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ठाकरे के राज को स्वीकार कर शाहरुख़ ने टाली मुसीबत

‘रईस’ की रिलीज को मिली मंजूरी

Updated On: Dec 12, 2016 04:21 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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ठाकरे के राज को स्वीकार कर शाहरुख़ ने टाली मुसीबत

रईस’ की रिलीज को मिली मंजूरी

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से शाहरुख़ ख़ान को अपनी फिल्म रईस की शांति से रिलीज का आशीर्वाद मिल गया है. राज ठाकरे से मुंबई के दादर में उनके घर से मिलकर निकले शाहरुख़ ख़ान ने तो मीडिया को कुछ नहीं बताया.

हाँ, राज ठाकरे ने जरूर हीरो बनते हुए जानकारी दी कि शाहरुख़ ख़ान उनको ये बताने आए थे कि उनकी फिल्म की पाकिस्तानी हीरोइन माहिरा ख़ान रईस के प्रमोशन से दूर रहेंगी.

शाहरुख़ मीडिया में वो बिना कुछ बोले चले गए और पूरा मैदान एमएनएस के खेलने के लिए छोड़ गए, राज ठाकरे ने अपनी देशभक्ति की पॉलिटिक्स पर ये कहते हुए मुहर लगा दी कि अब माहिरा ख़ान भले की फिल्म का हिस्सा रहें लेकिन शाहरुख़ ने आकर सिर झुका दिया है इसलिए वो प्रमोशन का हिस्सा नहीं होंगी तो भी चलेगा.

वैसे शाहरुख़ की फिल्म में हीरोइन प्रमोशन ना भी करे तो क्या फर्क पड़ता है. हां शाहरुख़ की राज ठाकरे से इस मीटिंग के बाद इस सवाल का फर्क जरूर पड़ता है कि महाराष्ट्र में जनता की चुनी हुई सरकार का राज चलता है या वोटरों राज ठाकरे का?

सलमान ने कराई सुलह

शाहरुख़ को मिलने का टाइम दिया, सुना है वो भी तब, जब सलमान ख़ान ने राज ठाकरे को डायरेक्ट फोन किया. उन्होंने ही राज ठाकरे से शाहरुख़ की बात करवाई, मामला फोन पर भी सुलट सकता था लेकिन मीडिया कवरेज उतना बड़ा नहीं मिल पाता इसलिए शाहरुख़ को सिर झुकाए राज के दरबार में जाना पड़ा.

राज ठाकरे से मिलते शाहरूख़. फोटो. न्यूज हेल्पलाइन.

राज ठाकरे से मिलते शाहरूख़. फोटो. न्यूज हेल्पलाइन.

सलमान की इन दिनों राज ठाकरे से दोस्ती है इसलिए सलमान ख़ान का कद इन दिनों तीनों खानों से ऊंचा लगने लगा है. ऐसा ही एक बार करन जौहर कर चुके हैं जब उनकी फिल्म वेकअप सिड’ रिलीज हुई थी, उस वक्त फिल्म के एक डायलॉग में मुंबई की जगह बॉम्बे शब्द का इस्तेमाल कर लिया गया था. जिस पर एमएनएन ने फिर से अपनी देशभक्ति दिखाते हुए वेकअप सिड की रिलीज पर थिएटर्स में तोड़फोड़ करने की धमकी दे दी थी. तब राज ठाकरे के सामने नाक रगड़कर करन जौहर ने मामला सुलझाया था.

पहले करन जौहर बने निशाना

18 सितंबर को उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकवादी हमले के बाद राज ठाकरे की पार्टी ने पाकिस्तानी एक्टर्स को 48 घंटे में इंडिया छोड़कर चले जाने की धमकी दी थी. जिसके बाद फ़वाद ख़ान तुरंत ही पाकिस्तान चले गए थे.

फ़वाद की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ दीवाली पर रिलीज हुई, फिल्ममेकर करन जौहर को एमएनएस ने इतनी धमकियां दीं कि उनको प्रड्यूसर्स की पूरी टीम लेकर सीएम देवेन्द्र फड़नवीस के दरबार में जाना पड़ा. सीएम ने मीटिंग कराई पर पूरा क्रेडिट राज ठाकरे ने लूट लिया. ये कहते हुए कि शहीदों के परिवार को करन जौहर को पांच करोड़ रुपए देने पड़ेंगे.

खैर, फ़वाद ख़ान के कई शाट्स काटने के बाद फिल्म रीलीज हो गई. इस फिल्म में शाहरुख़ ख़ान का एक छोटा सा कैमियो रोल भी था. उस वक्त शाहरुख़ ने कुछ नहीं बोलना ही ठीक समझा, क्योंकि शाहरुख़ ने पक्के तौर पर उस वक्त ये फैसला नहीं लिया था कि उनको अपनी फिल्म ‘रईस’ जनवरी में रिलीज करनी है.

रईस के लिए कुछ भी करेगा 

शाहरुख़ के सामने बड़ी मुश्किल फिल्म ‘रईस’ की रिलीज डेट 26 जनवरी को ऐलान करने के साथ आ ही गई. वजह उनकी हीरोइन माहिरा ख़ान हैं, जो पाकिस्तानी हैं. एमएनएस ने पहले से ही ये धमकी दे रखी है कि जिस भी फिल्म में पाकिस्तानी एक्टर्स होंगे उनको इंडिया में रिलीज ही नहीं होने दिया जाएगा.

रईस शाहरुख़ ख़ान के दिल का बड़ा ही करीबी प्रोजेक्ट है, शाहरुख़ पिछले काफी टाइम से रईस में लगे हैं और रईस को ब्लॉकबस्टर बनाना शाहरुख़ का पहला फोकस है. इसके लिए सबसे जरूरी है कि रीलीज शांति से कराई जा सके. इसलिए शाहरुख़ को खुद ही रिलीज का रोड़ा एमएनएस से डील करने जाना पड़ा.

हालांकि फिल्म के एक और प्रड्यूसर रीतेश सिद्दवानी राज ठाकरे से मिलने के लिए काफी बार टाइम मांग चुके थे.  लेकिन राज तो राज हैं, बिना लाइम लाइट में आए कोई मुद्दा अगर हल हो जाए तो फिर हंगामा किस काम का?

मुंबई में एमएनएस का राज?

ठीक वैसा ही हाल कल शाहरुख़ ख़ान का भी हुआ. राज के दरबार में सिर झुकाने के बाद शाहरुख़ पूरी तरह से राज ठाकरे के सामने सरेंडर नजर आए. इसलिए मीडिया में वो बिना कुछ बोले चले गए और पूरा मैदान एमएनएस के खेलने के लिए छोड़ गए, जिसका पूरा फायदा राज ठाकरे ने उठाया, अपनी देशभक्ति की पॉलिटिक्स पर ये कहते हुए मुहर लगा दी कि अब माहिरा ख़ान भले की फिल्म का हिस्सा रहें लेकिन शाहरुख़ ने आकर सिर झुका दिया है इसलिए वो प्रमोशन का हिस्सा नहीं होंगी तो भी चलेगा.

वैसे एमएनएस से कौन ये पूछे कि फवाद ख़ान भी तो ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के प्रमोशन का हिस्सा नहीं थे तो उनकी फिल्म को रिलीज क्यों नहीं होने दिया. थिएटर्स वालों को धमकियां दी गईं कि ‘ऐ दिल है मुश्किल रिलीज’ की तो तोड़फोड़ के लिए तैयार हो जाएं.

सरकार पर नहीं भरोसा?

अब इसमें गलती स्टार्स की है जो वो भागे भागे राज ठाकरे के पास चले जाते हैं, या सरकार की. सरकार आज तक ये भरोसा नहीं दिला पाई है कि फिल्मों से एंटरटेनमेंट टैक्स तो वो कमाएंगे लेकिन सिक्टयूरिटी के लिए आपको अपनी जुगाड़ खुद करनी पड़ेगी.

ऐसे में मजबूरी फिल्म प्रड्यूसर्स की ही ज्यादा बन जाती है, जिनका सब कुछ रिलीज तक दांव पर लगा होता है. इस तरह की धमकी पॉलिटिक्स महाराष्ट्र में कब तक चलती रहेगी इस पर भी सरकार का तो कम से कम कोई ध्यान ही नहीं है. ऐसे में धमकी वालों को जरूर अपनी पॉलिटिक्स चमकाने का मौका मिल रहा है.

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