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Confession : स्टार एंकर बनने का गीतिका ने खोला राज

कश्मीर से निकलकर आज एक स्टार एंकर के रूप में गीतिका ने अपनी अलग ही पहचान बना ली है

Updated On: Oct 25, 2017 01:47 AM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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Confession : स्टार एंकर बनने का गीतिका ने खोला राज

एंकरिंग एक ऐसा पेशा है जिसमें किरदार सबके सामने होने के बावजूद सबकी नजरों से ओझल ही रहता है. लोग उनकी बातों को सुनते जरूर हैं, लेकिन जैसे ही उनकी कही बातों का विजुअल रूपांतरण शुरू होता है, उनकी शख्सियत गुम हो जाती है. स्टार एंकर का दर्जा हासिल कर चुकी गीतिका गंजू धर इन दिनों इस मिथक का अपवाद साबित हो रही हैं.

टीवी चैनलों पर 'मेरी सहेली', 'जायके का सफर', 'सैटरडे सस्पेंस' और डीडी के मशहूर शो 'चित्रहार' जैसे लोकप्रिय शो की एंकरिंग कर चुकी गीतिका प्राइवेट इवेंट्स के लिए भी एक लोकप्रिय एंकर बन चुकी हैं.

निजी समारोहों की कैम्पेयरिंग के लिए गीतिका का नाम सबसे पहले सोचा जाता है. उनकी इन्हीं खूबियों ने उन्हें स्टार एंकर का रूतबा दे दिया है. अब तक कई मशहूर शो की एंकरिंग कर चुकी गीतिका खुद इस शोहरत को लेकर क्या सोचती हैं? गीतिका के मुताबिक, "एंकरिंग काफी जिम्मेदारी भरा काम है. कई मायने में शो की सफलता एंकर पर ही निर्भर करती है.

अगर आप शो को अच्छी तरह को-ऑर्डिनेट नहीं कर पाते तो दर्शकों की सारी उत्सुकता ही खत्म हो जाती है. हमें दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंत तक बांधे रखना पड़ता है."

Geetika Ganju dhar

लाइव शो के संचालन के लिए कई अवार्ड जीत चुकी गीतिका का कहना है कि, "इस कामों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आपके पास भाषा का भंडार हो. मुझे हमेशा से ही लिखने का शौक रहा है और मैं अपनी बातों को काफी विस्तार से कहने की आदि रही हैं.

इसलिए मुझे लबे और थकाऊ शोज को भी को-ऑर्डिनेट करने में भी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा. मैं मौके के हिसाब से चीजों को गढ़ती हूं और फिर दर्शकों के सामने पेश कर देती हूं. इसके लिए आपका भाषा ज्ञान आपके लिए काफी उपयोगी साबित होता है."

एंकरिंग के अलावा भी गीतिका के पास फिल्मों और सीरियल के ऑफर आए, लेकिन गीतिका का मानना है कि, "यदि आप जिस क्षेत्र में अपना पैर जमा चुके हैं. उसी में आगे बढ़े तो आप अपनी राह नहीं भटक सकते."

इस पेशे को अपना करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए गीतिका का कहना है, "सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप पढ़ने की आदत डालें. बड़े-बड़े लेखकों के इंटेलेक्चुअल कोटेशन समां बांधने में काफी कारगर साबित होता. इससे दर्शक आपके साथ जुड़ जाते हैं. एक बार अगर दर्शक आपसे जुड़ गए तो फिर उन्हें बांधे रखने में ज्यादा मुश्किल नहीं आती."

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