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वैलेंटाइन डे: एक गर्ल फ्रेंड विहीन आम लड़के की आप बीती

टीन एज लड़कों के लिए वैलेंटाइन प्रेम का नहीं टेंशन का दिन होता है

Updated On: Feb 15, 2017 07:57 AM IST

Puneet Saini Puneet Saini
फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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वैलेंटाइन डे: एक गर्ल फ्रेंड विहीन आम लड़के की आप बीती

वैलेंटाइन डे का दिन खास होता है, उनके लिए भी जो इसे हर्षोल्लास के साथ अपनी प्रेमिका के साथ मनाते हैं और उनके लिए भी जो इसे नहीं मना पाते.

जिन लड़कों के पास गर्लफ्रेंड और प्रेम करने के साधन और कारण होते हैं उनके साथ तो आज के दिन पूरा बाजार खड़ा हो जाता है पर उनका क्या जो वैलेंटाइन डे चाह कर भी नहीं मना पाते है. ऐसे टीन एज लड़कों के लिए वैलेंटाइन प्रेम का नहीं टेंशन का दिन होता है.

एक 19 साल के गर्लफ्रेंड रहित लड़के के लिए वैलेंटाइन डे क्यों समस्या है? ये तमाम कारण 22 साल की उम्र पार कर जाने के बाद बेवकूफाना लगती हैं और होती भी हैं. लेकिन ये एक मध्य वर्गीय औसत जवान लड़के का दुःख है जिसे वो कतई हलके में नहीं लेता.

1. दोस्तों के बीच आप एक लूजर साबित होते हैं

वैलेंटाइन डे आप मनाना चाहते हैं और आपके पास गर्लफ्रेंड नहीं है तो आप दोस्तों के बीच लूजर साबित होते हैं. आपके दोस्त के पास गर्लफ्रेंड है तो उसके लिए यह दिन खास हो जाता है.

अगर आपके पास गर्लफ्रेंड नहीं है तो आप खुद को लूजर महसूस करते है. आपके दोस्त बार-बार वैलेंटाइन डे के किस्से बता बता कर आपको यह एहसास करवाते रहते हैं कि आप पढ़ाई लिखाई में जितने भी आगे हों लेकिन अंतत: आप लूजर ही साबित होते हो.

2. ये आपके आत्मविश्वास में सीधे तौर पर कमी लाता है.

वैलेंटाइन डे पर आपकी गर्लफ्रेंड आपके साथ है तो आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है. बाजारों की रौनक बिना गर्लफ्रेंड वाले लड़के के लिए किसी काम की नहीं होती.

वैलेंटाइन पर आपकी गर्ल फ्रेंड साथ हो तो आप उन तमाम लड़कों पर हंस सकते हैं जो आपसे चाहे किसी भी और तरह से बेहतर हो लेकिन सिंगल हो.  इस दुख को सिंगल लड़के से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता.

दो लोग अलग-अलग तरीके से वैलेंटाइन डे मनाते हुए

दो लोग अलग-अलग तरीके से वैलेंटाइन डे मनाते हुए

3. ये आपको अपनी परेशानी या झेंप को छिपाने के लिए कुछ बेवकूफी भरा काम करने को उकसाता है ?

सामने आपका दोस्त हो और साथ उसकी गर्ल फ्रेंड हो. दोस्त की गर्ल फ्रेंड आपकी बैचमेट निकले तो आप होपलैस हो जाते हैं. वो भी वैलेंटाइन डे के दिन ऐसा हो तो फिर आपको ये बेवकूफी भरा काम करने को उकसाता है.

इस चक्कर में आप सिर्फ ये दिखाने के लिए कि आपको कोई फर्क नहीं पड़ता आप बेवज किसी के साथ बदतमीजी कर बैठते हैं या जबरन किसी दुसरे लड़के से लड़ बैठते हैं. ये बजरंग दल या संस्कार दल उसी तरह के लड़कों का एक झुण्ड होता है.

4. कई मामलों में मां के बाप के ख़िलाफ़ मन में गुस्सा पैदा करता है जो आपको पर्याप्त पैसे और साधन नहीं दे सके.

गर्लफ्रेंड के साथ बाहर जाने के लिए लड़के को जेब में पैसा होना जरूरी लगता है. अगर आप कमाते नहीं हैं तो वैलेंटाइन डे पर आपका सहारा आपके मां बाप होते हैं. ऐसे मौके पर आपके मां-बाप पैसे देने के लिए मना कर दें तो जाहिर सी बात है आपके मन अपने मां-बाप के खिलाफ गुस्सा पैदा होता है.

ऐसी कई कहानियां आपने पढ़े होंगे जब लड़कों ने चोरियां शुरू कर दीं या कुछ एक मामलों में पैसे के हत्या तक कर डाली.

इसका अर्थ ये नहीं है कि हर लड़का चोर बन जाए या आत्मविश्वास की कमी से मर जाए लेकिन हाँ ये 19 20 साल की उम्र में एक गंभीर चुनौती तो पेश  करता ही है.

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