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कौन सच्चा-कौन झूठा ? : कंगना से कभी नहीं मिला - ऋतिक रोशन

कंगना रनौत से विवाद पर ऋतिक रोशन ने ओपन लैटर लिखा है

Akash Jaiswal Updated On: Oct 05, 2017 07:02 PM IST

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कौन सच्चा-कौन झूठा ? : कंगना से कभी नहीं मिला - ऋतिक रोशन

ऋतिक रोशन और कंगना रनौत का झगड़ा काफी समय से चला आ रहा है लेकिन ये मामला शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है. वैसे तो कंगना अपने बयानों में ऋतिक पर आए दिन निशाना साधती रहती थीं पर ऋतिक की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया.

लेकिन आखिरकार ऋतिक ने इस विषय पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बात की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक के माध्यम से एक लैटर लिखकर अपने दिल की बात कही है. ये रहा उनका पोस्ट:

"मैं रचनात्मकता, उत्पादकता और रचनात्मक कार्य के पथ पर रहना चाहता हूं. जो कुछ भी इस दायरे में नहीं आता मैं उसे नजरअंदाज करता हूं और ध्यान भंग करने वाली चीज के सामान देखता हूं.

मुझे लगता है कि अज्ञानता की बातों को नजर अंदाज करके के सम्मान के रास्ते पर चलना, गलत और अनचाही चीजों से दूर रहने का सबसे सुगम रास्ता है. पर जिस तरह से बढ़ती सेहत की तकलीफ को नजर अंदाज करना घातक हो सकता है उसी तरह से ये मामला भी मेरे लिए अब घातक साबित हो रहा है.

मुझे लगता है कि मीडिया भी इस मामले को आसानी से छोड़ना नहीं चाहता है. इस मुद्दे पर अपनी सफाई पेश करके इस सर्कस में मुझे और बखेड़ा नहीं करना है क्योंकि मुझे इससे कोई लेना देना नहीं है.

मुझे बिना किसी विकल्प के इस गंदे झमेले में घसीटा जा रहा है. ये ऐसी चीज है से जिससे मेरा कोई लेना देना नहीं है.

सच्चाई तो यही है कि जिस औरत को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं मैं उनसे कभी अपनी पूरी जिंदगी में नहीं मिला हूं. हां, हमने साथ काम किया है. लेकिन इसके अलावा मैं अकेले में उनसे कभी नहीं मिला हूं.

समझने की कोशिश कीजिए, मैं किसी अफेयर के आरोप के खिलाफ नहीं लड़ रहा हूं और ना ही एक अच्छी छवि बनाने की बचकानी हरकत कर रहा हूं. मैं अपनी गलतियों को अच्छे से जानता हूं. मैं इंसान हूं.

मैं अपना आप को किसी ऐसी चीज से बचा रहा हूं जो सोच से भी ज्यादा गंभीर, सेंसिटिव और नुकसानदेह है.

दुखी हूं कि मीडिया और पब्लिक से कुछ ही लोग सच जानना चाहते हैं. ये मेरा सबसे कठोर सबक रहा है.

अगर लोग इस झूठ से कम्फर्टेबल हैं क्योंकि उनकी दुनिया को इस बात से कोई लेना देना नहीं कि एक लड़की को पीड़ित बताया गया है और एक आदमी को आरोपी तो फिर ठीक है. मैं उससे भी संतुष्ट हूं.

औरतों को कई सदियों से मर्दों द्वारा प्रताड़ना सहनी पड़ी है. मुझे सोचकर गुस्सा आता है कि किस तरह से कुछ आदमी ऐसे दरिंदगी दिखाते हैं. उन्हें सख्त सजा मिलनी चहिए. लेकिन अगर उस हिसाब से ये सोचा जा रहा है कि आदमी पीड़ित नहीं हो सकता और एक औरत झूठ नहीं बोल सकती है तो ठीक है. मैं उससे भी संतुष्ट हूं.

दो हाई प्रोफाइल सेलिब्रिटीज के बीच एक कथित तौर पर 7 साल लंबा अफेयर जिसका पीछे कोई सबूत नहीं.

ना कोई सबूत, ना कोई पापाराजी फोटोज और ना ही कोई गवाह. यहां तक ऐसा कोई स्मृति चिन्ह जैसे की सेल्फी भी नहीं जिसे उस कथित तौर पर बताए जा रहे सगाई (जो पेरिस में हुआ) पर लिया गया हो. ऐसा कुछ भी नहीं जो एक रोमांटिक रेलातोंशिप को साबित कर सके.

हां हमें तो बस दूसरी पार्टी को सुनना है क्योंकि हमारी सोच है कि एक औरत झूंठ क्यों बोलेगी?

मेरे पासपोर्ट डिटेल्स में ऐसी कोई भी जानकारी नहीं जो ये साबित कर सके कि मैंने देश के बाहर जनवरी 2014 में यात्रा किया है. क्योंकि इसी तारीख को पेरिस में उस कथित सगाई के होने की बात कही जा रही है.

इस रिलेशनशिप में सबूत के तौर पर बस मीडिया के साथ फोटोशॉप की गई एक फोटो पेश की जा रही है. जिसे अगले ही दिन मेरी बीवी और मेरे दोस्तों ने एक्सपोज कर दिया था.

हम ऐसे कोई भी सवाल नहीं पूछ रहे हैं क्योंकि हमें औरतों की रक्षा करना सिखाया गया है. खुद मुझे भी मेरे माता पिता और मेरी जिंदगी में पत्थर के दीवार की तरह सपोर्टीव मेरी बीवी ने यही सिखाया है. मैं उनके तहे दिल से आभारी हूं. मैं भी अपने बच्चों को यही आदर्श सिखाने की पूरी कोशिश करूंगा. और हां, मैं औरतों के लिए हमेशा खडा रहूंगा. हमेशा.

यहां 3000 एक तरफा ईमेल्स हैं जिन्हें या तो मैंने खुद को भेजा है या तो उस औरत ने मुझे भेजा है.साइबर क्राइम डिपार्टमेंट इन दोनों ही कहानी को कुछ ही दिनों में साफ कर देगा. इसी के लिए मैंने अपने सारे यंत्र जैसे लैपटॉप, फोन को सरेंडर कर दिया है जो अभी भी साइबर सेल के पास पड़े हैं. लेकिन दूसरी पार्टी ने तो ऐसा करने से भी मना कर दिया है. ये मामला अभी बंद नहीं हुआ है.

मैं एक बार फिर दुहराता हूं कि ये प्रेमियों के बीच हुआ झगड़ा नहीं है. मैं लोगों से निवेदन करता हूं कि इसे उस तरह लेबल करके ना देखें और ये देखने की कोशिश करें कि सच्चाई क्या है.

मुझे पिछले चार सालों से इस मामले को लेकर परेशान किया गया है. और समाज में औरतों की तरफ पक्ष के कारण मैं अपने पास को इस मामले से बचाने में भी असमर्थ हूं.

मैं गुस्सा नहीं हूं. मैं शायद ही कभी क्रोध को अपने जीवन में आने दिया. मैंने अपनी जिंदगी में किसी भी औरत या आदमी से एक बार भी लड़ाई नहीं की. मेरे तलाक में भी कोई झगड़ा नहीं हुआ या फिर मेरे आसपास भी किसी से झगडा नहीं हुआ. मैंने हमेशा शांति को चुना है.

मैं यहां किसी पर अपराध लगाने या किसी को जज करने नहीं आया हूं. पर ये समय है सच को डिफेंड करने का. क्योंकि जब सच को भुगतना पड़ता है तो पुरे समाज को भुगतना पड़ता है. पूरी अवाम, घर से करीब लोग, फैमिली और बच्चों को भुगतना पड़ता है."

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