विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

सीताराम पंचाल ने मरकर भी निभाई दोस्ती: संजय मिश्रा

संयोग है कि आज फूलन देवी का भी जन्मदिन है, जिन पर बनी फिल्म में सीताराम पंचाल और निर्मल पांडे ने एक साथ काम किया था

FP Staff Updated On: Aug 10, 2017 07:42 PM IST

0
सीताराम पंचाल ने मरकर भी निभाई दोस्ती: संजय मिश्रा

जिंदगी कितनी अजीब होती है. अक्सर इस बात का अहसास हर किसी को हुआ होगा. सीताराम पांचाल का दुनिया से विदा होना एक बार फिर जिंदगी के अजीब होने की कहानी कहता है. शायद आप में से कई लोग पूछेंगे कि कौन सीताराम पांचाल.. और ऐसा क्या हो गया, जो अजीब है.

सीताराम पांचाल वही हैं, जिन्हें आपने और हमने कई फिल्मों में देखा है. उनका नाम लेते हैं तो बैंडिट क्वीन याद आती है. उनका नाम लेने पर पीपली लाइव, पान सिंह तोमर जैसी फिल्म याद आती है. याद आती है आमिर खान की लगान. याद आती है अक्षय कुमार की जॉली एलएलबी. कई ऐसी भूमिकाएं, जो छोटी होने के बावजूद सशक्त थीं. कुछ ऐसी भूमिकाएं जो सिर्फ नाम की थी. वो सीताराम पांचाल आज चले गए. दुनिया छोड़ दी उन्होंने.

अब जिंदगी के अजीब होने की कहानी. सीताराम का जिस दिन निधन हुआ है, वो निर्मल पांडे का जन्मदिन होता है. निर्मल पांडे, जिन्हें बैंडिट क्वीन के विक्रम मल्लाह समेत तमाम फिल्मों के लिए जाना जाता है. दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे. ये जानकारी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में इन दोनों के साथ रहे संजय मिश्रा ने दी.

राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके संजय मिश्रा नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में  सीताराम पंचाल और निर्मल पांडे के साथ कला की बारीकियां सीख रहे थे. एक दूसरे के साथ इन लोगों ने काफी अच्छा वक्त भी बिताया. लेकिन 10 अगस्त को सुबह 7.45 पर कैंसर से जूझ रहे सीताराम पंचाल की मौत हो गई.

अपने पुराने दिनों और दोस्त सीताराम पंचाल को याद करके संजय मिश्रा काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, 'आज का दिन बहुत दुखद है. अजीब संयोग है कि आज ही मेरे एक अजीज दोस्त सीताराम पंचाल की मौत हुई है. और आज ही मेरे दूसरे दोस्त निर्मल पांडे का जन्मदिन है. ..और ये दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे. आज वो दोनों दोस्त हमेशा के लिए साथ हो गए.' निर्मल पांडे की मौत 18 फरवरी 2010 को हुई थी.

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के अपने पुराने दिनों को याद करते हुए संजय मिश्रा कहते हैं वे तीनों 1986 बैच के थे. उन्होंने कहा, 'एनएसडी के दिनों में निर्मल पांडे और सीताराम पांचाल रूम पार्टनर थे.' वह कहते हैं कि इसे जिंदगी की पहेली ही कहेंगे कि एक का दुनिया में जिस दिन आगमन हुआ था, उसी दिन दूसरे की  रुखसती हुई.

पांचाल ने बुधवार को अपनी शादी की 26वीं सालगिरह मनाई थी. उन्हें कैंसर था. इलाज के पैसों के लिए भी उन्हें दिक्कत आई. आखिर वो दस अगस्त की सुबह संसार से विदा हुए. एक और दिलचस्प बात ये है कि जिस दिन पांचाल का निधन हुआ है, वो फूलन देवी का जन्मदिन है. फूलन देवी की जिंदगी पर बनी फिल्म बैंडिट क्वीन ही पांचाल की पहली  फिल्म थी, जिसमें उन्होंने डाकू लालाराम का रोल किया था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi