विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के हक में महाराष्ट्र सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

राज्य सरकार ने फिल्म और टीवी कामगारों पर भी ट्रेड यूनियन के नियम लागू करने के लिए रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं

Rajni Ashish Updated On: Sep 06, 2017 08:13 PM IST

0
फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के हक में महाराष्ट्र सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

लगभग 16 दिनों हड़ताल पर बैठ चुके फिल्म और टीवी कामगारों के पक्ष में महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने सोमवार को हुई फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज और निर्माताओं की बैठक में घोषणा की कि फिल्म और टीवी कामगारों पर भी ट्रेड यूनियन के नियम लागू होंगे और इन कामगारों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिती में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर ये नियम लागू हो जाते हैं तो फिल्म और टीवी कामगारों को आठ घंटे की शिफ्ट में काम करना पड़ेगा और कामगारों को भविष्य निधि, साप्ताहिक और अन्य अवकाश की सुविधा मिलेगी साथ ही उन्हें मेडिकल, उचित स्वास्थ्य सेवा का लाभ भी मिलेगा.

FWICE और प्रोड्यूसर्स के साथ हुई बैठक 

महाराष्ट्र सरकार ने 4th सितंबर को दोपहर 12 बजे फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज और निर्माताओं की बैठक मंत्रालय में बुलाई थी. यह बैठक महाराष्ट्र सरकार के कामगार मंत्री संभाजी पाटिल निलंगेकर ने मंत्रालय की सातंवी मंजिल पर स्थित परिषद सभागृह क्रमांक पांच में बुलाई थी. जिसमें भाजपा के मुंबई अध्यक्ष और विधायक आशीष शेलार, पूर्व विधायक तथा नगरसेवक अतुल शहा, प्रधान सचिव (कामगार), कामगार आयुक्त, फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के पदाधिकारी और प्रतिनिधि तथा प्रोड्युसर अशोसिएशन के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित लोग मौजूद थे. इस बैठक में फेडरेशन की ओर से प्रेसिडेंट बी.एन. तिवारी, जनरल सेक्रेटरी दिलीप पिठवा, आशीष रेगे, राजा खान, जुलेखा, एजाज गुलाब, जोखिम रिवेलो, सुभाष शाहू, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, फिरोज खान, राज सुर्वे, अर्चना शर्मा, हरमन पवार, इस्जाईज शेख जैसे कई मेंबर्स शामिल हुए और निर्माताओं की ओेर से जे डी मजिठिया, अभिमन्यु सिंह, राकेश पासवान, विनोद छावड़ा, प्रभात पांडे, नितीन वैद्य, गुलखान, शौरभ तिवारी आदि मौजूद थे.

सरकार ने तलब की रिपोर्ट 

लगभग चार घंटे तक चली यह बैठक मंत्रालय में दो चरणों में हुई. जिसमें श्रममंत्री ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर फिल्म और टीवी कामगारों को ट्रेड यूनियन के कामगारो की तरह मिलने वाली सुविधा दिलाने के लिये नियम बनाने के लिये एक रिर्पोट बनाई जाये, जिससे जल्द से जल्द फिल्म और टीवी कामगारों को सभी सुविधाएं मिल सकें. आपको बता दें कि लगभग 100 साल के सिनेमा निर्माण के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि फिल्म और टीवी कामगारों के लिये ट्रेड यूनियन के नियम बनाये जाने वाले हैं.

फेडरेशन है सरकार के फैसले से खुश

BN TIWARI

फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी और जनरल सेक्रेटरी दिलीप पिठवा के मुताबिक फेडरेशन लंबे समय से मांग करता रहा है कि आठ घंटे की शिफ्ट हो और हर अतिरिक्त घंटे के लिये डबल पेमेंट हो. हर क्राफ्ट के सभी कामगारों , टैक्निशियनों और कलाकारों आदि की चाहे वह मंथली हो या डेलीपैड, पारिश्रमिक में तत्काल वाजिब बढ़ोत्तरी, बिना एग्रीमेंट के काम पर रोक, मिनीमम रेट से कम पर एग्रीमेंट नहीं माना जायेगा. साथ ही जॉब सुरक्षा , उत्तम खानपान और सरकार द्वारा अनुमोदित सारी सुविधाएं और ट्रेड यूनियन के प्रावधान हमारी प्रमुख मांग है. मगर निर्माता हमारी मांग को लगातार नजरअंदाज कर रहे थे. आज हुई बैठक में जिस तरह से महाराष्ट सरकार ने हमारे पक्ष को समझा और फिल्म और टीवी कामगारों को ट्रेड यूनियन के कामगारों की तरह सुविधा देने का बीड़ा उठाया है उसके लिये हम उसके आभारी हैं. खासकर महाराष्ट सरकार के कामगार मंत्री संभाजी पाटिल निलंगेकर ,भाजपा के मुंबई अध्यक्ष और विधायक आशीष शेलार, पूर्व विधायक तथा नगरसेवक अतुल शहा के हम आभारी रहेंगे.

हड़ताल से पड़ा था काम पर असर

फिल्म और टीवी इंडस्ट्रीज में काम करने वाले 2.50 लाख कर्मचारी हड़ताल पर थे. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज की ओर से आयोजित फिल्म और टीवी कामगारों की 22 युनियन पिछले 14 अगस्त की रात 12 बजे से हड़ताल पर चले गए थे. इस हड़ताल से कई फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग पर भी असर पड़ा.

कई पॉपुलर सीरियल्स और फिल्म्स की शूटिंग पड़ा था असर

77226704-kbc_6

इस स्ट्राइक का अमिताभ बच्चन के पॉपुलर गेम शो केबीसी की शूटिंग, कपिल शर्मा के कॉमेडी शो 'द कपिल शर्मा शो' की शूटिंग और संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की शूटिंग पर असर पड़ा था. कपिल के शो में गेस्ट के तौर पर आए सिंगर और बीजेपी नेता मनोज तिवारी के साथ शूट भी इसी हड़ताल की वजह से कैंसिल हुआ था .मनोज को बिना एपिसोड शूट किये ही वापस जाना पड़ा था. इन शो और फिल्म्स के अलावा भी कई और भी शूटिंग प्रोजेक्ट्स पर भी इस स्ट्राइक की वजह से खासा असर देखने को मिला था.

चैनल और प्रोड्यूसर्स की टीम मिली थी सीएम फडनवीस से

cm with producers

इससे पहले इस स्ट्राइक के बीच इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स कॉउंसिल (IFTPC) का एक दल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस से मिला था और हड़ताल से शूटिंग में हो रही परेशानी से उन्हें अवगत करवाया. इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स कॉउंसिल (IFTPC) टीवी विंग के को-चेयरपर्सन जेडी मजिठिआ, जी टीवी के सीईओ पुनीत गोयनका, एकता कपूर (बालाजी टेलीफिल्म्स), श्यामाशीष भट्टाचार्य (शंकुन्तलम फिल्म्स ) और नितिन वैद्य जैसे चैनल और प्रोड्यूसर्स गुट के कई लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मौजूदा संकट से अवगत कराया था.

गुटों में हुआ था टकराव

IMG-20170816-WA0005

इस फेडरेशन से कामगारों की 22 यूनियन जुड़ी हुई हैं, मगर अलाइड मजदूर यूनियन (AMU) दो धड़ों में बंट गया था, जिसमें से एक हड़ताल के विरोध में था. सूत्रों के मुताबिक हड़ताल के वक्त मारपीट की घटना के बारे में भी पता चला जिसकी वजह से पुलिस को हड़ताल वाले स्पॉट पर जाकर बीच बचाव करना पड़ा था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi