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Interview : Hate बड़ा स्ट्रांग शब्द है उसे तवज्जो मत दीजिए - के के मेनन

सोशल मीडिया ट्रोलर्स-हेटर्स को केके मेनन ने दी है नई सीख

Updated On: Nov 15, 2017 01:01 AM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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Interview : Hate बड़ा स्ट्रांग शब्द है उसे तवज्जो मत दीजिए - के के मेनन

के के मेनन, ऐसे एक्टर हैं जिनके बारे में पिछले बीस साल के उनके करियर के दौरान सिर्फ एक्टिंग की ही बात हुई है. हर फिल्म में उनके काम की तारीफ की जाती है. सफलता के इस शिखर पर पहुंचने के बाद भी केके लाइमलाइट से दूर ही रहते हैं. फिल्मों की रिलीज को छोड़कर मीडिया में उन्हें कम ही स्पॉट किया जाता है.  केके पहली बार सोशल मीडिया पर एक्टिव हुए हैं. इस मौके पर उनसे फर्स्टपोस्ट ने की उनके साथ खास बातचीत

आप सोशल मीडिया को जॉइन करने में लेट तो नहीं हो गए?

मैं इतनी जल्दी किसी क्षेत्र में घुसता नहीं हूं, जब तक मुझे लगता नहीं है कि वो परिपक्व हो गया है. सोशल मीडिया का अब बड़ा स्टेबल दौर है. मुझे अब लगा कि मुझे भी यहां पर आना चाहिए. सच कहूं तो पहले मुझे सोशल मीडिया का ज्ञान काफी कम था. ये वायरल हो गया... वो वायरल हो गया..ये मैं काफी वक्त से देखता रहा हूं और मैं इतना बिजी रहने वाला इंसान हूं कि मैं ज्यादा ध्यान नहीं दे पाया.

जब मैंने सोशल मीडिया का करीब से जानना शुरू किया तब पता चला कि ये कितना पावरफुल मीडियम बन चुका है. ये डायरेक्ट है, इसके लिए वक्त की कोई पाबंदी नहीं है...और ये हर व्यक्ति तक पहुंचता है और वो अपनी सुविधा के मुताबिक इसे देखता है. ये इतना सशक्त है कि मैं अगर रात को 12 बजे भी अपना काम खत्म करके आता हूं तो मैं सोशल मीडिया पर लोगों से कनेक्ट कर सकता हूं. किसी को हम हर बार फोन तो नहीं लगा सकते लेकिन उनके सोशल मीडिया से ये जरूर जान सकते हैं कि उनकी जिंदगी में आखिर चल क्या रहा है?

हमारे जैसे लोग जो अपने काम को लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं और वो अगर उन्हें प्रमोशन के माध्यम से करना पड़े तो उसके लिए आपके पास कुबेर का खजाना होना चाहिए. लेकिन सोशल मीडिया ने आकर इस सिनेरियो को ही पूरा बदल डाला है और ये करीब-करीब फ्री है.

क्या आपको लगता है कि सोशल मीडिया बाकी मीडिया को रिप्लेस कर देगा?

मैं इसका जवाब कुछ इस तरह से देना चाहता हूं कि एक माध्यम है सिनेमा, दूसरा माध्यम है वेब सीरीज. इन दोनों में ही एक्टर की जरूरत रहेगी. अब मैं दोनों ही मीडियम में एक्टिंग ही करूंगा. ऐसे ही मीडिया में भी  दोनों की अपनी-अपनी वैल्यू है. सोशल मीडिया परंपरागत मीडिया के एक एक्सटेंशन ही है.

आप मीडिया में काफी कम नजर आते हैं?

मेरा मानना है कि मैं मीडिया में तभी जाऊं जब मेरे पास कुछ नया हो बताने के लिए. इसलिए में मीडिया में जिम्मेदारी के साथ आना पसंद करता हूं. कोई भी माध्यम दो-धारी तलवार है. इसलिए उसका यूज बड़ी ही जिम्मेदारी से होना चाहिए. और मैं इस बात को मानता हूं कि कॉन्ट्रोवर्सी क्रिएट करने का हुनर मेरे अंदर नहीं है. वो किएटिविटी मेरे पास नहीं है और लोग उसकी अपेक्षा मुझसे करें भी नहीं.

ट्रोलर्स को कैसे कंट्रोल करेंगे?

ऐसा घर दिखा दो जहां पर थोड़ी बहुत गंदगी न हो. आपको खुद ही ये गंदगी साफ करनी पड़ेगी. ब्लॉक कर दीजिए ऐसे लोगों को तो साफ हो गया मामला. दूसरी एक और बात है कि दिल पर मत ले. दोनों में से जिसमें आप कंफर्टेबल हैं वो अपना लें. हेट अपने आप में एक बहुत स्ट्रांग शब्द है उसे सपोर्ट करने की जरूरत नहीं है. जितना आप इसे तवज्जो देंगे ये उतना ही फैलता जाएगा.

#wednesdaywisdom #quotestoliveby #quoteoftheday #actorslife

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वेब मीडियम में आप क्या करने जा रहे हैं?

वेब सीरीज में मैं बड़ा क्लीयर हूं कि ये एक ऐसा माध्यम है जहां आप शिद्दत से काम करो तो बहुत कुछ कर सकते हो, एक कहानी को कहने के लिए आपके पास बहुत समय है. फिल्म की तरह सिर्फ ढाई घंटे में आप सीमित नहीं हो. क्रिएटिविटी दिखाने के लिए आपके पास काफी वक्त होता है. मेरी ये दरखास्त है कि जो क्रिएटिविटी दिखाने का मौका आपको यहां मिल रहा है उसे टीवी की तरह खराब मत कीजिए. बहुत संजीदगी से इसका इस्तेमाल कीजिए. वेब सीरीज में जब भी मैं आऊंगा तो अगर सेंट्रल किरदार होगा तभी आऊंगा, मैं चाहता हूं कि अपने दम पर मैं हाउस ऑफ कार्ड्स करूं या नारकॉस करूं. बड़े बजट की फिल्मों में हमें वो सब करने का मौका नहीं मिलता लेकिन वेब सीरीज में हमें ऐसा करने की जिम्मेदारी उठानी होगी.

इन दिनों नाम कमा रहीं छोटे बजट की सफल फिल्मों पर आपकी क्या राय है?

मेरा मानना ये है कि आप जो भी कुछ बनाओ वो बिलीवेबल बनाओ.  हमारे यहां पर ये प्रचलन है कि जो भी बेलिवेबल है उसे अनबिलिवेबल बनाने की कोशिश होती है. मैं ऐसी फिल्मों को एंटी ग्रेविटी फिल्में बोलता हूं. आमिर खान की जो भी फिल्में करते हैं वो बिलिवेबल करते हैं. राजू हीरानी भी वैसा ही करते हैं. लेकिन ये सब करने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है.

आपकी कौन सी नई फिल्में आ रही हैं?

मेरी अगली फिल्म है वोदका डायरीज. जो जनवरी में रिलीज हो रही है. एक इनवेस्टिगेटर की कहानी है जो अपना काम करते करते एक साइक्लॉजिकल थ्रिलर में फंस जाता है. एक और मैंने चंबल में फिल्म की है उसका नाम है फेमस, जिसमें जिमी शेरगिल भी मेरे साथ हैं. जो जल्दी ही आपको थिएटर्स तक आने के लिए मजबूर कर देंगी.

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