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Birthday Special: गायकी में ही एक्टिंग की हसरत पूरी कर लेते हैं सोनू निगम

सोनू निगम के जन्मदिन पर आइए उनके जीवन पर डालते हैं एक नजर

Updated On: Jul 30, 2017 08:02 PM IST

Sunita Pandey

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Birthday Special: गायकी में ही एक्टिंग की हसरत पूरी कर लेते हैं सोनू निगम

चालीस-पचास के दशक में एक्टर्स के लिए गायक होना एक अनिवार्य शर्त की तरह था. के.एल. सहगल इस परंपरा के सफल उदाहरण थे. बाद में ये परंपरा खत्म हो गई और एक्टिंग और गायिकी एक-दूसरे से अलग हो गए. सत्तर के दशक में किशोर कुमार के रूप में एक बार फिर दोनों विधाओं की कामयाब जुगलबंदी सामने आई, लेकिन ये परंपरा भी उनके साथ ही चली गई. अरसे बाद सोनू निगम ने इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहा, लेकिन वो बुरी तरह नाकाम साबित हुए.

दरअसल सोनू निगम ने अपनी शुरुआत ही एक्टिंग से की थी. 1983 में उन्होंने फिल्म 'बेताब' में सनी देओल और 'उस्तादी उस्ताद से' में मिथुन चक्रवर्ती के बचपन का रोल निभाया. लेकिन उनके पिता अगम कुमार निगम उन्हें सिंगर बनाना चाहते थे और स्टेज पर रफी साहब के गाने गाते-गाते सोनू एक दिन बड़े गायक बन गए.

फ्लॉप एक्टर साबित हुए सोनू निगम

sonu nigam

गायक बनने के बावजूद एक्टर बनने की उनकी हसरत मरी नहीं. इसलिए जब साल 2002 में निर्माता-निर्देशक राज कुमार कोहली ने उन्हें फिल्म 'जानी दुश्मन' का ऑफर दिया तो उन्होंने अपना ट्रैक बदलने की कोशिश की. भारी-भरकम स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म फ्लॉप हो गई लेकिन सोनू ने हिम्मत नहीं हारी. साल 2004 में आई फिल्म 'लव इन नेपाल ' की नाकामयाबी से सोनू की हिम्मत पूरी तरह टूट गई और उन्होंने एक्टिंग से तौबा कर ली. बकौल सोनू निगम अब वो अपनी इस हसरत को गायिकी के जरिये ही पूरी कर लेते हैं.

रफी साहब के गाने रहे लकी

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बहरहाल 30 जुलाई, 1973 को फरीदाबाद में जन्मे सोनू निगम 18 साल की उम्र में अपना भाग्य आजमाने मुंबई आ गए थे. शुरूआती दिनों में सोनू निगम को काफी संघर्ष करना पड़ा. वे स्टेज पर मोहम्मद रफी के गाये हुए गानों को पेश करते थे. उनके इस आवाज से खुश होकर टी-सीरिज ने उनके गानों का एलबम ‘रफी की यादें’ निकाला जो उनके लिए एक लकी चार्म साबित हुआ. फिल्मों में भी उनकी शुरुआत टी-सीरीज की ही वजह से हुई जिन्होंने अपनी फिल्म 'आजा मेरी जान' से उन्हें नए गायक के रूप में पेश किया.

अपनी आवाज से पूरे देश को बनाया दीवाना

sonu nigam

सोनू निगम ने हिन्दी के अलावा कन्नड़ मणिपुरी, गढ़वाली, ओडि़या, तमिल, असामीज, पंजाबी, बंगाली, मलयालम, मराठी, तेलगु और नेपाली भाषाओं में हजारों गाने गाके हैं. उनकी आवाज का जादू कुछ ऐसा हैं कि पूरा देश उनकी गायकी का लोहा मानता है. इन दिनों सोनू निगम ने फिल्मों से ज्यादा स्टेज शोज पर फोकस किया हुआ है.

इसकी वजह बताते हुए सोनू कहते हैं कि, "फिल्मी गायन में वो खुद को दोहराते-दोहराते थक चुके हैं. संगीतकार उनकी आवाज के साथ प्रयोग करने को तैयार नहीं होते और वो रोमांटिक जोन में इस तरह घिस चुके हैं कि कभी-कभी तो उन्हें खुद की आवाज ही सुनने का मन नहीं करता."

विवादों में भी रह चुके हैं सोनू

SONU NIGAM

पिछले दिनों सोनू का सुर उस समय बिखरता नजर आया जब वो अजान विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर घिर गए. अजान में लाउडस्पीकर के उपयोग पर सोनू निगम ने सवाल उठाया था, जिसके बाद सोनू मुस्लिम समुदाय के निशाने पर आ गए. ये मामला इतना बढ़ गया था कि पश्चिम बंगाल के एक मौलवी ने सोनू के बाल मूंडकर उन्हें जूतों की माला पहनाने वाले को 10 लाख रूपये का इनाम देने का ऐलान कर दिया था. सोनू ने भी मौलवी की चाल उन्हीं पर उल्टी पटक दी. सोनू ने फेमस हेयरस्टाइलिस्ट आलिम हकीम को घर बुलवा कर खुद ही अपने बाल मुंडवा दिए. बहरहाल, बतौर गायक सोनू निगम में अभी काफी संभावनाएं बाकी हैं, बशर्ते कोई संगीतकार सोनू की प्रतिभा को इस्तेमाल करने की काबिलियत दिखाए.

 

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