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दुनियाभर के सीईओ की नजर में भारत निवेश के लिए 5वां सबसे पसंदीदा देश

कंसल्टिंग फर्म प्राइसवाटरहाउसकूपर्स द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में भारत जापान को पछाड़ कर निवेशकों की पसंद की लिस्ट में पांचवें नंबर पर आ गया है

FP Staff Updated On: Jan 23, 2018 11:04 AM IST

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दुनियाभर के सीईओ की नजर में भारत निवेश के लिए 5वां सबसे पसंदीदा देश

दुनियाभर के तमाम सीईओ के बीच कराए गए सर्वेक्षण में भारत निवेश के लिए पसंदीदा देशों की लिस्ट में पांचवें पायदान पर आ गया है. इससे पहले पांचवें नंबर पर जापान था. इसके साथ ही इंटरनेशनल मोनेटरी फंड ने भी कहा है कि 2018 में भारत एक बार फिर तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आएगा.

कंसल्टिंग फर्म प्राइसवाटरहाउसकूपर्स द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में तमाम सीईओ ने कहा कि उनके होम मार्केट के अलावा अमेरिका में निवेश करने की उनकी संभावना अधिक है. इसके बाद चीन का नंबर आता है. इस लिस्ट में भारत जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों को पीछे छोड़ कर ऊपर आ गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, यह सर्वेक्षण पीएम मोदी के लिए एक बूस्टर की तरह है जो विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. पीएम मोदी की खास नजर मैन्युफैक्चरिंग के सेक्टर पर है जहां तेजी नहीं दिख रहा. यह सेक्टर रोजगार मुहैया कराने के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

पीडब्ल्यूसी इंडिया के चेयरमैन श्यामल मुखर्जी ने कहा कि संरचनात्मक सुधारों से पिछले एक साल में भारत की कहानी बेहतर होती दिख रही है. हमारे अधिकांश ग्राहक अपने विकास के बारे में आशावादी हैं. सरकार ने बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग और कौशल जैसे क्षेत्रों की चिंताओं को दूर करने के प्रयास किए हैं, हालांकि साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे नए खतरे भी हमारे सामने आ गए हैं.

पिछले कुछ वर्षों में कई प्रमुख क्षेत्रों को विदेशी निवेशकों के लिए खोलने से चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत में एफडीआई में 17% की बढ़ोतरी हुई. यह 2016-17 में पहली बार 60 अरब डॉलर से ऊपर था, लेकिन 2017 में चीन के 137 अरब डॉलर के आधे से भी कम.

इन सब के बावजूद आईएमएफ ने सोमवार को अपने पहले के अनुमान को फिर दोहराते हुए कहा कि 2018 में भारत 7.4% की रफ्तार से बढ़ेगा और 2019 में बढ़कर पिछले वर्ष के मुकाबले 7.8% हो जाएगा. इसके विपरीत, आईएमएफ का अनुमान है कि चीन, जो कि भारत की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है, उसकी विकास गति धीमी हो जाएगी. चीन 2018 के 6.8 प्रतिशत की बजाय आने वाले साल में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा.

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