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विजय माल्या ने फर्जी कंपनियों में डाल दिए करोड़ों रुपए

मनी लॉन्ड्रिंग केस में फरार चल रहे विजय माल्या के कारनामों के बारे में एक बार फिर हुआ खुलासा

Updated On: Sep 25, 2017 12:07 PM IST

FP Staff

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विजय माल्या ने फर्जी कंपनियों में डाल दिए करोड़ों रुपए

मनी लॉन्ड्रिंग केस में फरार चल रहे विजय माल्या के कारनामों के बारे में एक और खुलासा हुआ है. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पाया गया कि माल्या ने बैंकों से लिए गए तकरीबन 6 हजार करोड़ रुपए के लोन का ज्यादातर हिस्सा शेल कंपनियों यानी फर्जी कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया था. बता दें कि विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई और ईडी एक और चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है.

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय माल्या ने ये रकम सात देशों की शेल कंपनियों के जरिए ट्रांसफर की थी. इन देशों में अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, आयरलैंड शामिल हैं. हालांकि, सीबीआई और ईडी ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि माल्या ने लिए गए लोन का कुल कितना हिस्सा शेल कंपनियों में लगाया था. सूत्रों का कहना है कि माल्या ने काफी ज्यादा रकम ट्रांसफर की थी.

सीबीआई और ईडी के सूत्रों ने क्या बताया?

सीबीआई और ईडी के सूत्रों ने बताया, हमें सूचना मिली है कि माल्या ने अपनी कंपनी और एसोसिएट के जरिए बैंक लोन का ज्यादातर हिस्सा कई देशो की फर्जी कंपनियों में लगाया. अब हम इन सात देशों की शेल कंपनियों के साथ माल्या के बैंक अकाउंट का लिंक का पता लगा रहे हैं. इसके लिए हमने अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, आयरलैंड को लेटर भेजे गए हैं. जल्द ही वहां से डिटेल जानकारी मिलेगी.

क्या है मामला?

खबर के मुताबिक, एसबीआई की अगुवाई में कई बैंकों ने 2005 से 2010 के दौरान माल्या को ये लोन दिए थे. ब्याज के साथ ये रकम 9 हजार करोड़ रुपये हो जाती है. लोन न चुकाने पर माल्या के खिलाफ आईडीबीआई बैंक ने मामला दर्ज कराया था.

बता दें कि माल्या पर भारतीय बैंको के लगभग 9,000 करोड़ बकाया है. यह लोन भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में लगभग एक दर्जन बैंकों के एक समूह ने दिया था. इस मामले में माल्या पर एक साल पहले एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जिसके बाद माल्या ने लंदन में जाकर शरण ले ली. उन्हें भगोड़ा घोषित किया जा चुका है.

विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई और ईडी पहले ही एक करोड़ के एक मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. अब इस नई जानकारी के बाद माल्या का केस और मजबूत किया जाएगा. सीबीआई दिसंबर तक नई चार्जशीट दाखिल कर देगी. फिलहाल माल्या के भारत प्रत्यर्पण को लेकर इंग्लैंड के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

क्या हैं शेल कंपनियां?

शेल कंपनियां वे कंपनियां हैं जो सिर्फ कागजों पर चलती हैं. इनमें पैसे का फिजिकल ट्रांसेक्शन नहीं होता. शेल कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग का आसान जरिया होती हैं. शेल कंपनियां किसी तरह से कोई आधिकारिक कारोबार नहीं करती हैं. ये कंपनियां न्यूनतम पेड अप कैपिटल के साथ काम करती हैं. इनका डिविडेंड इनकम जीरो होता है. साथ ही टर्नओवर और ऑपरेटिंग इनकम भी बहुत कम होती है. कहा जाता है कि काले धन को सफेद करने के लिए बड़े पैमाने पर शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता है.

( साभार: न्यूज 18 )

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