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NEWS18 RISING INDIA SUMMIT: बिंदास जवाब देकर कंगना बनी दिलों की 'क्वीन'

कंगना ने नेपोटिज्म से लेकर ऋतिक रोशन और राजनीति तक पर खुलकर अपनी बात रखी

Hemant R Sharma Hemant R Sharma Updated On: Mar 17, 2018 10:50 PM IST

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NEWS18 RISING INDIA SUMMIT: बिंदास जवाब देकर कंगना बनी दिलों की 'क्वीन'

न्यूज 18 इंडिया राइजिंग समिट में साड़ी के ऊपर बेल्ट बांधकर पहुंचीं कंगना रानौत ने इस बात का ट्रेलर पहले से ही दे दिया था कि आज वो जमकर बोलने वाली हैं, इसलिए लोग भी अपनी सीट की बेल्ट बांधकर बैठ जाएं. हरी साड़ी पर बंद गले का ब्लाउज पहने कंगना का कॉन्फिडेंस देखते ही बन रहा था, वो मणिकार्णिका स्टाइल में ही स्टेज पर पहुंचीं.

कंगना ने आते ही लोगों से कह दिया कि वो आज काफी इंट्रेस्टिंग बातें करने वाली हैं जिनमें सेक्स भी शामिल है. लेकिन बाद में कहा कि वो सेक्स का बारे में बाद में बातें करेंगी ताकि लोग उन्हें सुनने के लिए बैठे रहें. शुरुआत कंगना पर नेपोटिज्म के सवाल से हुई जिसके जवाब में कंगना का कहना था कि जब शुरू में उन्होंने इसके बारे में बोला था तब उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये राष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा.

गिनाए अपने वीकपाइंट्स

बाहरी लोगों को इंडस्ट्री कैसे अलग फील कराती है इसके जवाब में कंगना ने कहा कि शुरुआत में आपको कई चीजें नहीं पता होती हैं. जैसे मुझे सीन और शॉट के बीच का अंतर नहीं पता था. शुरुआत में किसी ने मुझसे कहा था कि तुम्हारे दो सीन हैं और मुझे लगा कि दो शॉट हैं जो आधे घंटे में खत्म हो जाएंगे.

नेपोटिज्म पर दिया जवाब

नेपोटिज्म पर करण जौहर के साथ हुई कॉन्ट्रोवर्सी पर कंगना रनौत ने कहा कि यही आजादी है कि आप करण जौहर पर दबाव नहीं बना सकते कि वह किसे अपनी फिल्म में लें या किसे नहीं. दूसरी तरफ मुझे भी कोई नहीं कह सकता कि मुझे क्या कहना चाहिए क्या नहीं. और हम दोनों इंडस्ट्री का ही हिस्सा हैं.

मैं मोदी की फैन

कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा कि मैं मोदी की बड़ी फैन हूं. मैं बहुत ज्यादा पेपर नहीं पढ़ती हूं. पर वह एक सक्सेस स्टोरी हैं, एक आम आदमी की महत्वाकांक्षा, एक चायवाला आज देश का पीएम है. यह उनकी नहीं देश के लोकतंत्र की जीत है. दुनिया परफेक्ट नहीं हो सकती लेकिन इसे हम बैलेंस बना सकते हैं.

Kangana Ranaut

स्वरा भास्कर का सपोर्ट

जब आप कुछ कहते हैं तो उसका नुकसान क्या होता है? जैसे जब स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली को खत लिखा तो उन्हें ट्रोल किया गया. इस पर कंगना ने कहा, 'वह काफी अच्छे तरीके से लिखा गया पीस था. मैं स्वरा से सहमत नहीं हूं लेकिन वह पीस काफी अच्छा लिखा था. लेकिन जिस तरह से उन्हें ट्रोल किया गया वह गलत था.' कंगना ने आगे कहा, 'लोग कहने लगे कि उसे अटेंशन चाहिए, अरे यार तो दे दो अटेंशन. लोग इस हद तक गए कि अगर वह स्लट का रोल प्ले कर सकती है तो वह क्या जाने वजाइना क्या होता है? ये बहुत गलत है, यह एक समाज के तौर पर हमारा नुकसान है.'

जेल जाने से लगा डर

कंगना रनौत से जब पूछा गया कि क्या खुलकर अपनी बात रखने की उन्हें कोई कीमत चुकानी पड़ी? इस पर कंगना ने कहा कि इसकी वजह से उन्हें काफी स्ट्रेस होता है. उन्होंने कहा उनपर कई बार ऐसे आरोप लगाए गए जिनके चलते उन्हें जेल भी हो सकती थी. मैं कई बार डर भी जाती हूं.

लोग गॉसिप करने से डरते हैं

कंगना ने ये भी खुलासा किया कि मेरे सामने कोई गॉसिप नहीं करता. सबको डर रहता है कि इसके सामने बोलेंगे तो पता नहीं कहां, किसके सामने, किस स्टेज पर बोल देगी. जिस तरह का काम मैं करना चाहती हूं मैं अब भी कर रही हूं. जिन लोगों के साथ मैं क्रिएटिवली जुड़ना चाहती हूं वे अब भी मेरे साथ हैं. और जिन्हें फर्क नहीं पड़ता वो नहीं हैं

कई अफेयर रहे हैं

कंगना ने खुलकर बताया कि मेरे कई अफेयर रहे हैं. हर ब्रेक अप के बाद लगता है कि अब मेरी लव लाइफ खत्म हो गई. मेरे लिए प्यार सिर्फ फिजिकल नहीं है, यह स्पिरिचुअल भी है. यह एक बेहतरीन अनुभव है.

नहीं बनना सीबीएफसी चीफ

सेंसर बोर्ड चीफ बनने पर कैसी फिल्में बनाएंगी इस पर कंगना ने कहा कि इस पोस्ट के लिए प्रसून जोशी सही व्यक्ति हैं. उन्होंने कहा कि वह कभी प्रसून जोशी नहीं हो सकती हैं.

साइको लवर हैं कंगना

मेरा बॉयफ्रेंड पूछता है कि मुझे उसकी जिंदगी के बारे में सबकुछ कैसे पता चलता है. यह टेलिपैथी है शायद, या शायद ब्लैक मैजिक. मेरे प्यार को लोग साइको लव कहते हैं. ठीक है. ऋतिक रोशन कॉन्ट्रोवर्सी पर कंगना ने कहा कि वह उस किस्से को पीछे छोड़ चुकी हैं और उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उन्हें विच कहते हैं.

कंगना ने मजाक भरे लहजे में कहा कि मुझे अब तक किसी को धोखा देने का मौका नहीं मिला. हर बार मुझे ही धोखा मिलता है. वो लोग वापस आते हैं लेकिन मैं उन्हें नहीं अपनाती क्योंकि तब तक मुझे दूसरा लूज़र मिल चुका होता है.3

अपने देश को सपोर्ट करो

आजकल लोग समझते हैं कि अपने देश के बारे में बुरा कहना कूल है. युवा जनरेशन हमेशा शिकायत करता है. यह एटिट्यूड सही नहीं है. देश गंदा है तो आप मेहमान हैं क्या? साफ करो. इंफ्रास्ट्रक्चर जहां अच्छा है वहां जाओ, इमिग्रेशन का थप्पड़ पड़ेगा तो पता चलेगा.

देश भर में चल रही नेशनलिज्म की बहस पर कंगना का कहना था कि मुझे लगता है नेशनलिस्ट होने और फंडामेंटलिस्ट होने में अंतर है. मैं धर्म पर यकीन नहीं रखती, जो मेरा देश है मैं वही हूं. आप अपने देश से शर्मिंदा क्यों हैं? जब अमेरिका अपने देश के नेशनल एंथम के साथ खड़े होते हैं तो हम क्यों नहीं हो सकते?

सेना का सम्मान सबसे ऊपर

पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन के बारे में बात करते हुए कंगना का कहना था कि वो पहले अपने देश, अपने राष्ट्रगान और अपने सैनिकों को महत्व देती हैं. इसके बाद ही उनके लिए कुछ और आता है.

राजनेताओं का बदलेंगी फैशन सेंस

राजनीति में आने के सवाल पर कंगना ने कहा कि पर्सनली मुझे लगता है कि राजनीति एक बेहतरीन फील्ड है. इसे अक्सर गलत समझा जाता है. मुझे बस नेताओं का फैशन सेंस नहीं पसंद है. अगर वो मेरा फैशन सेंस चेंज न करें तो मुझे राजनीति में शामिल होने में कोई दिक्कत नहीं है

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