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अमेरिका के कारण डब्ल्यूटीओ की वार्ता टूटने के कगार पर

भारत बार-बार कहता रहा है कि मौजूदा बैठक में खाद्यान्न के सार्वजनिक भंडारण के मुद्दे का स्थाई समाधान निकालना ही होगा

Updated On: Dec 13, 2017 11:40 AM IST

Bhasha

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अमेरिका के कारण डब्ल्यूटीओ की वार्ता टूटने के कगार पर

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में चल रही मंत्री स्तरीय वार्ता टूटने के कगार पर आ गई है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि अमेरिका ने खाद्यान्न के सार्वजनिक भंडारण के मुद्दे के स्थाई समाधान के प्रयासों में शामिल होने से इनकार कर दिया है.

आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका की सह-व्यापार प्रतिनिधि शेरोन बोमर लारितसन ने एक समूह बैठक में कहा कि खाद्य भंडारण के मुद्दे का स्थाई समाधान अमेरिका को मंजूर नहीं है.

अधिकारियों के अनुसार चूंकि अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है तो वार्ताएं टूटेंगी ही.

भारत बार-बार कहता रहा है कि मौजूदा बैठक में खाद्यान्न के सार्वजनिक भंडारण का मुद्दे के स्थाई समाधान निकालना ही होगा. भारत ने खाद्यान्न के सार्वजनिक भंडारण के स्थायी समाधान की जरूरत पर अपने रुख को कड़ा करते हुए कहा है कि अगर डब्ल्यूटीओ की मौजूदा मंत्री स्तरीय बैठक इसमें विफल रही तो इससे इस बहुपक्षीय संस्थान की साख प्रभावित होगी.

डब्ल्यूटीओ की चार दिवसीय बैठक रविवार को शुरू हुई थी. इस बीच वैज्ञानिक एम.एस.स्वामीनाथन ने विश्व व्यापार संगठन की वार्ता में खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भारत के कड़े रुख की सराहना की है. उन्होंने कहा कि भुखमरी को खत्म करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना कृषि संबंधी बातचीत का आधार होना चाहिए.

स्वामीनाथन ने ट्विटर पर लिखा कि इस मुद्दे पर वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु का आभार व्यक्त किया जाना चाहिए जिन्होंने डब्ल्यूटीओ में स्पष्ट रूप से कहा कि खाद्य सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

 

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