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Exclusive: एक ऑटिस्टिक बच्चे की कहानी है ‘लेट मी बी’, शिवालिक शंकर ने किया है डायरेक्ट

एक ऑटिस्टिक बीमारी से ग्रसित लड़के की कहानी है 'लेट मी बी'

Updated On: Feb 08, 2018 12:12 PM IST

Arbind Verma

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Exclusive: एक ऑटिस्टिक बच्चे की कहानी है ‘लेट मी बी’, शिवालिक शंकर ने किया है डायरेक्ट

‘लेट मी बी’ शिवालिक और पल्लवी वैद्य के जरिए लिखी गई और शिवालिक शंकर के विजन से डायरेक्ट की गई एक शॉर्ट फिल्म है. जिसे बड़ी ही खूबसूरती के साथ पर्दे पर उतारा गया है. इसमें तीन कलाकारों ने काम किया है मार्विन वेलास्को, रोड जेम्स और किम्बरिली केहो. ये अनजाने में माता-पिता के जरिए बनाई गई चुनौतियों की कहानी है जिसे एक ऑटिस्टिक बीमारी से ग्रसित लड़का रॉन झेलता है.

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लेट मी बी एक ऑटिस्टिक लड़के की है कहानी

इस फिल्म की कहानी के बारे में फर्स्ट पोस्ट से बात करते हुए शिवालिक शंकर ने बताया कि, ‘लेट मी बी’ एक ऐसे ऑटिस्टिक लड़के की कहानी है जो हर रोज नई चुनौतियों का सामना करता है. जिसकी वजह से उसके माता-पिता जेमी और मार्टिन को काफी संघर्ष करना पड़ता है. रॉन को पढ़ना, पेंटिंग्स बनाना और समंदर के किनारे पर होना बहुत पसंद है. रॉन की मां जेमी एक मेहनतकश महिला है जिसने रॉन की वजह से अपनी जवानी खो दी. रॉन के पिता एक बिजनेसमैन हैं जो रॉन की देखभाल के लिए ज्यादा वक्त घर पर ही बिताना चाहते हैं. रॉन को और खुद को संभालने के लिए हर कठिनाई का वो सामना कर रहे हैं. लेकिन उसके पिता चाहते हैं कि रॉन स्पेशल बच्चों के बीच रहे जिसे जानकर रॉन बहुत परेशान रहता है और अपनी समुद्र की काल्पनिक दुनिया में खोया रहता है. वो चाहता है कि अपने माता-पिता के साथ प्रकृति के बीच रहे. वो कई बार अपनी मां से इस बारे में बोलता भी है लेकिन उसकी मां हर बार मना कर देती है. जिसके बाद वो अपने ख्यालों की दुनिया बनाकार वहां पहुंच जाता है लेकिन उसे बाद में ये अहसास होता है कि वो तो एक सपना था.

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इस फिल्म का है एक खूबसूरत संदेश

शिवालिक ने आगे बताया कि इस फिल्म को बनाने का मकसद लोगों को इसके माध्यम से एक संदेश देना है कि इस तरह के स्पेशल बच्चों को अच्छे से केयर किया जाए. उनके साथ कोई ज्यादती न की जाए ताकि उनमें विकास की कुछ संभावना जग सके.

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