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वाहन उद्योग ने जीएसटी में यात्री वाहनों के लिए दो कर दरों की मांग की

वाहन उद्योग कारों के लिए अनेक कर दरों के बजाय दो दरों का सुझाव दे रहा है, इसके साथ ही सरकार से आग्रह किया है कि जीएसटी प्रणाली के तहत वाहनों के लिए केवल दो ही दरें रखी जाए

Updated On: Dec 17, 2017 05:35 PM IST

Bhasha

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वाहन उद्योग ने जीएसटी में यात्री वाहनों के लिए दो कर दरों की मांग की

वाहन मैन्युफैक्चरर्स के शीर्ष संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत यात्री वाहनों के लिए दो कर दरों की मांग की है. फिलहाल इसके लिए कई दरें हैं.

इसके साथ ही सियाम ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से आग्रह किया है कि इलेक्ट्रिक व हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहनों के लिए 12 प्रतिशत की विशेष दर हो. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने आम बजट 2018-19 को लेकर अपने ज्ञापन में यह मांग रखी है.

ज्ञापन के अनुसार, वाहन उद्योग कारों के लिए अनेक कर दरों के बजाय दो दरों का सुझाव दे रहा है. इसके साथ ही सरकार से आग्रह किया है कि जीएसटी प्रणाली के तहत वाहनों के लिए केवल दो ही दरें रखी जाए.

जीएसटी के तहत फिलहाल 1200 सीसी से कम क्षमता वाली पेट्रोल की छोटी कारों पर एक प्रतिशत सेस लगता है. वहीं 1500 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली डीजल वाली कारों पर तीन प्रतिशत सेस लगता है. सेस 28 प्रतिशत की जीएसटी दर से अतिरिक्त है.

इसी तरह हाइब्रिड कार पर सेस 15 प्रतिशत है. इसी तरह वाहन उद्योग ने इस्तेमाल कारों के लिए टैक्स रेट तय करने की मांग की है.

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