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रेखा-श्रीदेवी की जंग पर श्रीदेवी से मुंह नहीं खुलवा पाईं थी वाशिंगटन पोस्ट की चतुर पत्रकार

रेखा को श्रीदेवी से होने लगा था कॉम्पलेक्स

Abhishek Srivastava Updated On: Feb 25, 2018 04:50 PM IST

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रेखा-श्रीदेवी की जंग पर श्रीदेवी से मुंह नहीं खुलवा पाईं थी वाशिंगटन पोस्ट की चतुर पत्रकार

मध्य अस्सी के दशक में न्यूयॉर्क के मशहूर अखबार ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की पत्रकार एलिजाबेथ बुमिल्लेर अपने पति के साथ हिंदुस्तान आई थीं. उनके पति भी अमेरिका के मशहूर अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्सट में पत्रकार थे. लगभग साढ़े तीन साल तक उन्होंने हिंदुस्तान के कई जगहों का दौरा किया और एक औरत की आंखों से हिंदुस्तान के समाज के औरतों को समझने की कोशिश की. एलिजाबेथ के इस चित्रण में गांव की औरतों और पुलिस विभाग में काम करने वाली से लेकर फिल्मों में काम करने वाली औरतें भी शामिल थीं. अपने अनुभवों को उन्होंने अपनी किताब ‘यू बी द मदर आफ ए हंड्रेड संस’ में पिरोया था जो उस वक्त बेस्ट सेलर बना था.

जब एलिजाबेथ मुंबई में आई थीं तो उस जमाने की तीन चोटी की कलाकारों से उनका मिलना हुआ था जिसमें श्रीदेवी भी शामिल थीं. बाकी दो कलाकारों में रेखा और डिंपल कपाड़िया शामिल थीं. उन्होंने अपनी किताब में बताया है कि ये वो दौर था जब रेखा नंबर वन अभिनेत्री का ताज पहने हुए थीं लेकिन उसी दौरान श्रीदेवी की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाना शुरू कर दिया था और हर जगह उनकी ही फिल्मों के पोस्टर लोगों को दीदार होने लगे थे.

महज 21 साल की उम्र में श्रीदेवी ने रेखा के लिए खतरे की घंटी बजा दी थी और एक तरह से उनको चेतावनी दे दी थी कि उनका साम्राज्य अब खत्म होने वाला है. जब एलिजाबेथ ने रेखा से अपनी बातचीत में बताया कि श्रीदेवी अपनी हिट फिल्मों की वजह से नंबर वन बन गई हैं तब रेखा ने उनको ठीक करते हुआ कहा था कि वो नंबर वन नहीं बल्कि कई नंबर वन में से एक हैं और फिल्म जगत में कई नंबर वन हैं. अपनी इस किताब में एलिजाबेथ ने रेखा और श्रीदेवी के बीच की प्रतिस्पर्धा की बात की है और कई कोनों से ये जानने की कोशिश की है कि दोनों के बीच के रिश्ते किस तरह के थे.

अपनी इस किताब में एलिज़ाबेथ ने आगे यह भी लिखा है की श्रीदेवी और रेखा दोनो ही एक दूसरे से डरते थे. अगर श्रीदेवी रेखा के जहरीले स्टेटमेंट से खौफ खाती थी तो वही दूसरी तरफ रेखा श्रीदेवी की बढ़ती सफलता से. जो हिस्सा श्रीदेवी के बारे में उन्होंने अपनी किताब में लिखा है वह यही जानने की एक कोशिश है की श्रीदेवी की सफलता का राज़ आखिर है क्या क्या है और यह समझने के लिए उन्होने रेखा से बात करने की सोची. रेखा ने उनको आगे चल कर यही बताया की श्रीदेवी का आगमन फिल्म जगत में तब हुआ था जब वो बॉलीवुड से निकलने की सोच रही थी. रेखा ने लेखक को बताया था की श्रीदेवी बिलकुल सही वक़्त पर इस गैप की भरपाई कर रही है. रेखा ने आगे यह भी कहा की श्रीदेवी थोडी अपरिपक्व है लेकिन समय के साथ सब कुछ वो सीख लेगी.

एलिजाबेथ का श्रीदेवी से मिलना उनकी मशहूर फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के सेट पर हुआ था. सेट पर श्रीदेवी का मूड उस वक्त कुछ उखड़ा हुआ था क्योंकि निर्देशक शेखर कपूर के निर्देश के मुताबिक उनको उनको रात आठ बजे तक सेट पर रुकना था. जब रेखा की बात आई तब उनके चिड़चिड़ेपन ने मासूमियत का रूप ले लिया था. एलिजाबेथ को श्रीदेवी ने यही कहा था कि हमारे बीच किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं है. उसी बातचीत में उन्होंने कुछ नई चीजों का भी खुलासा किया था. श्रीदेवी ने उनको बताया था कि मोटापे से उनको चिढ़ है लेकिन साउथ की फिल्मों में अगर मैं दुबली पतली दिखने लगी तो वहां के लोगों को उनको फिल्मों से निकालने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.

श्रीदेवी ने आगे की बातचीत में ये भी बताया था कि उन्होंने थोड़ी बहुत अंग्रेजी सीख ली है और अब वो प्रेस से बिना अपनी मां के बात करती हैं. काफी कोशिशों को बावजूद एलिजाबेथ किसी भी तरह का मसाला निकालने में कामयाब नहीं रही. एलिजाबेथ ने आगे चलकर अमिताभ बच्चन से भी दिल्ली में मुलाकात की सिर्फ ये जानने के लिए कि रेखा और श्रीदेवी के बीच के रिश्ते किस तरह के हैं. ये अलग बात है कि उस वक्त सांसद का लबादा ओढ़े अमिताभ बच्चन इस पूरे मुद्दे पर कुछ खास रोशनी नहीं डाल पाए.

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