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खुले में शौच मजबूरी नहीं एक मानसिकता है : भूमि पेडनेकर

अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की हीरोइन हैं भूमि

Sunita Pandey Updated On: Jul 23, 2017 10:50 AM IST

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खुले में शौच मजबूरी नहीं एक मानसिकता है : भूमि पेडनेकर

आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण भारत की आधी आबादी खुले में शौच करने को विवश है. इसे भारत की गरीबी के तौर पर भी पेश किया जाता रहा है. मौजूदा सरकार ने इस समस्या को स्वच्छता अभियान के तहत एक मुहिम का रूप दे रखा है.

इसी मुद्दे पर अक्षय कुमार जल्द ही फिल्म 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' के साथ बॉक्स ऑफिस पर हाजिर हो रहे हैं, जिसमें इस मुद्दे को काफी संजीदा तरीके से उठाया गया है.

फिल्म 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' में अक्षय कुमार के साथ मुख्य भूमिका निभा रही भूमि पेडनेकर इस मुद्दे को मजबूरी कम मानसिकता ज्यादा समझती हैं. उनके मुताबिक, "खुले में शौच की समस्या को गरीबी से जोड़ा जाना सही नहीं है."

भूमि का कहना है कि, "शूटिंग के दौरान उन्हें कई ग्रामीण क्षेत्रों में जाने का मौका मिला. जहां उन्होंने देखा कि लोग यहां तक कि महिलाएं भी इस मुद्दे को सीरियसली नहीं लेती. कई घरों में टॉयलेट बने हुए थे, लेकिन उसका उपयोग किसी अन्य काम जैसे सामान रखने के गोडाउन या रहने के लिए किया जा रहा है. जबकि महिलाएं लोटा लेकर खेतों की ओर जाती हुई दिखाई दी. यह दृश्य उनके लिए काफी चौकाने वाला था."

फिल्म को लेकर भूमि कहती हैं, "ये फिल्म एक यूनीक कॉन्सेप्ट पर बेस्ड है. इस फिल्म का उद्देश्य खासतौर से रूरल एरिया के लोगों को अपने घरों में शौचालय बनाने के लिए मोटिवेट करना भर नहीं है, बल्कि उसके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना भी है.

श्री नारायण सिंह के निर्देशन में बनी 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' एक ऐसी रोमांस-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें शौचालय ना होने जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को महत्व देते हुए, इसे मनोरंजक तरीके से दर्शाया गया है.

इस फिल्म को अपने लिए एक उम्दा अनुभव मानते हुए भूमि पेडनेकर कहती हैं 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' एक हास्य-व्यंग्य फिल्‍म है, जो ग्रामीण इलाकों में स्‍वच्‍छता के महत्‍व जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डालती है. इस फिल्म के दौरान उन्हें कई अलग और रोमांचक अनुभवों से गुजरना पड़ा. आज वो ग्रामीण भारत की कई और समस्याओं से भी बखूबी वाकिफ हैं.

अक्षय कुमार की अनुपस्थिति में फिल्म के प्रमोशन का जिम्मा संभाल रही भूमि पेडनेकर के मुताबिक, "'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' मेरे लिए डेब्यू फिल्म जैसी है. बतौर एक्टर देश में बदलाव लाने की जिम्मेदारी हमारी भी है."

बता दें कि टॉयलेट एक प्रेम कथा भूमि पेडनेकर की दूसरी फिल्म है. इसके पहले वो 'दम लगा के हईशा' में अपने शानदार अभिनय के लिए नेशनल अवार्ड भी जीत चुकी हैं.

उनके मुताबिक, "इस फिल्म के साथ वह बॉलीवुड में दोबारा शुरुआत करने जैसा महसूस कर रही हैं. मैंने सिर्फ दो फिल्में की हैं, इसलिए मैं नहीं जानती कि चीजें आगे कैसी होंगी..खासतौर पर मेरे लिए क्योंकि मुझे यह दोबारा लॉन्च होने जैसा लग रहा है."

गंभीर सोशल मुद्दे से जुड़े होने के कारण इस फिल्म को कई राज्य सरकारों ने टैक्स फ्री करने का भी आश्वासन दिया है. जिस पर खुशी जताते हुए भूमि कहती हैं, "फिल्म अगर टैक्स फ्री होती है तो और भी अच्छी बात है क्योंकि इससे फिल्म अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचेगी."

अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर स्टारर इस फिल्म में एक लड़की की कहानी दिखाई गई है, जो ससुराल में टॉयलेट ना होने पर घर छोड़कर चली जाती है. पत्नी के घर छोड़ने के बाद पति के रोल में अक्षय कुमार गांव के घर-घर में टॉयलेट बनवाने के लिए एक मुहिम छेड़ देते हैं. ये फिल्म 11 अगस्त को रिलीज हो रही है.

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