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Film Review Miत्रों : साल की सबसे मजेदार कॉमेडी फिल्म है ‘मित्रों’

फिल्मिस्तान के बाद फिल्ममेकर नितिन कक्कड़ आपके लिए मित्रों लेकर आए हैं, जो आपको जमकर हंसाएगी

फ़र्स्टपोस्ट रेटिंग:

Updated On: Sep 13, 2018 03:33 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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Film Review Miत्रों : साल की सबसे मजेदार कॉमेडी फिल्म है ‘मित्रों’
निर्देशक: नितिन कक्कड़
कलाकार: जैकी भगनानी, कृतिका कामरा, प्रतीक गांधी

अगर आप फिल्मों के शौकीन हैं, उनमें भी कॉमेडी फिल्मों के तो ‘नितिन कक्कड़’, इस नाम को ठीक से याद कर लीजिए क्योंकि ये वो डायरेक्टर हैं जिन्हें फिलहाल मैं इस जमाने की कॉमेडी फिल्मों के ऋषिकेश मुखर्जी की उपाधि देने के लिए भी तैयार हूं. उनकी पिछली फिल्म फिल्मिस्तान पहले ही कॉमेडी में बुदंलियों के झंडे फहरा चुकी है. दूसरी फिल्म है मित्रों जो एक धमाकेदार रोमांटिक कॉमेडी है. कॉमेडी की फूहड़ता बदनाम न हो इसलिए मैं यहां ये भी बताता चलूं कि ये एक बेहद ही साफ सुथरी फिल्म है. जो आपको इतना हंसाएगी कि आप थिएटर से बाहर आकर भी कई दिनों के इसकी बातें कर सकते हैं.

स्टोरी

जैकी भगनानी (जय) डिग्री से एक ऑटोमोबाइल इंजीनियर है लेकिन पेशे से बेरोजगार, मजे की बात तो ये है कि काम करने में भी उसका कोई खास इंट्रेस्ट नहीं है. दहेज में पैसे मिलने के लालच में वो अवनी (कृतिका कामरा) को शादी के लिए देखने जा पहुंचता है. थोड़ी से कहानी सुनाकर उसके परिवार वालों को पता चलता है कि वो रिश्ते के लिए गलत पते पर आ पहुंचे हैं. तो वहां से उसे बीच में ही बातें छोड़कर जाना पड़ता है.

अवनी एमबीए है, वो आस्ट्रेलिया जाकर और पढ़ना चाहती है, साथ ही कुछ बड़ा बिजनेस करने का भी ख्वाब उसके दिल में पल रहा है. लेकिन उसके पिता पहले उसकी शादी करके अपना पिंड छुड़ाना चाहते हैं. इसलिए इमोशनल ब्लैकमेल करके उसे शादी के लिए लड़कों से मिलवा रहे हैं. कुछ न करने वाला जय, अवनी को बातों-बातों में इतना जरूर बता जाता है कि वो शौकिया तौर पर कुक बनना चाहता है. बात थोड़ी आगे बढ़ती है अवनी उसे एक फूड ट्रक का बिजनेस करने के लिए मना लेती है. दोनों ये धंधा शुरू भी कर देते हैं. लेकिन क्या ये फूड ट्रक का बिजनेस चलता है और अवनी-जय की कहानी का क्या होता है, ये देखने के लिए आप थिएटर्स का रुख करें तो आपको ज्यादा मजा आएगा.

एक्टिंग

जैकी भगनानी ने इस फिल्म में जय के किरदार को बहुत संजीदगी से निभाया है. मुंबई के बैंड्रा का ये लड़का इस फिल्म में एक्टिंग के मामले में लंबी छलांग लगा गया है. डरपोक लड़के के रोल में हमेशा उसके चेहरे पर टेंशन पूरी फिल्म में साफ देखी जा सकती है. कृतिका कामरा टीवी से अपनी एक्टिंग की क्वालिटी को काफी धारदार कर चुकी हैं. उनको देखकर ये कहा ही नहीं जा सकता कि ये उनकी पहली फिल्म है. अपने रोल में वो पूरी तरह से फिट नजर आई हैं और खूबसूरत भी लगी हैं. जय के दोस्त के तौर पर प्रतीक गांधी का काम शानदार है. बाकी एक्टर्स ने भी मौका मिलते ही अपने काम को बखूबी अंजाम दिया है.

डायरेक्शन

इस फिल्म के ट्रीटमेंट के लिए डायरेक्टर नितिन कक्कड़ की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है. पूरी फिल्म आपको बांधकर रखती है. क्लाइमैक्स पर नितिन ने बहुत अच्छा काम किया है, उनकी पिछली फिल्म फिल्मस्तान को भी जिसने देखा तारीफ करने से नहीं रह सका. मित्रों में भी नितिन ने अपना ये ही कौशल बरकरार रखा है. पूरी फिल्म पर उनकी शानदार पकड़ है. एक्टर शारिब हाशमी ने इस फिल्म की स्टोरी लिखी है जो एक तेलुगू फिल्म से इंस्पायर्ड है. स्टोरी में शारिब का काम बेहद शानदार है.

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक अच्छा है. कमरिया गाना फिल्म के लास्ट में आता है. चलते-चलते जिस पर लता मंगेशकर ने आतिफ असलम को लताड़ लगाई थी. सही मौके पर आकर निकल जाता है, बात उनकी बड़ी नहीं लगती. कमरिया इस साल की नवरात्रि पर हर जगह धमाल मचाने वाला है. यो यो हनी सिंह का गाना पार्टी ओवर नाओ....फिल्म में यूज नहीं किया गया है.

वरडिक्ट

कॉमेडी के फैंस के लिए ये एक मस्ट वॉच फिल्म है. लंबे वक्त के बाद अच्छी कॉमेडी फिल्म रिलीज हुई है, जिसमें डांस, ड्रामा, रोमांस सब कुछ है. इसलिए इस लंबे वीकएंड पर आपके अपने मित्रों के साथ इस फिल्म से मित्रता बढ़ा सकते हैं.

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