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Exclusive: एक क्लर्क का बेटा आज FTII का चेयरमैन बन गया: अनुपम खेर

अनुपम खेर ने एफटीआईआई चेयरमैन बनने के बाद फर्स्टपोस्ट हिंदी से की खास बातचीत

Updated On: Nov 30, 2017 08:17 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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Exclusive: एक क्लर्क का बेटा आज FTII का चेयरमैन बन गया: अनुपम खेर

बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता अनुपम खेर कल फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के चेयरमैन नियुक्त किए गए. इस खबर के मिलते है वहां के स्टूडेंट्स में खुशी की लहर है. अनुपम ने फर्स्टपोस्ट हिंदी से बातचीत करके अताया कि चेयरमैन के तौर पर इस इंस्टिट्यूट में क्या कुछ नया करने वाले हैं.

अनुपम से पूछा गया कि उनके  चेयरमैन बनने से लोग काफी खुश हैं तो उन्होंने कहा, “ये एक बहुत ही अच्छी फीलिंग है कि लोगों से विनम्रतापूर्वक ये सम्मान मिला लेकिन इसी के साथ ये एक जिम्मेदारी भी है जो लोगों ने मुझे सौंपी है. जब मुझे कल बताया गया कि मुझे ये पदभार दिया जा रहा है तो मैं बहुत खुश हुआ. मैं  ‘रांची डायरीज’ को प्रमोट करने में लगा हुआ था और मुझे अचानक से इस बारे में पता चला. “

अपने करियर के शुरूआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, “जब भी मुझे कोई सेंस ऑफ अचीवमेंट होती है तो मैं अपने जिंदगी की शुरुआत में जाता हूं. तो मेरे जिंदगी की शुरुआत हुई एक छोटे से शेहर में जहां एक फारेस्ट डिपार्टमेंट में एक क्लर्क का बेटा आज उसी इंस्टिट्यूशन का चेयरमैन बनता है जहां उसने 6 महीने पढ़ाई की है इससे बड़ी उपलब्धि की बात और क्या हो सकती है.”

इस इंस्टिट्यूट में अपनी इस नई शुरुआत को लेकर अनुपम ने कहा, ”वहां स्टूडेंट्स के साथ, इंस्टिट्यूशन और टीचर्स के साथ मेरे इंटेंशन बहुत सही है और मैं किसी भी काम को करने में विश्वास रखता हूं. तो मुझे लगता है कि मेरा जो 45 साल का अनुभव है, थिएटर में काम करने का अनुभव है, हर भाषा में मैंने फिल्म की है और इंटरनेशनल अनुभव मुझे लगता है वो कहीं न कहीं काम आएगा और आज की पीड़ी से सीखने को बहुत कुछ मिलता है, उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. ये एक महान सफर होगा और मैं किसी भी तरह के पहले से सोचे हुए विचारों को लेकर नहीं चल रहा हूं. मुझे कोई आईडिया नहीं है कि मैं ये सब कैसे करूंगा बस इतना जानता हूं कि मैं एक खुले दिल के साथ और वर्ल्ड सिनेमा और वर्ल्ड थिएटर के ग्रेट नॉलेज के साथ जाऊंगा जिसे मैं वहां सभी के साथ शेयर करूंगा.”

अंत में अनुपम से पूछा गया कि गजेंद्र चौहान को लेकर वहां विवाद उत्पन्न हुआ तब वहां स्टूडेंट्स बहुत विद्रोह करने लगे थे और बहुत प्रोब्लेम्स क्रिएट हुई थी जिसमें बच्चों की पढ़ाई का नुक्सान भी हुआ. उनके चेयरमैन बनने के बाद आगे चलकर कहीं ना कहीं ये बातें  भी आएंगी, तो इसपर उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यवश ऐसा सब भी हुआ और मैंने तब भी कहा था कि जिस इंसान के काम की लोग इज्जत नहीं कर सकते उनसे थोड़ी तो नाराजगी होती है ना? तो कोई बात नहीं, मुझे उन बातों पर सोचने की जरुरत नहीं है. मैं नए सिरे से इस सफर की शुरुआत करना चाहता हूं और खोए हुए वक्त की भरपाई करने की हम कोशिश करेंगे. मैं वहां कई सारे इनोवेटिव आइडियाज के साथ आऊंगा.”

इसी के साथ अपने चेयरमैन बनने के मौके पर अनुपम ने ट्विटर पर सभी का शुक्रियादा किया था.

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