उस वक्त हमारे बीच कुछ था नहीं, लेकिन ये कहना कि कभी मिले ही नहीं, ये अटपटा सा ज़रूर लगता है.

फिर उन्होने कहा कि मैं उनके घर की दीवारों में आर्ट-वर्क करती थी, हमारे नाम उकेरा करती थी, दिल बनाया करती थी, जिनके बीच से होकर कभी-कभी तीर भी गुज़रा करता था. ये पढ़कर एेसा लगा मानो मैं उनसे मिलने नहीं, बल्कि उनकी आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स क्लास लेने जाती थी. हद तो तब हो गई जब उन्होंने रोमांटिक बॉलीवुड मूवी स्टाइल में लिख दिया कि हमारे ब्रेक-अप के बाद उन्होंने वाइट पेंट की बाल्टी ली और ब्रश से मेरे आर्ट-वर्क को दीवार से और मुझे दिल से मिटाते गए. अब सवाल ये उठता है कि जब मैंने कभी कोई आर्ट-वर्क बनाया ही नहीं था तो वो किसके आर्ट वर्क को मिटाने की बात कर रहे हैं?

चलो इन छोटी-छोटी बातों को नज़र अंदाज़ भी किया जा सकता है, लेकिन असली खेल तो उन्होने वहां खेला जहां हमारे ब्रेक-अप की बात आई. नवाज हमेशा से Sympathy seeker रहे हैं, वो कोई एसी चीज़ नही छोड़ते जहां से सहानुभूती बटोरी जा सकती हो, कभी अपने रंग रूप को लेकर, कभी गरीबी को लेकर, कभी ये कहकर की वो वॉचमैन की नौकरी कर चुके हैं, जब की सच तो ये है कि उस वक्त उनका फैमली बैकग्राउंड मेरे फैमली बैकग्राउंड से अच्छा था. एक कामयाब आदमी को इतना इनसि‍क्योर देखकर कामयाबी से डर सा लगने लगता है कभी-कभी.

ख़ैर, नवाज़ का कहना है कि वो गरीब थे और स्ट्रगलर थे इसलिये मैने उन्हें छोड़ दिया. तो नवाज मैं क्या थी, तुम से गरीब तो मैं थी, तुम तो कम से कम अपने घर मैं रह रहे थे मैं तो दोस्त के घर में रहकर स्ट्रगल कर रही थी.

ये सिर्फ तुम अच्छी तरह जानते हो कि हमारा रिश्ता एक प्ले से शुरु होकर उस प्ले के मात्र तीन शो से पहले खत्म हो चुका था, क्योंकि तुम्हारी सच्चाई मेरे सामने आ चुकी थी। मैंने तुम्हारा फोन लेना छोड़ दिया था, क्योंकि घिन आती थी तुम्हारे बारे में सोचकर, बात क्या करती तुमसे. मैंने ये कभी नहीं कहा कि तुम अपने करियर पर फोकस करो और मैं अपने.

अब जब तुम सब हदें पार कर ही चुके हो तो ये भी जान लो कि मैंने तुम्हें क्यों छोड़ा था, मैंने तुम्हें इसलिए छोड़ा था क्योंकि तुम हमारे संबंध का मज़ाक बनाते हुए सब व्यक्तिगत बातें हमारे कॉमन फ्रेंड्स के साथ शेयर किया करते थे. तब मुझे पता चला कि तुम औरत और प्यार के बारे में क्या सोच रखते हो.

दूसरा बड़ा झूठ जिसने मुझे ये पोस्ट लिखने के लिए मजबूर किया वो ये कि तुम्हारे सफल होने पर मैंने लोगों को ये बताना शुरु कर दिया कि कभी तुम्हारे और मेरे गहरे संबंध थे. ना मैंने तब किसी को कुछ बोला था और ना आज तक किसी को कुछ बताया. फिर इतना बड़ा झूठ क्यों नवाज़, अगर बहुत सच्चे बनते हो तो उन लोंगो का नाम भी छाप देते अपनी बायोग्राफी में जिनके साथ मैं तुम्हारे हिसाब से तुम्हारे सफल होने के बाद हमारे संबंधों का बखान किया करती थी.

तुमने लिखा है कि मैं तुम्हारा पहला प्यार थी, सूखे में पहली बारिश की तरह, अगर ये पहला प्यार था तो भगवान करे किसी को एेसा पहला प्यार न मिले. आज नाम है तुम्हारा, अच्छा काम कर रहे हो, इसलिए तब तो नहीं कहा था, पर अब जरूर कहूंगी कि अपने करियर पर फोकस करो.

मैंने तुम्हें तुम्हारी गरीबी की वजह से नहीं तुम्हारी गरीब सोच की वजह से छोड़ा था. तुमने अपनी बायोग्राफी से साबित कर दिया कि मैं जिस नवाज़ को जानती थी तुम आज उससे ज्यादा गरीब हो. ना तुम्हें तब औरतों की इज़्जत करनी आती थी और ना ही अब सीख पाए हो.

तुम्हारे हालात पर बस इतना ही कहूंगी, “ जा, तू शिकायत के काबिल होकर आ, अभी तो मेरी हर शिकायत से तेरा क़द बहुत छोटा है”।।

और हाँ, मैं पहाड़न नहीं, पहाड़ हूं...

आप यहां नीचे सुनीता का फेसबुक पोस्ट पढ़ सकते हैं

आपको बता दें कि सुनीता 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' में धनिया के रोल में दिख चुकी हैं. इसके साथ उन्होंने 'शगुन', 'रामायण', 'हिटलर दीदी', 'संतोषी माता' जैसे सीरियल्स भी किए हैं.

सुनीता सिर्फ सीरियलों में ही नहीं ब्लकि फिल्मों में भी नजर आती हैं. उन्होंने 'मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं', 'एक चालिस की लास्ट लोकल', 'संकट सिटी' जैसी फिल्मों में काम किया है.

निहारिका सिंह पर भी नवाज ने किए थे बड़े खुलासे

इसी के साथ नवाज ने अपनी बुक में ये भी लिखा है कि जब वो अपनी फिल्म ‘मिस लवली’ की शूटिंग कर रहे थें तब उन्हें अपनी को-एक्ट्रेस निहारिका सिंह से भी प्यार हो गया.

nawazuddin siddiqui biography

अपने इस किताब में नवाज ने बताया, “मिस लवली की शूटिंग चल रही थी लेकिन पता नहीं वो (निहारिका) मेरी किसी बात से नाराज थी. वह पहले अच्छे से बात करती थी लेकिन अब रूठी रूठी सी रहने लगी थी. मैंने बहुत बार जानने की कोशिश की पर उसने नहीं बताया. फिर मैंने उसको अपने घर मटन की दावत पर इंवाइट किया. ये मेरी खासियत भी है कि मुझे मटन बनाना अच्छे से आता है. वो आने के लिए मान गई. मेरे घर उसने न सिर्फ मटन खाया बल्कि मेरी तारीफ भी की. इसके बाद उसने मुझे अपने घर मटन खाने के लिए इंवाइट किया. उसने कहा, ‘अब तुम मेरे घर आओ नवाज, मैं तुम्हारे लिए मटन बनूंगी.”

आगे नवाज ने बताया, “मैं जब उसके घर गया तो उसने दरवाजा खोला तब मैंने देखा कि टिमटिमाती हुई मोमबत्तियां जल रही थीं. मैं ठहरा देहाती आदमी, मैंने सीधे उसे अपनी बाहों में भरा और उसे लेकर बेड रूम में घुस गया. फिर हमने जमकर प्यार किया. इस तरह से मेरे और निहारिका के रिश्ते की शुरुआत हुई. एक ऐसा रिलेशन जो मेरी कल्पना से परे डेढ़ साल तक चला, हालांकि इसी बीच मुझे सुजैन मेल्स भेजा करती थी लेकिन इस बात का पता निहारिका को चल गया और फिर सुजैन और नवाज का ब्रेकअप हो गया.”

आगे नवाज ने बताया, “सभी लड़कियों की तरह निहारिका की भी यही इच्छा थी कि मैं उससे मीठी मीठी बातें करूं जैसे प्रेमी करते हैं लेकिन मैं स्वार्थी था. उसके घर में एक ही कारण से जाता था वो थी निहारिका. मैं केवल अपनी गरज से उसके घर जाता था...फिर एक दिन उसके घर गया तो उसने सिल्क रोब पहना हुआ था. मैंने उसकी बगल में हाथ डाला तब उसने कहा कि नहीं नवाज अब मैं तुमसे नहीं मिलूंगी. उसकी इस बात से मैं घबरा गया, मैं रोने लगा, गीड़गिड़ाया लेकिन वो नहीं मानी और अपने फैसले पर कायम रही. मुझे नहीं पता था कि मेरी जिंदगी में कोई और लड़की आ जाएगी, हम शादी कर लेंगे और वो मेरी पत्नी बन जाएगी.”

निहारिका ने भी नवाज को लिया था निशाने पर

Nawauddin Siddiqui

नवाज के इस खुलासे के बाद सभी लोग दंग रह गए. लेकिन जब उनकी एक्स गर्लफ्रेंड निहारिका ने ये पढ़ा तो वो हैरान रह गईं. एक वेबसाइट को दिए हुए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “नवाज और मैं 2009 में फिल्म ‘मिस लवली’ की शूटिंग के दौरन रिलेशनशिप में थें और वो कुछ ही महीनों तक चला. अब अगर वो अपनी किताब में इस तरह बढ़ा चढ़ा कर कहते हैं कि मैंने कैंडल जलाए थे और उन्हें बेसब्री से अपने पास बुलाया था तो इस बात पर मुझे हंसी आती है. वो अपनी किताब बेचना चाहते हैं और इसी बीच वो एक औरत की इज्जत और गरिमा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. उन्होंने इस क्षणभर के रिलेशनशिप की कहानी को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया है. “

niharika singh

आगे होने कहा, “नवाज ने जो कुछ भी लिखा है वो मेरी इजाजत के बगैर अपने मन से लिखा है. यही बात थी कि उस समय भी मैंने नवाज के साथ अपने रिलेशनशिप का अंत का दिया था. मैं मानती हूं कि वो एक बेहतरीन एक्टर हैं. लेकिन उनकी एक्टिंग स्किल्स पर्दे तक ही सिमित होनी चाहिए. फिर भी मैं उनके लिए अच्छी विशेस देती हूं. बस यही कहना चाहूंगी.”

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