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जन्मदिन विशेष: एरॉगेंट और अक्खड़ हैं, तभी तो हीरो हैं सलमान

सलमान ब्लैक एंड वाइट का मिश्रण हैं, जो जीवन और सच्चाई के ज्यादा करीब होता है.

Updated On: Dec 27, 2018 10:13 AM IST

Swati Arjun Swati Arjun
स्वतंत्र पत्रकार

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जन्मदिन विशेष: एरॉगेंट और अक्खड़ हैं, तभी तो हीरो हैं सलमान

अब्दुल राशिद सलीम सलमान खान का आज जन्मदिन है. मैं उनसे तकरीबन डेढ़ दशक छोटी हूं और हमारा रिश्ता लगभग तीन दशक पुराना हो चुका है. ये मेरा खुद का बनाया हुआ सबसे लंबा चल रहा प्लेटॉनिक रिश्ता है.

1988 में जब एक साइड ऐक्टर के तौर पर सलमान खान की पहली फिल्म बीवी हो तो ऐसी रिलीज़ हुई थी तब मैं 7-8 साल की रही होऊंगी. तब वीसीआर पर ब्लैक एंड वाइट स्क्रीन पर जब घर के सभी सदस्य रेखा और फारुख़ शेख़ अभिनीत इस फिल्म को बार-बार देखा करते थे तब मैं भी चुपके-चुपके उस सुंदर सलोने से लड़के को एक औचक भाव से देखा करती थी. आज एहसास होता है....आइडियल फ्रेंड, आइडियल कलीग, आइडियल क्लासमेट, आइडियल ब्वॉयफ्रेंड और आइडियल पार्टनर का कंसेप्ट शायद उसी किरदार से मेरे जेहन में उतरा.

समय बदला, उम्र बदली, सोच बदला...जीवन के फलसफे भी बदल गए. असल जिंदगी के अनुभवों और रिश्तों ने आइडियल शब्द के मायने भी बदल दिए. जो नहीं बदला वो सलमान खान को लेकर मेरी पसंद और मेरी कमजोरी. जो मासूम आकर्षण से बदलकर अब एक मैच्योर पसंद में बदल चुका है. क्योंकि अब मैं सलमान खान स्टार के बजाय सलमान खान नाम के इंसान को जानने और समझने लगी थी.

लेकिन आज भी सलमान ख़ान को स्क्रीन पर देखकर, उनके बारे में सोचकर, उनकी बातें करते वक्त मैं रैशनलिटी की हद तक इरैशनल हो जाती हूं. मेरे हाथ-पांव सुन्न हो जाते हैं.

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सलमान खान पर कई तरह के आरोप भी हैं जिनपर मुकदमें चल रहे हैं

इल्जाम तो हैं पर क्या करें इंसान जो हैं

जानती हूं कि सलमान खान पर बहुत सारे इल्जाम हैं. गर्लफ्रेंड्स के साथ मारपीट के आरोप हैं, काले हिरणों का शिकार किया है, फुटपाथ पर सोए हुए मजदूरों पर गाड़ी चढ़ाई है..वगैरह...वगैरह.

ठीक है, पर शायद यही वो सारी चीजें हैं जो मेरी नजर में उन्हें ह्यूमन बनाता है. अगर वे एक रिश्ते में गलत हुए तो उनकी प्रेमिका के पास उन्हें छोड़ने कर जाने की आजादी तो थी. अगर उन्होंने किसी जानवर को मारा या किसी पर गाड़ी चढ़ाई तो अदालत में मुकदमे का भी सामना कर रहे हैं और सजा भी भुगतने को तैयार हैं. कोई भी आदमी सफेद और स्याह का मिश्रण होता है तो सलमान उससे अछूते क्यों रहे?

तस्वीर का दूसरा पहलू भी है- निजी जीवन में एक को छोड़कर उनकी बाकी गर्लफ्रेंड्स के साथ उनके आज भी अच्छे संबंध है. वे अपनी साथी फीमेल कलाकारों के बीच बहुत पसंद किए जाते हैं. हर उम्र की  साथी महिला कलाकार उनके स्वभाव की मुरीद हैं. जिस शो को वो होस्ट करते हैं वहां हमेशा महिला प्रतियोगियों को ज्यादा तरजीह देते हैं.

एक औरत होने के नाते वे मुझे इसलिए बहुत पसंद हैं क्योंकि जिस समय वे जिस औरत के साथ होते हैं, उसे स्पेशल फील कराते हैं. इतना कि वहां खड़ी या दूर से ही देख रही दूसरी महिला को ईर्ष्या हो जाए. इतना ही नहीं…जिन भी औरतों के साथ कभी उनके प्रेम या निजी संबंध रहे हैं, उनके साथ अपना रिश्ता टूट जाने पर उन्होंने कभी भी उन्हें अपने जीवन से बेदखल नहीं किया.

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सलमान अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने संबंधों को लेकर चर्चा में रहे हैं

फिर चाहे वो संगीता बिजलानी हों, सोमी अली, कैटरीना कैफ या यूलिया वंतुर. जिन औरतों से उन्होंने प्यार किया..उसे कभी छुपाया नहीं. हमेशा कहा कि- कैटरीना से शादी करना चाहते थे लेकिन उसने उन्हें रिजेक्ट किया. या फिर संगीता बिजलानी के साथ शादी के कार्ड भी छप गए थे पर ऐन मौके पर संगीता ने मन बदल लिया.

तकरीबन हर रिश्ते में लड़कियों ने सलमान को छोड़कर किसी और का दामन थामा, सलमान ने उस लड़की के फैसले को न सिर्फ इज्जत दी बल्कि उसके बाद भी उनके साथ जहीन बने रहे. ये खूबी आज भी किसी एलीट या डायवर्स बैकग्राउंड के मर्दों में मिलना मुश्किल है.

रिश्तों को महत्व

वे एक फैमिली मैन हैं. एक मां के रहते दूसरी को जीवन में वही जगह दी, दूसरी मां ने बच्ची गोद ली तो उसे अपनी सगी बहन से ज्यादा प्यार किया. मुंहबोली बहन की शादी में भाई के सारे रस्म निभाए और जब बहन अपनी शादी तोड़ती है तब भी हर समय उसके साथ खड़े रहे. भाई की पत्नी ने भले ही भाई से तलाक ले लिया हो लेकिन सलमान उनके साथ स्नेह बनाए रखे हुए हैं.

सलमान खान मेरे लिए एक आइडियल इंसान हैं. वे रूठते हैं, गुस्सा करते हैं, एरॉगेंट हो जाते हैं, बदतमीज हो जाते हैं, फिर मान जाते हैं और जब मान जाने के बाद किसी को अपने दिल में जगह दे देते हैं तो उस इंसान का उनके घर....उनकी जिंदगी...उनके सेट्स और उनकी सोच में आना जाना लगा रहता है. जैसे शाहरुख खान....

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सलमान खान और शाहरुख खान की दोस्ती भी खासा चर्चा में रही है

सलमान अपनी इन कमजोरियों, अपनी इस सोच और स्वभाव से, हममें से एक हो जाते हैं. उनका स्टार स्टेट्स फिल्मी पर्दे और टेलीविजन स्क्रीन के लिए होता है. अपने फैंस और दर्शकों के लिए वे उन जैसे ही होते हैं. वो और समय था जब हम हमारे रोल मॉडल सिर्फ अच्छाई का पुतला हुआ करते थे शायद इसलिए उन्हें रोल-मॉडल कहा जाता था. वे रोल मॉडल हमारी जिंदगी का हिस्सा नहीं हो पाते थे.

सलमान ब्लैक एंड वाइट का मिश्रण हैं, जो जीवन और सच्चाई के ज्यादा करीब होता है. शायद यही वजह है जिसने उन्हें हमारी जीने के तरीके में शामिल होने की आजादी दी है. सलमान खान मेरे लिए जिंदगी जीने का एक खूबसूरत अंदाज हैं.

वे अपने आप पर हंसते हैं, अपनी कमजोरियों को स्वीकार करते हैं, अपने रिजेक्शन को सबके सामने बेपर्दा करते हैं और जब कोई उनपर हावी होने की कोशिश करता है तो चीते की तरह छलांग लगाकर उसकी पहुंच से बहुत दूर हो जाते हैं....ये सब कुछ मुझे जीने और सर्वाइव करने का हौसला देता है...

मैं चाहती हूं वे जैसे हैं, ऐसे ही रहे... इतने ही अप्रोचबल और इतने ही अक्खड़... ताकि फिल्मी पर्दे पर रहे न रहें...असल जिंदगी में मेरे हीरो बने रहें.

( ये लेख पहले भी प्रकाशित हो चुका है )

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