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संजय दत्त की बढ़ सकती है मुश्किल, कोर्ट की गंभीर टिप्पणी

जेल अधिकारियों ने ये आकलन कैसे कर लिया कि संजय दत्त का व्यवहार अच्छा था?

Updated On: Jun 14, 2017 09:12 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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संजय दत्त की बढ़ सकती है मुश्किल, कोर्ट की गंभीर टिप्पणी

संजय दत्त की रिहाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. जिसके जवाब में जेल प्रशासन ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार के मौजूदा नियमों के मुताबिक ही संजय दत्त की सजा माफ की गई.

संजय दत्त की रिहाई पर उठाए गए सवाल पर जेल प्रशासन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट में आदेश प्रदीप भालेकर नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने याचिका लगाई थी जिसमें उन्होंने संजय दत्त की रिहाई और जेल में रहने के दौरान मिले पैरोल पर आपत्ति जताई थी.

सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के जरिए संजय दत्त को सजा पूरी होने से पहले छोड़ने पर सवाल किया था.

कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि किस आधार पर संजय को सजा पूरी होने से 8 महीने पहले ही छोड़ दिया गया.

कोर्ट ने कहा कि, ‘जेल अधिकारियों ने ये आकलन कैसे कर लिया कि संजय दत्त का व्यवहार अच्छा था? उन्हें ये आकलन करने का समय कब मिला जबकि आधे समय तो संजय दत्त पैरोल पर जेल से बाहर थे.’

कोर्ट ने ये भी सवाल किया था कि क्या संजय दत्त की रिहाई के लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई, वही प्रक्रिया आम कैदियों के लिए भी अपनाई जाती है.

कोर्ट के सावल के जवाब में जेल प्रशासन ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार के मौजूदा नियमों के मुताबिक ही संजय दत्त की सजा माफ की गई.

संजय दत्त को कई दफा पैरोल पर जेल से बाहर जाने दिया गया है. कभी अपनी बेटी की नाक की सर्जरी के लिए 30 दिनों का पैरोल तो कभी उन्हें पत्नी मान्यता के खराब स्वास्थ्य के लिए पैरोल पर छोड़ा गया.

2013 से 2014 के दरम्यान संजय दत्त कुल 118 दिन जेल से बाहर रहे. साथ ही अपनी सजा के शुरुआती दो सालों में संजय दत्त ने पांच महीनों से ज्यादा समय जेल से बाहर ही बिताया.

संजय दत्त को 1993 बम धमाकों के मामले में पांच साल की सजा हुई थी.

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