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FILM REVIEW : थिएटर की ‘बत्ती गुल’, शाहिद कपूर के एंटरटेनमेंट का ‘मीटर चालू’

फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू में आप शाहिद कपूर की एक्टिंग का शुरू से अंत तक मजा लेने वाले हैं

फ़र्स्टपोस्ट रेटिंग:

Updated On: Sep 21, 2018 04:56 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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FILM REVIEW :  थिएटर की ‘बत्ती गुल’, शाहिद कपूर के एंटरटेनमेंट का ‘मीटर चालू’
निर्देशक: श्रीनारायण सिंह
कलाकार: शाहिद कपूर, श्रद्धा कपूर, यामी गौतम, दिव्येंदु शर्मा

फिल्ममेकर श्रीनारायण सिंह मॉर्डन समाज की समस्याओं पर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर बन गए हैं. उनकी पिछली फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा ने सफलता के झंडे गाड़े थे तो दूसरी फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू हो सकता है पीएमओ को पसंद न आए क्योंकि इस लव स्टोरी ट्रायएंगल में उन्होंने पीएम मोदी के उन दावों की हवा निकालने की कोशिश की है जिसमें उन्होंने कहा था कि पूरा इंडिया बिजली के बल्ब की पहुंच में आ गया है.

कहानी

फिल्म की कहानी चार किरदारों पर टिकी है. सुशील कुमार पंत (शाहिद कपूर), जो पेशे से तो वकील है लेकिन शुरू में छोटे मोटे क्लाइंट्स को ब्लैकमेल करके पैसे कमा लेता है. सुंदर मोहन त्रिपाठी (दिव्येंदु शर्मा) उसके बचपन का दोस्त है जो प्रिंटिंग प्रेस लगाकर अपना धंधा शुरू करता है. दोनों की एक ही लव इंट्रेस्ट है ललिता नौटियाल (श्रद्धा कपूर), जिसे नौटी के नाम से ये दोनों पटाने में लगे रहते हैं. चौथा किरदार है एसपीटीएल वो बिजली कंपनी को इंटरवेल के बाद आपको अपने रंग में नजर आएगी. पहले बिजली कंपनी सुंदर को झटका देती है और फिर उसे लगता है वकील सुशील कुमार पंत का करेंट. तो फिर क्या है फिल्म की स्टोरी थोड़ा अंदाजा आप इस ट्रेलर से लगा लीजिए बाकी आपको फिल्म देखकर लगेगा.

एक्टिंग

ये पूरी फिल्म शाहिद कपूर की कही जा सकती है. शुरू से लेकर अंत तक वो अपनी धमाकेदार एक्टिंग के दम पर इसे कैरी करते हैं. चाहे इंटरवेल के पहले सुशील का गैरजिम्मेदार टाइप के लड़के का किरदार हो या फिर इंटरवेल के बाद जिम्मेदार और जुझारू वकील का, दोनों में शाहिद ने अपनी एक्टिंग से जान डाल दी है. दिव्येंदु शर्मा ने शाहिद के दोस्त के रोल में अच्छा काम किया है. श्रद्धा कपूर नौटी के रोल में इन दोनों लड़कों को अपने इर्दगिर्द घुमाने में कामयाब रही हैं. फैक्ट ये भी है कि फिल्म में यामी गौतम भी डिफेंस के वकील के तौर पर जंची हैं. फिगर की बात अगले हफ्ते करेंगे जब इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस नंबर्स आएंगे.

संगीत और डायलॉग्स

गाने अच्छे हैं. गोल्ड तांबा अलग तरह का संगीत है तो देखते देखते गाना हो सकता है आपको किसी पुरानी मोहब्बत की याद दिला दे. अरिजीत सिंह की आवाज में हर हर गंगे फिल्म की सिचुएशन को आगे बढ़ाता है. उत्तराखंड में जिस तरह से इस फिल्म को शूट किया गया है उससे हो सकता है आपका मन पहाड़ों पर सेटल हो जाने को कर आए. कम से कम घूमने जाने को बिल्कुल कर आएगा. फिल्म में डायलॉग्स अच्छे हैं. शाहिद ने कॉमेडी की जो कोशिश की है उसमें वो पूरी तरह से कामयाब हुए हैं यहां तक कि उनका सटायर भी काबिले तारीफ है.

निर्देशन

इस फिल्म के डायरेक्टर श्रीनारायण सिंह हैं, जो इससे पहले पिछले साल टॉयलेट एक प्रेम कथा बना चुके हैं. अक्षय के स्टार पावर ने इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को ऊंचाई दे दी थी. श्री का नाम इससे पहले करीब बीस फिल्मों के एडिटर के तौर पर आता है. उन्हें पता है कि फिल्म को कहां और कितना एडिट करना है. लेकिन इस फिल्म में डायरेक्टर का इंस्टिक्ट एडिटर पर भारी पड़ गया. ये फिल्म अगर 10 से 15 मिनट और छोटी हो जाती तो फिल्म और से कुछ बोरिंग से दिखने वाले मूमेंट गायब हो जाते. निर्देशक के तौर पर श्री का काम सराहनीय है. हर किरदार से उन्होंने अच्छा काम निकलवा लिया है. आने वाले वक्त में मुद्दों पर आधारित फिल्मों के लिए उन्हें और भी सराहना मिल सकती है.

विरडिक्ट

इस हफ्ते नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म मंटो के साथ बत्ती गुल मीटर चालू भी रिलीज हुई है. शाहिद, श्रद्धा और यामी गौतम के लिए आप टिकट खरीदकर अगर थिएटर्स का रूख करेंगे तो आप को निराशा हाथ नहीं लगेगी. क्योंकि जब थिएटर की बत्ती बंद होगी तो शाहिद का एंटरटेनमेंट चालू हो जाएगा.

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