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बिग बॉस जैसे एक शो के लिए मॉरल वैल्यू नहीं भूल सकता: राहुल देव

बिग बॉस के घर से बाहर असली दुनिया और कड़ी सच्चाइयांं हैं.

Updated On: Dec 21, 2016 11:54 AM IST

Runa Ashish

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बिग बॉस जैसे एक शो के लिए मॉरल वैल्यू नहीं भूल सकता: राहुल देव

बिग बॉस के घर से बाहर हुए राहुल देव मुंबई में एक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय इस समय कुर्ग में चाय और कॉफी के बागानों में अपनी कॉफी की सिप लेना पसंद कर रहे हैं और समय मिलने पर गिने-चुने मीडिया वालों से अपने दिल की बातें भी शेयर कर रहे हैं.

राहुल देव से खास बातचीत...

आप घर से बाहर हो गए हैं. क्या ये एक शॉकिंग बात रही आपके लिए?

नहीं... मुझे शायद थोड़ा अंदाजा तो रहा है. सिर्फ एक पहले एविक्शन की बात छोड़ दें तो मुझे प्रियंका का एविक्शन समझ नहीं आया था. हम बहुत ही नए थे उस घर में. बाद में तो जितने भी एविक्शन हुए सब मुझे लग रहे थे कि हो सकते हैं. जब पहली बार लोकेश को कहा गया कि वो एविक्ट हो गई हैं तो शायद आपने देखा हो कि मैं अकेला वहां टीवी के सामने बैठा था.

फिर बाद में सलमान ने मुझसे कहा कि लोकेश को ले कर आ जाएं, वो नहीं बाहर हुई हैं. पता नहीं क्यों मेरे गेस सही निकल रहे थे.

जिंदगी के अनुभव आपको कभी-कभी लोगों को पढ़ने में काम आते हैं, समझने में काम आता है तो कभी आपकी आभास कर लेने की शक्ति को भी बढ़ा देता है.

आपकी सिक्स्थ सेंस की मदद आपको घर में कितनी हुई?

घर में भी सिक्स्थ सेंस काम करती था. लेकिन ऐसे कोई आभास भी रहे जो बहुत ही विचलित कर देते थे कि एक आदमी चेहरे पर तो जी-जी करके बात कर रहा हो लेकिन पीछे कुछ और बात करेगा. आपको मालूम है कि ये आपको गिराने की फिराक में है. लेकिन अगर उस समय आप ये बातें दिमाग में रखो तो आप शांत और सौम्य नहीं रह सकते हैं, तो कई बार बातों को नजरअंदाज करना पड़ता है.

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कैसा रहा आपका अनुभव?

देखिए, मेरे साथ कई लोग दो-तीन फिल्म पुराने थे तो कुछ उम्र में कम थे और मैं ठहरा 104 फिल्म पुराना. मैंने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी देखा है कि लोगों को मेरी सादगी पसंद आ रही थी. मैं घर में इस बात को लेकर बहुत सावधान था कि मेरी इमेज एक शो के लिए मैं खराब न करूं. वर्ना बाद में मुझे बहुत पछतावा होता. मेरे लिए ये एक नौ हफ्ते की फिल्म शूट के बराबर था.

मैं अगर किसी गेम शो लिए हायर किया गया हूं तो प्रोडक्शन हाउस और चैनल चाहेंगे कि लोगों को पसंद आने वाले कंटेस्टेंट हों. मैं एक शो के लिए वो नहीं बनना चाहता जो मैं नहीं हूं. एक बार एक एपिसोड में मुझसे सलमान ने भी पूछा कि आप ऐसे क्यों हैं तो मैंने कहा अब क्या करूं, मैं नहीं हूं कोई प्लैनिंग या प्लॉटिंग करने वाला. मैं एक पढ़ा-लिखा बंदा हूं. मेरे कुछ मिडिल क्लास नैतिक मूल्य हैं जो मेरे साथ रहेंगे जब तक मैं हूं इस दुनिया में.

घर में लड़ाई-झगड़े होते रहे हैं. सलमान ने भी आपको पूछा था कि इतने दिनों तक शांत बने रहना और अपने आपको संतुलित बनाए रखना कैसे किया आपने?

मुझे लगता है कि मुझे भगवान का कोई आशीर्वाद मिला हुआ है. मैं 2013 में एक ऐसे शख्स से मिला जो मेरे लिए अब सबकुछ है. आप उन्हें मेरे गुरू मान सकते हैं, भगवान मान सकते हैं. उनकी कुछ सीखें हैं, उनके कुछ आशीर्वाद ऐसे हैं. मैं ध्यान भी खूब लगाता रहता था. पता नहीं वो दिखाया है या नहीं.

फिर बिग बॉस के घर में जो बातें होती है, जिंदगी में उससे कहीं बड़ी और कड़ी सच्चाइयां होती है. मैं जब अपने करियर में बहुत अच्छा कर रहा था तो अचानक मैंने सात साल पहले अपने जीवनसाथी को खो दिया. मेरा बेटा उस समय दस साल का था.

अब बिग बॉस का चैलेंज कहां कोई बड़ा चैलेंज हैं. आपको तो यहां रहने के भी पैसे मिल रहे हैं, जितना मैं यहां रहूंगा उतना मुझे लोग पहचानेंगे. मेरे पैसे भी उतने ही बढ़ते रहेंगे. घर के बाहर निकल भी गया तो मेरे लिए तो फेम बढ़ ही रहा है ना. मैंने तय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिसे देख लोग कहेंगे कि क्या कर रहा है ये. ये बात तय है कि मैं स्वामी ओम या प्रियंका नहीं होना चाहता.

घर के अंदर की कुछ ऐसी बातें बताएं जिसको पचाने में मुश्किल हुई.

मैं आपसे दो सवाल पूछता हूं कि क्या देश में महिलाओं को समान अधिकार मिलना चाहिए? और क्या देश से पाखंडियों और अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले बाबाओं का सफाया होना चाहिए? आपका जवाब हां में है तो.. बताइए घर में सबसे बड़ा एंटरटेनर कौन लगा आपको....बाबा लगे...

आपको ठीक लगता है कि वो इंसान महिलाओं के सामने पेशाब कर देता है? या महिलाओं को अपने समान मानता है? या महिलाओं को बुरी नजर से नहीं देखता?...

Bigg Boss 10 - Day 59 (7)

तो वो ये सब करना चाहते हैं पॉइंट पाने के लिए. वो कोई तांत्रिक वगैरह नहीं हैं वो बिल्कुल झूठे हैं. अब इस पर आप दर्शकों को परख कर देखिए. मेरे समझ में नहीं आया कि दर्शक बाबा ओम को क्यों सपोर्ट कर रहे हैं? वो तो बिल्कुल झूठे हैं...दर्शक क्यों प्रियंका जग्गा का साथ दे रहे हैं? देश में किस तरीके की महिला का प्रियंका प्रतिनिधित्व कर रही हैं. क्यों देख जा रहा है उनको?

आप भी एक पत्रकार हैं. आप इन लोगों के बारे में मत लिखें. या लोगों को बताएं कि ये सब गलत है. आप अपने कलम की ताकत को पहचानें और बहादुर बनें. सच लिखें. हमारे देश की परेशानी अगर यहां के लोगों की संख्या है तो इस देश की ताकत भी यहां की जनसंख्या है. अगर लोग देश को बदलना चाहते हैं या बेहतर बनाना चाहते हैं तो वो कैसे बनेगा. दुनिया में 60% लोग 40 साल के अंदर की उम्र के हैं.

मैं बहुत खुले दिमाग का हूं, सब अच्छा है. सब ठीक हैं. मनु मनवीर भी हैं लेकिन ठीक हैं न. लेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरा बेटा इस शो को देखे. देखिए मैं किसी पर अपनी बात को थोप नही सकता हूं. मैं असलियत में तो नहीं चाहूंगा कि मेरा बेटा सिगरेट पिए या शराब पिए लेकिन मैं उस पर अपने विचार नहीं थोप सकता हूं. मुझे पसंद हा या ना हो मुझे उसकी बात को मानना पड़ेगा.

तो फिर आपने ये शो क्यों किया है? आपके विचार कहीं कहीं विरोधाभासी हैं.

मेरा इस शो में आने का एक ही कारण था. मैं लगभग साढे़ तीन सालों से इंडस्ट्री से बाहर था. मैं शूट पर शूट कर रहा था और मेरे पीछे मेरी साथी रीना ही उन्हें संभालती थी. जब वो चली गईं तो जिम्मेदारी मुझपर आ गई. मेरी शूट साल भर चलती रहती थी और देश विदेश के कोने-कोने में चलती थी. तो अब मेरे सामने अपने बेटे को संभालने की जिम्मेदारी थी.

वैसे भी मैंने प्रोडक्शन हाउस को शो में पहले ही कह दिया था कि मैं ऐसी-वैसी कोई बात नहीं कर सकता हूं. मैं अब अपने मूल्यों को बदल नहीं सकता हूं. यहां जब मेरा करियर अच्छे से चल रहा था तो मैंने ही अपने करियर पर ब्रेक लगाया. मैंने कही किसी को ये नहीं बताया कि मेरे साथ क्या हो गया.

आपने पूछा तो मैं बता रहा हूं. मैंने अभी कुछ फिल्में भी कीं और लगा सब अच्छा जा रहा है तो फिर सोचा क्यों न एक शो कर लूं. कम से कम इंडस्ट्री को लगेगा कि मैं हूं यहां.

शो में जब आप एविक्ट हो कर सलमान के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा कि आशा है कि जल्द ही आप साथ काम कर सकते हैं या साथ काम करें. ये क्या बात है..... क्या कोई नई फिल्म साथ कर रहे हैं क्योंकि इसके पहले आप दोनों दस और क्योंकि जैसी फिल्में साथ में कर चुके हैं?

बस वहीं तो मैं कह रहा हूं. मैंने तो सलमान से कहा नहीं उन्होंने खुद बोला कि आशा है कि हम साथ में फिल्म करें. तो मेरा बिग बॉस में आना काम आ गया. उन्होंने कुछ तो स्पेशल देखा होगा मुझमें, तभी कहा. किसी और को तो नहीं कहा.

ये ही मैं करना चाहता था अपनी रोजी रोटी के लिए. मुझे अभिनय आता है और मैंने वो किया. एक एक्ट में मैंने बाबा ओम का रोल किया था यानी मैं वो कर सकता हूं. लेकिन मैं बाबा ओम जैसा नहीं कर सकता हूं. मैं लोगों के खिलाफ योजना बनाऊं या गिराऊं मैं वो नहीं कर सकता.

बाबा पर तो आपको भी एक बार बहुत गुस्सा आ गया था.

हां, बहुत गुस्सा आ गया था. मैंने तो गाली भी दे दी थी. वो लोपा के साथ या दूसरी लड़कियों के साथ बुरा व्यवहार कर रहे थे. तो मैं कैसे चुप रहता.

एक बार वीकेंड का वार में रोहन की ऑनस्क्रीन मां यानी हिना ख़ान आई थीं उन्होंने भी प्रियंका के लिए कहा था कि हो सकता है कि उनके बच्चे ये शो देख रहे हों तो उन पर क्या असर पड़ सकता है?

मुझे भी लगता है कि आप दो बच्चों की मां हैं. आप लड़कों पर लाइन पास करती हैं और आपके घर में आपके पति हैं. मैं कोई नहीं हूं आप पर निर्णय लेने वाला. ये तो ठीक भी नहीं कि मैं किसी को जज कर सकूं, कौन क्या कर रहा है न उस वक्त में उस बेचारे को ही पता है.

लेकिन एक बात तो मैं कह सकता हूं कि ये बच्चों को बहुत अच्छा उदाहरण नहीं दे रही हैं. लेकिन साथ में ये भी मैं कहूंगा कि वो टास्क के मामले में बहुत ही अच्छी हैं. लेकिन अब ये आप पर निर्भर है कि आप क्या करना चाहते हैं.

अगर आपको टास्क के दौरान बाथरूम यूज नहीं करने दिया जा रहा है और इसके लिए आप किचन में नेशनल टेलिविजन पर पेशाब कर सकते हैं तो ये वो चीज है जो मैं नहीं कर सकता हूं.

अब मुझे भी एक टास्क दिया गया था कि साइक्लिंग करो तभी घरवालों को गैस-पानी जैसी  सहूलियतें मिलेंगी तो मैंने रात भर किया वो टास्क. लगातार 12 घंटे चलाया. ढाई दिन के लिए खाना भी बनाया जबकि मुझे बिल्कुल नहीं आता था. लोपा मुझे सिखाती थीं और मैं खाना बनाता था.

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लेकिन इस बीच आपने कुछ तो सीखा होगा इस घर की वजह से?

हां.. मुझे बहुत गर्व है कि मैं 1999 से कॉफी बहुत पीता था. मैंने इस दौरान 38 दिन बिना कॉफी पिए बिताए. ये मेरे लिए जाती तौर पर बहुत बड़ी बात रही. ये मेरे लिए एक उपलब्धि है. जो मैं काफी वक्त से नहीं कर पा रहा था.

मैंने धीरज रखना सीखा, लोगों की मदद की. कभी रोहन परेशान हो रहे थे या लोपा परेशान हो रही थी. एक बार गौरव भी परेशान थे तो मैंने उनकी मदद की. आपने अगर देखा हो तो मैंने मनु के साथ भी ऐसा ही किया. उसने अपनी मां को खोया था तो बाथरूम में बैठकर वो मेरे साथ रोया भी है जबकि वो मेरे विरोधी टीम में था. मनवीर तो मेरे पांव भी छू लेता था.

देखिए हर कोई गेम खेलने आया है तो वो भी मेरे विरोध में जाएगा. लेकिन अगर कहीं बाहर मिल गया तो मेरे पांव भी छू लेगा. मुझे मनवीर बहुत पसंद है वो एकदम साफ दिल का है, वो बहुत बहादुर है. लेकिन इन दिनों वो नीतिभा के साथ है और जरूरत पड़ने पर वो ये भी कह सकता है कि मैं बाहर जा रहा हूं, तू ये गेम जीत ले.

आपके हिसाब से कौन जीत सकता है?

मेरे हिसाब से पांच लोग हैं जो अंत तक जा सकते हैं, लोपा, गौरव, रोहन, मनु और मनवीर और फिर बानी. इन छ: लोगों में से पांच जाएंगे. हां अब चैनल को लगे कि ये टीआरपी नहीं दे रहे हैं तो उन्हें बचा लिया. जैसे कि बाबा को बचाया.

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आप इंडियावाले और सेलेब्रिटी के कॉन्स्पेट से कितने सहमत हैं?

देखिए, ये एक ऐसा कॉन्सेप्ट है जो प्रोडक्शन हाउस ने सोचा. बिग ब्रदर जो असली गेम शो है, उसे ही उठाकर देश में लाया गया और उसमें कोई भी सेलिब्रिटी नहीं होता सिर्फ आम लोग होते हैं. मेरे लिए ये एक प्रोफेशनल बात है और मैं कोई नहीं हूं इसके बारे में कुछ भी कहने के लिए.

वैसे जो प्रोडक्शन कंपनी इसे बनाती है उन्होंने देश भर में रिसर्च किया और मालूम पड़ा कि लोग सेलेब्रिटी को देखना पसंद करेंगे. शायद आम लोग उन्हें पसंद ना भी आएं. ये एक बिजनेस है.

शो का सबसे बड़ा कैचिंग पॉइंट सलमान हैं तो कोई भी उनके साथ खड़ा है. ये मेरी निजी राय है. ये चैनल या प्रोडक्शन हाउस की राय नहीं हैं. इंडिया वाले नाम दिया है ताकि लोग इन लोगों में अपने-आप को देख सकें. चाहें वो प्रियंका जैसे हों या नहीं या मनु जैसे हों या नहीं.

तो आखिरी तीन कौन हो सकते हैं?

गौरव, लोपा और रोहन. बानी भी हो सकती हैं लेकिन बानी की प्रॉब्लम है कि वो अभी तक की छह टास्क में सभी हार गई हैं और आगे चलकर ये बहुत ही जरूरी होगा कि वह टास्क जीतें, नहीं तो हो सकता है कि वो गेम से बाहर हो जाएं.

अब आगे क्या?

फिल्मों मे देखेंगे और क्या. मेरी जो उम्र है, उसमें तो अमरीश पुरी और बमन ने अपना काम शुरु किया था और फिर मेरे तो सिक्सपैक ऐब्स भी हैं. देखेंगी आप मुझे फिल्मों में..

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