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बॉलीवुड में महिला कलाकारों के साथ न्याय नहीं होता: कंगना

कंगना का कहना है कि उन्होंने कई फिल्में इसलिए छोड़ दीं क्योंकि उन्हें हीरो के बराबर पैसा नहीं दिया गया

Updated On: Feb 17, 2017 12:09 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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बॉलीवुड में महिला कलाकारों के साथ न्याय नहीं होता: कंगना

अपनी बेबाक बयानी के लिए मशहूर कंगना हमेशा किसी न किसी मुद्दे को लेकर मुखर रहती हैं. इस बार उन्होंने ऐसे मुद्दे को उठाया है जिसे जानते तो सब हैं, लेकिन शायद ही कोई इस बारे में बात करने की हिम्मत जुटाए लेकिन कंगना की बात ही कुछ और है.

कंगना के मुताबिक ‘बॉलीवुड में जेंडर इनक्विलिटी सबसे ज्यादा है’. यहां महिला कलाकारों के साथ भेदभाव किया जाता है. किसी भी फिल्म की कामयाबी में हीरोइन का रोल भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है लेकिन अभिनेत्रियों को अभिनेताओं के मुकाबले काफी कम मेहनताना दिया जाता है.

कपिल शर्मा के शो पर रंगून का प्रमोशन करने आईं कंगना

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कंगना के मुताबिक ‘मैंने कई बार इस असमानता के खिलाफ आवाज उठाई है लेकिन मुझे किसी का साथ नहीं मिला’. कई फ़िल्में सिर्फ मेरी वजह से चलती हैं तो मैं ज्यादा पैसे क्यों ना मांगू?  मैंने इसी वजह से कई फ़िल्में ठुकरा दी क्योंकि निर्माता मुझे हीरो के बराबर पैसे देने को तैयार नहीं था.

इन दिनों अपनी फिल्म ‘रंगून’ के प्रमोशन में जुटी कंगना इस फिल्म के बारे में कहती हैं कि 'रंगून तीन लोगों के रोमांस की कहानी है’, मैं फिल्म में जूलिया का किरदार निभा रही हूं जिसे दो लड़कों से प्यार हो जाता है. 'रंगून' जूलिया के ऐंबिशन और जिंदगी में उसके संघर्ष की कहानी है जो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान की है, फिल्म की कहानी में यह भी दिखाया गया है कि यह युद्ध तीनों की जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है.'

कंगना का कहना है कि 'रंगून' में काम करने के बाद मेरे अंदर भी कई बदलाव आएं हैं. हम जिस दुनिया में रहते हैं वह बेहद सुरक्षित है. हमारी पीढ़ी के लोग करगिल के अलावा किसी दूसरे विश्व युद्ध से वाकिफ नहीं है. मैं तो भगवान से यही प्रार्थना करती हूं कि कभी कोई युद्ध न देखना पड़े. उस समय के हालात और लोग ऐसे थे कि लोगों ने आजादी की इच्छा को अपना पैशन बना लिया था.'

वुमन सेंट्रिक फिल्में एक तरह से कंगना की पहचान बन गयी हैं. कंगना के मुताबिक महिला प्रधान फ़िल्में हालांकि उतनी सफल नहीं होती फिर भी मैं इस तरह का इसलिए जोखिम उठाती हूँ क्योंकि मैं महिला सशक्तिकरण में यकीन रखती हूँ. ऐसी फ़िल्में मेरी जरूरतों से ज्यादा मेरे निजी सिद्धांतों से जुड़ी हैं.

बहरहाल ‘तनु वेड्स मनु’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवार्ड जीत चुकी कंगना की नज़र अब पद्मश्री पर है. कंगना के मुताबिक मुझे उम्मीद है कि एक दिन मुझे ये अवार्ड भी जरूर मिलेगा. आमीन.

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