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कंगना का करण पर पलटवार: वो एक 'कण' हैं, इंडस्ट्री के मालिक नहीं

कंगना ने करण के जवाब पर पलटवार किया है

Updated On: Mar 09, 2017 01:16 PM IST

FP Staff

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कंगना का करण पर पलटवार: वो एक 'कण' हैं, इंडस्ट्री के मालिक नहीं

ऐसा लगता है कि अभिनेत्री कंगना रानौत ने मिशेल ओबामा की कही उन बातों को ज्यादा ही गंभीरता ले लिया है, जिसमें उन्होंने ये बताया था कि विरोधियों को किस तरह से निपटाया जाए.

कंगना ने करण जौहर की तुलना एक छोटे से कण से करते हुए कहा है कि फिल्म इंडस्ट्री कोई स्टूडियो नहीं है, जिसपर करण का अधिकार हो. ये एक इंडस्ट्री है, जहां काम करने का अधिकार हर भारतीय को है.

आपको याद दिलाने के लिए बता दें कि करण जौहर और कंगना के बीच इन दिनों जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है. दोनों एकदूसरे के खिलाफ खूब बयानबाजी कर रहे हैं. इस झगड़े की शुरुआत तब हुई जब करण ने उन्हें अपने शो कॉफी-विद-करण में आमंत्रित किया था, जहां पर कंगना ने करण पर इंडस्ट्री में भाईभतीजावाद करने का आरोप लगाया था.

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करण जौहर (तस्वीर-फेसबुक)

करण की तंगदिली

करण ने इंटरव्यू के दौरान तो कंगना की इन बातों को खेल-भावना से लिया लेकिन हाल ही में लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी.

उन्होंने कहा कि ये उनका बड़प्पन था कि उन्होंने कंगना को अपने शो में जगह दी और अपनी बात कहने का मौका दिया. करण ने कहा कि कंगना को भाई-भतीजावाद का मतलब नहीं पता.

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करण ने इतना तक कह डाला कि अगर फिल्म इंडस्ट्री इतनी ही खराब है तो कंगना इंडस्ट्री छोड़ क्यों नहीं देती हैं.

करण ने कंगना पर वुमन और विक्टिम यानि पीड़ित कार्ड के इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया था. ये सब कहकर करण ने एक बार फिर गेंद कंगना के पाले में फेंक दिया.

कंगना का जवाब

कंगना ने मुंबई मिरर और पत्रकार राजीव मसंद को दिए गए एक इंटरव्यू में कंगना ने करण जौहर को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा, ‘ वे करण के शो में न तो विक्टिम/पीड़ित कार्ड खेल रहीं थीं न ही वुमन कार्ड. उनके मुताबिक वे दबंग या मजबूत कार्ड खेल रहीं थीं.

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फिल्म रंगून के पोस्टर में कंगना रानौत (फोटो: फेसबुक से साभार)

कंगना के मुताबिक वे और भी कई कार्ड खेलती हैं जिनमें डिग्निटी यानि प्रतिष्ठा कार्ड भी शामिल हैं.

वे कहती हैं कि उन्हें औरत होने के नाते संवेदनशील होने में भी गुरेज नहीं है. उनके मुताबिक कमजोर या संवेदनशील होकर कोई भी औरत विंबलडन का मैच या राष्ट्रीय अवॉर्ड नहीं जीत सकती है, लेकिन वो एक गर्भवती महिला को बस में सीट जरूर दिला सकती है.

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उन्होंने करण की बातों का जवाब देते हुए ये भी कहा कि करण ने उन्हें अपने शो में बुलाकर कोई मंच नही दिया था. जब वे उन दोनों की बातचीत को एडिट नहीं करने की बात करते हैं, तो ऐसा वे टीआरपी के लिए करते हैं.

कंगना, अंत में ये भी कहती हैं कि उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह मेहनत से बनाई है और अगर छोड़ने की जरूरत पड़ी तो अपनी मर्जी से ही करेंगी न कि करण जौहर की मर्जी से.

क्योंकि इंडस्ट्री बहुत बड़ी दुनिया है, जिसके करण मालिक नहीं बल्कि एक छोटा सा कण भर हिस्सा हैं.

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