S M L

मुसलमानों की भाषा बनकर रह गयी है उर्दू: शर्मिला टैगोर

72 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा ये जुबान ‘संभवत: मुसलमानों' द्वारा ही बोली जा रही है

Bhasha Updated On: Feb 19, 2017 07:41 PM IST

0
मुसलमानों की भाषा बनकर रह गयी है उर्दू: शर्मिला टैगोर

वरिष्ठ अदाकारा शर्मिला टैगोर ने आज कहा कि उर्दू में ‘ठहराव’ आ गया है और वह मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित हो कर रह गई है.

दिल्ली में चल रहे जश्न-ए-रेख्ता में ‘जब फिल्में उर्दू बोलती थीं’ सत्र के दौरान 72 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा ये जुबान ‘संभवत: मुसलमानों' द्वारा ही बोली जा रही है.

शर्मिला ने कहा, ‘इतिहास को समझने के साथ सुविज्ञ और संतुलित भविष्य को देखने के लिए परंपराएं अहम भूमिका निभाती हैं. लेकिन उर्दू जो भारतीय इतिहास का एक अभिन्न अंग हैं कुछ ठहर सी गई है. यह एक अल्पसंख्यक भाषा बन कर रह गई है जो संभवत: सिर्फ मुसलमानों द्वारा ही बोली जा रही है.’

कभी दिल्ली में बड़े पैमाने पर बोली जाने वाली उर्दू जुबान को भी बंटवारे का दंश झेलना पड़ा और ‘देश की साहित्यिक परंपरा टूट गई’. पाकिस्तान में जहां इसे आधिकारिक भाषा घोषित किया गया वहीं भारत में ये एक दायरे में सिमट कर रह गई.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
International Yoga Day 2018 पर सुनिए Natasha Noel की कविता, I Breathe

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi