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IFFI: माजिद मजीदी की ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ से शुरू हुआ फेस्टिवल

‘पद्मावती’ को लेकर जारी बहसों के बीच इस ओपनिंग सेरेमनी को राजकुमार राव और राधिका आप्टे ने होस्ट किया और ओपनिंग फिल्म रही माजिद मजीदी की ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’

Updated On: Nov 21, 2017 09:27 AM IST

Avinash Mishra

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IFFI: माजिद मजीदी की ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ से शुरू हुआ फेस्टिवल

गोवा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के 48वें संस्करण की सोमवार को शुरुआत हो गई. शुरुआत से पहले कुछ विवादों में घिरे रहे इस महोत्सव का शुभारंभ शाहरुख खान ने किया. इस मौके पर माजिद मजीदी, मुज्जफर अली, नाना पाटेकर, अनुपम खेर, श्रीदेवी, ए आर रहमान, विशाल भारद्वाज, प्रसून जोशी, शाहिद कपूर और केंद्रीय सूचना मंत्री स्मृति ईरानी, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा और मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर सहित कई राजनीतिक और फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं.

माजिद मजीदी की फिल्म से हुई महोत्सव की शुरुआत

‘पद्मावती’ को लेकर जारी बहसों के बीच इस ओपनिंग सेरेमनी को राजकुमार राव और राधिका आप्टे ने होस्ट किया और ओपनिंग फिल्म रही माजिद मजीदी की ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’. माजिद मजीदी का जिक्र उन नामों में शुमार है, जिन्होंने ईरानियन सिनेमा को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दी है. मजीदी की ‘कलर ऑफ पैराडाइज’, ‘बरन’, ‘द विलो ट्री’ दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में प्रदर्शित और सम्मानित हुई हैं.

उनकी बहुचर्चित फिल्म ‘चिल्ड्रेन ऑफ हेवेन’ ऑस्कर में भी नॉमिनेट हो चुकी है. लेकिन ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ माजिद मजीदी के मार्फत निर्देशित होने के बावजूद एक भारतीय या कहें एक हिंदी फिल्म है. इस फिल्म को जी स्टूडियोज में प्रोड्यूस किया है. ए आर रहमान के संगीत, अनिल मेहता की सिनेमैटोग्राफी, विशाल भारद्वाज के संवाद और ईशान खट्टर, मालविका मोहनन, गौतम घोष जैसे अभिनेताओं के अलावा भी इस फिल्म में बहुत कुछ ऐसा है जो इसे बहुत ज्यादा भारतीय फिल्म और बहुत कम माजिद मजीदी की फिल्म-सा बनाता है.

Opening Film IFFI 2017 Beyond the Clouds Majid Majidi

मुंबई के झुग्गी बस्ती में गुजर कर रहे एक भाई-बहन की कहानी

इस फिल्म की कहानी मुंबई की एक झुग्गी बस्ती में गुजर-बसर कर रहे भाई-बहन के एक जोड़े की है. आमिर और तारा के नाम के ये किरदार अपनी उपस्थितियों में पर्याप्त चीखते हुए-से हैं. वे अपने जीवन में जोखिमों को आमंत्रित करते रहते हैं और इस तरह एक ऐसी कहानी आगे बढ़ती रहती है, जिसे आप आखिर तक सुनते-देखते तो रहते हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पाते कि आखिर इसका पूरा साथ निभाने के बावजूद आपको यह कहानी अच्छी क्यों नहीं लगी!

‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ में प्रदर्शित ‘मुंबई’ हिंदी सिनेमा में बहुत कम नजर आई मुंबई है. भारत की इस आर्थिक राजधानी की निर्धनता, उसकी क्रूरता, उसका अंधेरा और उसमें सुख की गुंजाइश खोजते हुए हर उम्र के महत्वाकांक्षी चेहरे और उनका अपघाती जीवन यहां कुछ इस तरह नजर आया है कि इसे महज यथार्थवादी कह कर इससे मुक्त नहीं हुआ जा सकता.

भारत में भारत के लिए फिल्म बनना एक सपने के साकार होने जैसा

‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ एक तेज गति का समाचार है. इस समाचार में ‘मदद’ एक केंद्रीय तत्व की तरह मौजूद है. मदद के मूल्य या कहें सेवा की गरिमा को यहां पारिवारिकता या परिचितों के संसार से दूर ले जाकर एक बड़ी मानवीय सच्चाई की तरह उद्घाटित किया गया है. लेकिन इसमें चला आया जीवन बहुत कम पलों के लिए आपको भावुक या उदास करता है, वह जल्द से जल्द आपको वहां लौटा लाता है जिसे चालू हिंदी फिल्मों की दुनिया कहते हैं.

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मजीदी ‘परछाईं-नाच’ और छायाओं के जरिए ईरानियन सिनेमा सरीखी कुछ अदाबाजियां दिखलाते तो जरूर हैं, लेकिन उनमें बहुत दूर तक मार करते हुए प्रभावित करने  वाली वह पुरानी बाध्यकारी परंपरा नहीं है, जिसने उन्हें संसार के सार्वकालिक महान फिल्म-निर्देशकों में से एक बनाया. मजीदी के मुरीदों को यह बात निराश करती है. यह अलग बात है कि खुद मजीदी ने फिल्म शुरू होने से पहले ओपनिंग सेरेमनी में कहा कि भारत में भारत के लिए एक फिल्म बनाना उनका स्वप्न था और इस स्वप्न के साकार होने से वह रोमांचित महसूस कर रहे हैं.

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28 नवंबर तक चलेगा महोत्सव, 82 देशों की 195 फिल्में दिखाई जाएंगी

यह महोत्सव 28 नवंबर तक चलेगा. इस दरम्यान 82 देशों की 195 फिल्में दिखाई जाएंगी. ‘कंट्री फोकस’ के अंतर्गत इस बार कनाडा को रखा गया है. इस सिलसिले में कनाडा की 8 फिल्में : ‘अल्युर’, ‘क्लोसेट मॉन्स्टर’, ‘डोंट टॉक टू आयरीन’, ‘आई ऑन जूलियट’, ‘मेडिटेशन पार्क’, ‘ओल्ड स्टोन’, ‘रेवनॉस’, ‘द स्टेअर्स’ जैसी फिल्में विशेष तौर पर दिखाई जाएंगी. इसके साथ ही कैनेडियन फिल्म निर्देशक एटम इगोएन लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान दिया जाएगा और उनकी 3 फिल्में : ‘एक्जोटिका’, ‘द स्वीट हेअरआफ्टर’, ‘रिमेम्बर’ प्रदर्शित होंगी.

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जेम्स बॉन्ड फिल्म्स के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर इस सीरीज की 9 फिल्मों को भी इफ्फी के 48वें संस्करण में दिखाया जाएगा.

इस महोत्सव में अमिताभ बच्चन को इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द इयर के सम्मान से नवाजा जाना है. अमिताभ महोत्सव के दूसरे दिन ‘भारतीय पैनोरमा’ का शुभारंभ करेंगे.

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