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'गॉडफादर' से 'मूनलाइट' तक विवादों के साये में ऑस्कर

कुछ ऐसे किस्से जब फिल्मों के सर्वश्रेष्ठ योगदान की जगह विवादो के कारण सुर्खियों में आए ऑस्कर अवॉर्ड

FP Staff Updated On: Feb 01, 2018 08:48 AM IST

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'गॉडफादर' से 'मूनलाइट' तक विवादों के साये में ऑस्कर

ऑस्कर जितना बड़ा अवॉर्ड है उतना ही विवादित भी है. कभी यह हॉलीवुड की पॉलिटिक्स के चलते विवादों में आ जाता है. तो कभी इस पर फिल्मों के प्रचार के भारी अभियान के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने का आरोप लगता है. कोडक थिएटर के इस मंच का इस्तेमाल कभी किसी ने राजनीतिक मुद्दों के लिए किया तो कभी इस पर भेदभाव के आरोप लगे. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ समारोह जब ऑस्कर रहा विवाद में.

श्वेत-अश्वेत के भेदभाव के आरोप मे दबा ऑस्कर

gone with the wind

ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत तो साल 1929 से ही हो गई. लेकिन किसी अश्वेत कलाकार तक पहुंचते-पहुंचते इसको 10 साल लग गए. साल 1939 में आई फिल्म गॉन विद द विंड के लिए हैथी मैकडैनियल को बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए ऑस्कर मिला. अवॉर्ड की विजेता होने के बाद भी वह ऑस्कर में हो रहे भेदभाव के शिकार से न बच सकीं. हैथी को उसी अवॉर्ड समारोह में बाकी की कास्ट से दूर बहुत पीछे की सीट पर बैठना पड़ा. इसके बाद भी ऑस्कर में श्वेत- अश्वेत कलाकारों में भेदभाव का आरोप लगातार लगता आया है.

जब गॉडफादर ने अलग ही अंदाज में ऑस्कर लेने से किया मना

Marlon Brando

द गॉडफादर के अभिनेता मार्लन ब्रांडो ने साल 1973 में अपनी जगह नेटिव अमेरिकन कमेटी की प्रसिजेंट सशीन लिटिलफेदर को भेजा. सशीन मंच पर पहुंची और बोलीं ब्रांडो ये पुरस्कार ग्रहण नहीं करेंगे. ब्रांडो ने उनके जरिए संदेश भेजा था कि वह फिल्म उद्योग में मूल अमेरिकियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के चलते यह पुरुस्कार नहीं ले रहे हैं. पहली बार किसी ने अकादमी पुरस्कार के इस मंच का उपयोग राजनीतिक वक्तव्य के लिए किया था.

पहली बार मरणोपरांत मिला ऑस्कर

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साल 2009 में बेस्ट सपोर्टिंग रोल का ऑस्कर अवॉर्ड हीथ लेजर को मिला. लेकिन ऑस्कर लेने के लिए हीथ वहां मौजूद नहीं थे. उनकी कुछ महीने पहले ही ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई थी. द डार्क नाइट में जोकर के किरदार के लिए मरणोपरांत उनको यह अवॉर्ड मिला. ऐसा ऑस्कर के इतिहास में पहली बार हुआ था. इस कैटेगिरी में राबर्ट डाउनी जूनियर भी नॉमिनेट हुए थे.

गलती से मूनलाइट की जगह ला ला लैंड को दे दिया अवार्ड

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दुनियाभर में ऑस्कर तकनीक के लिए बेहतरीन अवॉर्ड माना जाता है लेकिन गलती किस से नहीं होती. ऐसा ही हुआ पिछले ऑस्कर समारोह में जब गलती से सर्वश्रेष्ट फिल्म के अवॉर्ड की घोषणा में 'ला ला लैंड' का नाम घोषित कर दिया. लेकिन जब फिल्म के प्रोड्यूसर ने लिफाफे को दोबारा देखा तो उस पर 'मूनलाइट' का नाम लिखा था. जिसके बाद मंच पर पहुंच चुकी 'ला ला लैंड' की टीम को वापस नीचे आना पड़ा. अवॉर्ड 'मूनलाइट' को दिया गया.

जब ऑस्कर्स में उड़ाया ट्रंप का मजाक

इसी ऑस्कर समारोह में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी निशाने पर लिया गया. दरअसल ट्रंप ने मेरिल स्ट्रीप के एक अवॉर्ड समारोह में दिए भाषण पर ट्वीट करते हुए उन्हें ओवर रेटेड एक्ट्रेस कहा था. जिसके विरोध मे 89वें ऑस्कर समारोह में होस्ट जिमी किमेल ने अवॉर्ड के दौरान कुछ ट्वीट्स किए. किमेल ने ट्वीट किया 'हे डॉनल्ड ट्रंप यू अप' इसके बाद किमेल ने दूसरे ट्वीट में कहा कि मेरिल स्ट्रीप हाय कह रहीं हैं. ट्विटर पर इस ट्वीट को कई बार रिट्वीट भी किया गया. लाला लैंड वाले विवाद के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने भी वापस ऑस्कर्स के मजे ले लिए थे.

तमाम संगठनों के विरोध के बाद भी मिला ऑस्कर

1977 में रेडग्रेव ने फिलिस्तीनी लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन के बारे में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई थी. जिसके बाद से उनका विरोध शुरू हो गया था. उसके अगले साल उन्हें जूलिया फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का ऑस्कर पुरस्कार मिला. उनका कुछ संगठन जमकर विरोध कर रहे थे. बावजूद इसके उन्हें ऑस्कर मिला.

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