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पाकिस्तान ने बॉलीवुड फिल्मों को बैन करके अपने बॉक्स ऑफिस का गला घोंट दिया है

ईद पर भारतीय फिल्मों को सरकार ने दो दिन पहले बैन करने का आदेश देकर अपने धंधे को ही चौपट कर दिया है

Hemant R Sharma Hemant R Sharma Updated On: May 26, 2018 12:42 PM IST

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पाकिस्तान ने बॉलीवुड फिल्मों को बैन करके अपने बॉक्स ऑफिस का गला घोंट दिया है

पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 24 मई को बॉलीवुड को बड़ा झटका दे दिया. पाकिस्तानी सिनेमाघर मालिकों एक पत्र लिखकर मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि साल में पड़ने वाली दोनों ईद के दौरान भारतीय फिल्मों के पाकिस्तान सिनेमाघरों में ईद से दो दिन पहले से लेकर एक हफ्ते बाद तक भारतीय फिल्मों को बैन किया जा रहा है.

हालांकि इस बैन में तकनीकी रूप से कई पेंच हैं. पहली बात तो ये है कि इस बैन को अभी लिमिटेड रखा गया है. यानी सरकार की तरफ से ये साफ नहीं किया गया है कि ये बैन पूरी तरह से लागू रहेगा या फिर कुछ सिनेमाघर मालिक भारतीय फिल्में दिखा पाएंगे.

यहां पढ़िए कि अपने आदेश में पाकिस्तानी सरकार ने क्या आदेश दिया है?

जब भारत में सिनेमाघर मालिकों का धंधा चौपट हुआ पड़ा है तो पाकिस्तान का तो कहना ही क्या? ऐसे में बड़ा सवाल ये भी है कि ये बैन कितना कारगर होगा. पाकिस्तान अक्सर ही फिल्म रिलीज के वक्त भारतीय फिल्मों पर बैन लगा देता है. इसके पीछे कई बार तो फिल्मों का कॉन्टेंट वजह होती है तो कभी इसके पीछे राजनीतिक कारण भी होते हैं.

सलमान की सबसे बड़ी डिमांड

भारतीय बॉक्स ऑफिस की तरह ही सलमान खान की पाकिस्तानी बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी डिमांड है. सलमान की फैन फॉलोइंग वहां सबसे ज्यादा है. सलमान को भी अब ये बात अच्छी तरह से पता चल गई है, इसलिए अब वो भारत-पाकिस्तान की स्टोरीज पर ज्यादा फोकस करते हैं. एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है या बजरंगी भाईजान सभी की स्टोरीज में पाकिस्तान का जिक्र था और मजे की बात ये भी है कि पाकिस्तान की सरकार को भले ही मान लें लेकिन वहां की जनता को भारत का दुश्मन इन फिल्मों की कहानियों में नहीं दिखाया गया था.

Tiger Zinda Hai

सलमान की पिछली फिल्म टाइगर जिंदा है को पाकिस्तान सरकार ने रिलीज नहीं होने दिया था लेकिन वहां की जनता ने पाइरेसी के जरिए जमकर इसका लुत्फ उठाया. कुछ ऐसा ही उनकी फिल्म बजरंगी भाईजान के साथ भी हुआ. अब ये फिल्में पाकिस्तान की आवाम मोबाइल एप्लीकेशंस पर देख रही है.

सलमान खान की ‘टाइगर जिंदा है’ को पाकिस्तानी सरकार ने क्यों कर दिया बैन?

एक था टाइगर में भी पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट की कहानी थी इसलिए सरकार ने इसे भी वहां रिलीज नहीं होने दिया. बजरंगी भाईजान में पाकिस्तान की जनता को वहां की सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए दिखाया गया था इसलिए पाकिस्तान ने बजरंगी भाईजान को भी रिलीज की हरी झंडी नहीं दी.

शाहरुख भी आवाम के बड़े चहीते हैं

शाहरुख की फिल्मों की पाकिस्तानी आवाज पिछले करीब डेढ़ दशक से दीवानी है. शाहरुख की पिछली फिल्म रईस 2017 में वहां के बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई थी. वहां उसने कितना पैसा कमाया इसका सही-सहीं आकंडा फिलहाल मौजूद नहीं है. लेकिन शाहरुख ने वहां की लोकप्रिय एक्ट्रेस माहिरा खान को फिल्म में इसलिए लिया था कि वो पाकिस्तानी फैंस को भी अपनी फिल्म के लिए बॉक्स ऑफिस तक ला सकें.

शाहरुख की फिल्म रईस का एक सीन

शाहरुख की फिल्म रईस का एक सीन

शाहरुख की भी पुरानी कई फिल्मों जैसे वीर-जारा, चक दे इंडिया, मैं हूं ना जैसी कई फिल्मों में पाकिस्तान-भारत की दुश्मनी को दिखाया गया था लेकिन तब मामला इतना खराब नहीं था. बॉलीवुड खुद धीरे-धीरे ओवरसीज में अपनी पैठ बना रहा था. ऐसे में शाहरुख ने ही सबसे पहले ओवरसीज मार्केट को एक्सप्लोर किया और वो अब तक ओवरसीज के बादशाह बने बैठे हैं. उनकी फिल्मों ने यूएई जैसे देशों में जमकर व्यापार किया और वो मलेशिया के ब्रांड एंबैसडर समेत दुबई टूरिज्म के भी ब्रांड एंबैसडर बने हुए हैं. मुस्लिम देशों में शाहरुख की लोकप्रियता का कोई सानी नहीं है. ऐसे में अब अगर उन्हें भी पाकिस्तानी बॉक्स ऑफिस को अपने लिए ओपन करना है तो ऐसे विषय चुनने होंगे जिसमें पाकिस्तानी सरकार की बुराई न की जाए.

आमिर की फिल्मों की भी दीवानगी

आमिर खान वैसे तो इंडिया-पाकिस्तान टाइप की कॉन्ट्रोवर्सियल फिल्मों से दूर हैं लेकिन उनकी पिछली फिल्म दंगल को भी पाकिस्तानी सरकार ने रिलीज नहीं होने दिया था. उनकी इससे पहली फिल्म पीके भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं हो पाई थी. इसलिए आमिर को भी इस बैन से कुछ खास फर्क नहीं पड़ता.

दंगल भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं हुई थी

दंगल भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं हुई थी

अक्षय कुमार से भी परहेज

अक्षय कुमार की तो ज्यादातर फिल्में पाकिस्तानी प्रायोजित आतंकवाद पर बेस्ड रही हैं. ऐसे में अक्षय की फिल्मों का भी वहां विरोध ही होता रहा है.

पाकिस्तान को ही है बड़ा घाटा

फिल्में मनोरंजन का साधन हैं और बॉलीवुड पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री से बहुत बड़ा है. वहां की फिल्म इंडस्ट्री की एक दो फिल्में ही आज तक यहां रिलीज और पॉपुलर हो पाई हैं. वहां के स्टार्स और कलाकरों को फेम और नेम कमाने के लिए भारत का ही सहारा है. ऐसे में पाकिस्तान के लिए ज्यादा अच्छा तो ये ही रहेगा कि वो अपने सिनेमाघर मालिकों के हितों के लिए भारतीय फिल्मों को वहां रिलीज होने दे क्योंकि इंटरनेट के जमाने में पायरेसी के जरिए वहां की आवाम फिल्में तो देख ही लेती है. इससे नुकसान उनकी सरकार का ही है.

चीन बना पाकिस्तान का ही दुश्मन

चीन अपने फायदे के लिए पाकिस्तान का सपोर्ट जरूर करता है लेकिन पिछले तीन साल में बॉलीवुड ने जिस तरह चीन के बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े हैं उससे साफ है कि चीनी जनता ने हमारी फिल्मों को हाथों-हाथ लिया है. वहां से दंगल, टाइगर जिंदा है, बाहुबली, बजरंगी भाईजान, हिंदी मीडियम समेत तमाम फिल्मों ने हजारों करोड़ का बिजनेस किया है. चीन ने तो बॉलीवुड को फिल्मों के लिए ऐसा नया बाजार दे दिया है. जिससे यहां के फिल्ममेकर्स ने अब ऐसी फिल्में बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे वहां की जनता को भी दीवाना बनाया जा सके.

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पाकिस्तान को चाहिए बिजनेस वाला दिमाग

पाकिस्तान अपनी झूठी शान के लिए भले ही बॉलीवुड की फिल्मों को बैन करता रहे लेकिन सच्चाई ये ही है कि उनको इससे पैसे का नुकसान होता है. अगर अपने यहां मनोरंजन इंडस्ट्री को उन्हें बचाना है तो अपनी जनता के लिए ग्लोबल फिल्मों को मुहैया कराना होगा. जब ये फिल्में वहां रिलीज होंगी तो सरकार को टैक्स मिलेगा. ऐसे में बिजनेस करने वाले लोगों को सरकार को ये समझाना चाहिए कि इससे उनका ही नुकसान ज्यादा है. देखें ये बात पाकिस्तान को कब समझ में आती है.

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