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अमृता सिंह का छलका दिल का दर्द -'बिना पिता के बच्चों को पालना था मुश्किल'

अमृता सिंह ने एक इंटरव्यू में खोल दिए हैं अपने दिल के राज

Updated On: Jan 06, 2019 11:48 AM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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अमृता सिंह का छलका दिल का दर्द -'बिना पिता के बच्चों को पालना था मुश्किल'

सारा अली खान… बॉलीवुड इंडस्ट्री में उभरता नाम. एक ऐसा नाम जिसने महज दो हफ्ते पहले ही बॉलीवुड में एंट्री की है और दो बड़ी फिल्में भी दे चुकी हैं. 'केदारनाथ' और 'सिम्बा' सारा की वो दो फिल्में है जिसने सुपरहिट फिल्मों वाली लिस्ट में अपना नाम शामिल कर लिया है. फिल्म क्रिटिक्स हो या आम पब्लिक सभी ने सारा अली खान की एक्टिंग की खूब तारीफ की है. सारा की एक्टिंग देख ऐसा लगता ही नहीं कि उन्होंने अभी सिर्फ दो फ़िल्में की हैं क्योंकि सारा का कॉफिडेंस लेवल कमाल का है. उनके डायलॉग बोलने की स्टाइल बेहतरीन है.

सारा अली खान की कामयाबी के पीछे जो सबसे बड़ा हाथ है वो है उनकी माता अमृता सिंह का है. बिन पिता के प्यार के बच्चों की परवरिश करना कितना कठीन है ये शायद हम-आप नहीं समझ पाएंगे. अक्सर ही अमृता सिंह से ये सवाल होता है कि उन्होंने इब्राहिम और सारा की देखभाल कैसे कर ली? बड़ी ही सादगी से जवाब देते हुए अमृता सिंह कहती हैं कि जब जिम्मेदारी सर पर पड़ती है ना सब खुद ही हो जाता है. अमृता सिंह से सवाल ये भी था कि उन्होंने दूसरी शादी के बारे में क्यों नहीं सोचा. जवाब में अमृता सिंह ने चुप्पी साधना ही ठीक समझा. ये इंटरव्यू इंडिया टुडे ने प्रकाशित किया है

बता दें कि 'केदारनाथ' से पहले सारा अली खान को बॉलीवुड जगत से कई बड़े ऑफर थे लेकिन अमृता सिंह ने बहुत सोच-समझ कर सुशांत सिंह राजपूत के साथ 'केदारनाथ' फिल्म से उन्हें डेब्यू करवाने का सोचा. अभिनेता सनी देओल चाहते थे कि सारा अली उनके बेटे करण देओल की फिल्म 'पल पल दिल के पास' के साथ पहली फिल्म की करे पर अमृता सिंह को ये ऑफर मंजूर नहीं था. अमृता ने सनी देओल को मना कर दिया जिसकी वजह से वे आज भी नाराजगी जाहिर करते हैं. गौरतलब है कि खुद अमृता सिंह ने सनी देओल के साथ 'बेताब' फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.

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