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कमांडो की भूमिका मेरे दिल के करीब: निमरत कौर

अपने वेब सिरीज द टेस्ट केस में निमरत एक आर्मी ऑफिसर की भूमिका निभा रही हैं

Updated On: May 08, 2017 02:21 PM IST

Runa Ashish

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कमांडो की भूमिका मेरे दिल के करीब: निमरत कौर

मैंने जब पहली बार अपनी फिल्म के लिए वर्दी पहनी थी तो मुझे मेरे पिता की याद आई थी. अपने वेब सिरीज द टेस्ट केस  में मैं एक आर्मी ऑफिसर की भूमिका में हूं. उस दिन बस पापा बहुत याद आए. उनका नाम स्वर्गीय मेजर भूपेंदर सिंह है. निमरत के पिता को 1994 में कश्मीरी आतंकवादियों ने अगवा करके मौत के घाट उतार दिया गया. निमरत उस समय महज 12 साल की थीं.

निमरत कौर इन दिनों एकता कपूर के ऑल्ट बालाजी ऐप के शो में एक ऐसी महिला कमांडो के रूप में दिख रही हैं जिसे एक प्रयोग के तौर पर कमांडो ट्रेनिंग में भेजा गया है. जहां उन्हें पुरुष साथी सैनिकों के बीच कमांडो की ट्रेनिंग मिलती है. वो इस ट्रेनिंग में पहली और अकेली महिला हैं जो कमांडो ट्रेनिंग कर रही हैं. ऐसे में उन्हें कई बार महिला होने की वजह से काफी कुछ सुनना और सहना पड़ता है. उनसे बात कर रही हैं फ़र्स्टपोस्ट की संवाददाता रूना आशीष.

निमरत बताती हैं कि मुझे ये किरदार निभाने में उतनी ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ा जितना कि किसी को भी करना पड़ता. क्योंकि मैं एक आर्मी ऑफिसर नहीं रही हूं. हां मैंने आर्मी वाला माहौल जरूर देखा है. लेकिन अगर मैं ये कह दूं कि मैं इसी तरह के माहौल में रही हूं इसलिए ये मेरे लिए आसान रहा तो यह गलत होगा. मैं यह जरूर कहूंगी कि ये रोल मैंने किया ही इसलिए क्योंकि ये मेरे दिल के करीब था.

इसकी शूटिंग में आपके सामने कैसी परेशानियां आईं?

मेरे लिए परेशानी इतनी थी कि मैं कैसे अपने आप को एक्ट्रेस ना बता कर भी एक्टिंग कर सकूं. आर्मी ऑफिसर एक्टिंग नहीं करता वह सिर्फ आर्मी ऑफिसर होता है. मेरे लिए अपने आपको इस लालसा से बचाना एक बड़ी परेशानी थी. मुझे रियल लगते हुए एक्टिंग करनी थी.

महिला के लिए आर्मी में आना कितना मुश्किल लगा आपको?

महिलाओं के लिए यह बहुत कठिन होता होगा. आर्मी की ट्रेनिंग बहुत मेहनत का काम है. महिलाएं खास तरीके के परिश्रम के लिए डिजाइन हीं होती हैं. ऐसे काम पुरुष ज्यादा ठीक से करते हैं. मुझे लगता है कि महिला और पुरुष से एक समान शारीरिक परिश्रम कराना ठीक नहीं है. दोनों की अपनी शारीरिक खूबियां होती है.

आपकी मां ने शो देख कर क्या कहा?

मेरी मां को शो बहुत पसंद आया है. उन्हें सभी का काम पसंद आया. उन्हें शो का कॉन्सेप्ट अच्छा लगा. वैसे भी उनकी एक हां मेरे लिए बहुत मायने रखती है. अगर वो खुद को इस शो से रिलेट कर सकती हैं तो बस यही मेरी तो जीत है.

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