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Review सत्यमेव जयते : इस फिल्म का सिर्फ नाम बड़ा है, दर्शन छोटे

अगर आप अच्छे एंटरटेनमेंट के लिए सत्यमेव जयते देखने जाना चाहते हैं तो हमारी तरफ से आपको वॉर्निंग है

फ़र्स्टपोस्ट रेटिंग:

Updated On: Aug 15, 2018 03:25 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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Review सत्यमेव जयते :  इस फिल्म का सिर्फ नाम बड़ा है, दर्शन छोटे
निर्देशक: मिलाप ज़वेरी
कलाकार: जॉन अब्राहम, मनोज बाजपेयी, आएशा शर्मा, अमृता खानविलकर

इस फिल्म का नाम सत्यमेव जयते रखकर मेकर्स ने देशभक्ति के उमड़ते जुनून को भुनाने की कोशिश की है. 15 अगस्त के मौके पर इसे रिलीज करके जॉन अब्राहम ने न सिर्फ अक्षय कुमार से बल्कि जनता से भी पंगा ले लिया है.

अच्छा क्या है : नोरा फतेही का आइटम नंबर, दिलबर-दिलबर

खराब क्या है: कॉमेडी में फेल हुए निर्देशक मिलाप ज़वेरी ने जबरदस्ती की स्टोरी में जॉन और मनोज वाजपेयी की दमदार एक्टिंग को खर्च कर दिया.

स्टोरी

वीर बने जॉन अब्राहम अपनी एक पर्सनल खुंदक के लिए एक-एक करके मुंबई पुलिस के भ्रष्ट अधिकारियों को मार रहे हैं. उन्हें रोकने की जिम्मेदारी मिली है शिवांश राठौर (मनोज बाजपेयी) को जो एक ईमानदार पुलिस अफसर और उनका सगा बड़ा भाई है. करप्ट सिस्टम के सबक सिखाने में लगा वीर कैसे अपने मकसद में कामयाब होता है और शिवांश के हाथ अंत में क्या लगता है? ये इस फिल्म को देखने पर ही पता चले तो ज्यादा अच्छा है, वर्ना जो थोड़े बहुत लोग इसे जॉन के लिए देखने जाने का मन बना रहे हैं, उनका सस्पेंस खराब हो जाएगा.

एक्टिंग

सबसे पहले बता दें कि इस फिल्म से आयशा शर्मा बॉलीवुड में अपना डेब्यू कर रही हैं, ये एक्ट्रेस नेहा शर्मा की छोटी बहन हैं, लेकिन इन्हें अभी एक्टिंग के गुर सीखने के लिए लंबी दूरी तय करनी है. जॉन अब्राहम से क्रिटिक्स को वो ही पुरानी शिकायत है कि उनके चेहरे पर एक्टिंग वाले एक्सप्रेशन्स कम ही नजर आते हैं. हां, फिटनेस में उन्हें पूरे नंबर मिलेंगे लेकिन एक्शन के लिए उन्हें टाइगर श्रॉफ से कुछ सेन्शन्स लेने चाहिए.

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मनोज बाजपेयी ने अपने दम पर इस फिल्म का आगे बढ़ाया है. पूरी फिल्म में अगर ढंग से काउंट कर लिया जाए तो हो सकता है मनोज का रोल जॉन से ज्यादा बड़ा निकल आए. छोटे से रोल में मंझी हुई एक्ट्रेस अमृता खानविलकर भी हैं लेकिन उन्हें इस फिल्म में अपनी एक्टिंग दिखाने का कोई मौका नहीं मिला है.

स्क्रिप्ट

फिल्म की स्क्रिप्ट से मुझे बड़ी शिकायत है. इसके मेकर्स को अब समझना पड़ेगा कि वो वक्त जा चुका है कि अब दर्शक कुछ भी देखने के लिए थिएटर्स का रुख करते हैं. स्टोरी ढीली है या उसमें कुछ भी कमी है तो उसे दर्शकों का प्यार अब मिलना मुश्किल है. अगर स्टोरी में नयापन नहीं है तो मामला खत्म ही समझिए. ये फिल्म खराब स्टोरी सेंस की शिकार है.

डायरेक्शन

मिलाप ज़वेरी बॉलीवुड में ठीकठाक काम कर चुके हैं. लेकिन उन्होंने ऐसी फिल्म कैसे डिलीवर कर दी इसके लिए उनसे सभी को बड़ी शिकायत है. वो इस तरह की पुरानी स्टोरी के बारे में कुछ भी बड़ी बात करके बच नहीं सकते, अगर फिर भी वो ऐसा करते हैं तो उन्हें अब बॉलीवुड से अपना बोरिया बिस्तर समेट लेना चाहिए क्योंकि नए जमाने के फिल्ममेकर्स के टैलेंट के आगे उन्हें कड़ी चुनौती मिलने वाली है. ये फिल्म को पांच साल पहले बनाते तो शायद उन्हें कुछ नंबर ज्यादा मिल जाते. अब बॉलीवुड बदल चुका है.

आइटम नंबर की धमक

इस फिल्म में अगर कुछ भी सबसे अच्छा है तो वो है इस फिल्म का इकलौता आइटम नंबर जिसमें एक्ट्रेस नोरा फतेही के डांस मूव्स आपको उन्हें अपना दिलबर बनाने पर मजबूर कर देंगे. बड़े पर्दे पर उनका डांस नंबर देखना एक शानदार अनुभव है. इंटरवेल में बाहर निकले लोग इस गाने और नोरा की तारीफें करते नजर आए.

वरडिक्ट

अगर आप जॉन अब्राहम के डाई हर्ट फैंन हैं तो फिल्म देखने जरूर जाइए, सिर्फ जॉन को देखना आपको कोई और कमी नजर नहीं आएगी. लेकिन आप अच्छे एंटरटेनमेंट के लिए सत्यमेव जयते देखने जाना चाहते हैं तो हमारी तरफ से आपको वॉर्निंग है.

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