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अगली 'जॉली एलएलबी' में जॉली का रोल करना चाहूंगी: हुमा कुरैशी

हुमा 10 फरवरी को रिलीज हो रही 'जॉली एलएलबी 2' में अक्षय कुमार के साथ लीड रोल में हैं.

Runa Ashish Updated On: Feb 04, 2017 08:39 AM IST

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अगली 'जॉली एलएलबी' में जॉली का रोल करना चाहूंगी: हुमा कुरैशी

हुमा कुरैशी बॉलीवुड की उन कुछ गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपना वजन कम करने के लिए कोई डाइट या फिटनेस रूटीन फॉलो नहीं किया है.

हुमा का कहना है कि वे कुछ यूनिक बनी रहें, वहीं उनके लिए सुंदरता के मायने हैं. हुमा 10 फरवरी को रिलीज हो रही 'जॉली एलएलबी 2' में अक्षय कुमार के साथ लीड रोल में हैं.

हुमा अपनी अगली फिल्म में अपने निर्देशक को कुछ अलग ही पट्टी पढ़ाने के मूड में हैं.

हुमा कहती हैं कि, 'मैंने सुभाष को कहा है कि अगर वे जॉली एलएलबी फिल्म का अगला पार्ट बना रहे हों तो इस बार जॉली एलएलबी किसी लड़की को बनाएं. दरअसल मैं इस जॉली का रोल निभाना चाहती हूं.'

वे कहती हैं कि 'जरा सोचिए अगर कोई महिला वकील हो और वह बहुत ही करप्ट हो फिर एक दिन उसके साथ कुछ ऐसा हो कि वो अच्छी बन जाए और दुनिया को बचा ले...जब तुक्का ही लगाना है तो बड़ा तुक्का लगाती हूं. मेरी इच्छा है कि मैं दुनिया को बचाने वाली वकील का रोल करूं.'

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फ़र्स्टपोस्ट हिंदी की संवादाता रूना आशीष ने उनसे इस फिल्म और उनके आगे की प्लानिंग्स के बारे में बातचीत की.

फिल्म के हीरो अक्षय के बारे में क्या कहेंगी. उनके साथ आप पहली बार काम कर रही हैं?

मैं उन्हें भारत का विल स्मिथ कहूंगी. विल कहते हैं कि 'शायद ट्रेड मिल पर भागने वाला मैं सबसे तेज धावक नहीं हूं लेकिन मैं अगर ट्रेड मिल पर भाग रहा हूं तो यकीन मानिए जब तक आप थक कर चूर हो जाएं और गिर ना जाएं तब तक मैं भागता रहूंगा.'

अक्षय के भीतर कई ऐसी बातें हैं जो मैं अपनाना चाहूंगी. जैसे कि वे सभी से बहुत ही रिस्पेक्ट से बातें करते हैं. वे बहुत आसानी से नए लोगों के साथ काम कर लेते हैं और बहुत ही अनुशासन में रहते हैं.

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मुझे याद है कि जब जॉली 'एलएलबी 2' की शूटिंग शुरु हुई थी तो वे 'रुस्तम' का प्रमोशन कर रहे थे. सुबह में वह प्रमोशन करते थे, फिर वे शूटिंग करने के लिए हमारे साथ सेट पर आते थे और शाम को वे शूट खत्म करके घर पर अपने परिवार के साथ समय बिताते थे .

अक्षय कभी भी रविवार को काम नहीं करते थे. लेकिन आजकल वे 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' की शूटिंग रविवार को कर रहे हैं. साथ ही 'जॉली एलएलबी 2' फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं. मैं हमेशा उनसे पूछती थी कि आप ऐसा कैसे कर लेते हैं.

आपने उत्तर प्रदेश में भी शूट किया है. कैसा रहा वहां पर शूट करना.  इस फ़िल्म का एक बड़ा हिस्सा वहीं पर शूट हुआ है?

हमारी फिल्म के एक होली साॉन्ग की शूटिंग यूपी में हुई. मुझे बड़ा गंदा लग रहा था, होली मुझे बचपन मे तो बहुत पसंद थी. लेकिन बड़े होने के बाद होली खेलना बहुत अजीब लगने लगा. खैर हम सबने होली खेली हम सभी एक्टिंग ही कर रहे थे लेकिन उसके बाद मेरे बालों का रंग ही अलग हो गया. लेकिन बहुत मजा आया.

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हम एक बार रात के समय में लखनऊ में शूट कर रहे थे, और रात के समय वहां शूट करना दिक्कत वाली बात थी. वह भी मेन चौक पर, वहां एक बिल्डिंग बन रही थी और वहां से लोग कूद-कूदकर देख रहे थे.

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हमारी फोटो लेने के लिए एकाएक कई मोबाइल फोन निकल गए. अक्षय के बॉडीगार्ड्स ने कहा कि सर अभी तो बहुत टेंशन हो गई है किसी ने पत्थर मार दिया तो.

लेकिन मैं कह सकती हूं कि लखनऊ के लोग इतने अच्छे थे कि मैं बता नहीं सकती. पहले तो सभी अक्षय-अक्षय चिल्ला रहे थे लेकिन एक बार अक्षय ने उनका अभिवादन किया तो फिर वे लोग सभी चुपचाप होकर शूटिंग देखने लगे.

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आपके लिए यह शायद पहली मेनस्ट्रीम कमर्शियल फिल्म है कम से कम पहले की फिल्मों के मुकाबले और इस फिल्म में अक्षय भी हैं.

हां ये एक कमर्शियल फिल्म है, इसमें डांस है मसाला भी है. लेकिन मुझे यह समझ में नहीं आता है कि ये मेनस्ट्रीम क्या होता है या मसाला फिल्म क्या होता है या ऑफबीट फिल्म क्या है?

फिल्म तो फिल्म होती है और मुझे लगता ही कि यह एक कंप्लीट फिल्म है. इस फिल्म को देखने के लिए मैं अपने परिवार के साथ थिएटर में जाऊंगी. पॉपकॉर्न के साथ इसका मजा लूंगी.

यह फिल्म देखकर आपको अच्छा लगेगा. जैसे हमारे हिंदुस्तानी थाली में मीठा, खट्टा और तीखा, हर तरह का स्वाद होता है, यह फिल्म कुछ वैसी ही हैं.

जहां तक अक्षय और फिल्म की सफलता की बात है तो फिल्म के रिलीज होने पर बॉक्स ऑफिस के भी आंकड़ें आएंगे.

इस मामले में मेरा गणित बहुत ही कच्चा है. मैं तो स्कूल में भी जैसे-तैसे पास होती थी. फिर मुझे बॉलीवुड का गणित कैसे समझ में आएगा.

मुझे ऐसा लगता है कि बड़े नाम बहुत ही अहम होते हैं. मैं जब फिल्म करती हूं तो बड़े नाम वाले लोगों से मिलने के लिए, क्रिएटिविटी के लिए और मजे के लिए.

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आप एक इंडो ब्रिटिश फिल्म कर रही है 'वायसराय हाउस'. उसके बारे में कुछ बताइए.

Viceroy's House (film)

तस्वीर: यूट्यूब से साभार

यह फिल्म गुरिंदर चड्ढा बना रही हैं. फिल्म की कहानी उस समय की है जब भारत को आजादी मिलने वाली थी. उस वक्त ब्रिटेन में भारत और पाकिस्तान के विभाजन की बात चल रही थी.

कहानी कुछ यूं है कि इसी दौरान की देश के आखिरी वायसराय भारत आते हैं तो सारे बड़े नेता चाहे वो जिन्ना हों या नेहरू हों या पटेल हों. सभी बैठे हैं और बातें हो रही हैं कि भारत का विभाजन कैसे करना है. साथ ही इस बात की चर्चा होती है कि देश की पहली सरकार कैसे बनेगी. यह चर्चा उसी घर में हो रही है जो उस समय वायसराय हाउस था.

वहां एक लव स्टोरी चल रही है एक हिंदू नौकर और मुसलमान ट्रांसलेटर के बीच. वह भी ऐसे में जब देश जल रहा है.

मुझे इस फिल्म को करने की इच्छा इसलिए हुई कि मुझे यह जानना था कि गुरिंदर इसमें क्या दिखाएंगी. भारत का नजरिया या ब्रिटेन का नजरिया. लेकिन गुरिंदर ने बहुत ही संतुलित नजरिया रखा है. ये मेरे कैरियर की बहुत यादगार फिल्म रहेगी.

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