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कहानी 2 मूवी रिव्यू: विद्या ने बचा लिया डायरेक्टर बाबू को

जब तक विद्या बालन हैं, तब तक सुजॉय को कुछ नहीं हो सकता

Updated On: Dec 02, 2016 06:33 PM IST

Ravindra Choudhary

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कहानी 2 मूवी रिव्यू: विद्या ने बचा लिया डायरेक्टर बाबू को

जब किसी मैच में लास्ट बॉल पर सिक्सर की जरूरत होती है और बॉल बाउंड्री के एकदम पास सीमा रेखा के अंदर जाकर गिरती है, तो दर्शकों के मुंह से निकलता है, 'ओहो! बस जरा सा रह गया!' ‘कहानी-2’ का क्लाइमेक्स देखकर भी कुछ वैसी ही फीलिंग आती है लेकिन कोई बात नहीं. छक्का न सही, सुजॉय ने चौका तो मार ही दिया है.

‘कहानी 2’ सन् 2012 में आई ‘कहानी’ का सीक्वल नहीं है बल्कि तीन फिल्मों की सीरीज की अगली किश्त है. इस कहानी में विद्या सिन्हा (विद्या बालन) कोलकाता से दूर चंदननगर नाम के एक छोटे से शहर में अपनी बेटी मिनी के साथ रहती है, जो चल-फिर नहीं सकती. एक दिन अचानक मिनी गायब हो जाती है. विद्या उसे ढूंढने निकलती है और एक्सीडेंट का शिकार होकर कोमा में चली जाती है.

केस की जांच कर रहा पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह (अर्जुन रामपाल) कहता है कि ये विद्या नहीं, दुर्गा है. इसी बीच, कालिमपोंग की पुलिस एक बच्ची के अपहरण और उसकी दादी के मर्डर के केस में उसी दुर्गा को ढूंढती हुई, वहां पहुंचती है. दुर्गा-विद्या की इस मिस्ट्री के बीच में सुजॉय ने बाल यौन शोषण के मुद्दे को भी बहुत अच्छे ढंग से पिरो दिया है.

kahaani

इस ‘कहानी’ की शुरुआत तो बहुत अच्छी होती है लेकिन फिल्म क्लाइमैक्स में गच्चा दे देती है. इसके अंत का दर्शकों को काफी पहले अंदाजा हो जाता है. शायद सुजॉय ने ऐसा क्लाइमेक्स रखकर बॉलीवुड की मसाला फिल्मों को श्रद्धांजलि दी है.

इसके बावजूद, फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें आप कहीं भी बोर नहीं होते, कुर्सी से चिपके रहते हैं. इसका सबसे बड़ा श्रेय जाता है- विद्या बालन के दमदार अभिनय को. पूरी फिल्म विद्या के कंधों पर टिकी हुई है.

और अर्जुन रामपाल? लगता है बॉलीवुड वाले अर्जुन को एक्टर बनाने पर तुले हुए हैं और हैरानी की बात है कि वे इस मिशन में थोड़े-बहुत कामयाब भी हो गए हैं. दो लोगों के नाम वाले इस बंदे ने एक आदमी के बराबर एक्टिंग तो कर ही दी है. जुगल हंसराज ने भी ठीक-ठाक काम किया है.

फिल्म के अंत में विद्या सिन्हा अपनी बेटी मिनी से कहती है, ‘जब तक मैं जिंदा हूं, तुझे कुछ नहीं होने दूंगी’ लगता है विद्या यह बात फिल्म के डायरेक्टर सुजॉय घोष से कह रही हैं. क्योंकि जब तक विद्या बालन हैं, तब तक सुजॉय को कुछ नहीं हो सकता.

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