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बजट ट्रिविया: किस बजट में सिर्फ 4200 रुपए पर मिलता था टैक्स छूट!

क्या आप जानते हैं किस सरकार ने कुंवारे और शादीशुदा लोगों के लिए अलग-अलग टैक्स स्लैब बनाया था

Updated On: Jan 28, 2018 08:48 PM IST

FP Staff

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बजट ट्रिविया: किस बजट में सिर्फ 4200 रुपए पर मिलता था टैक्स छूट!

1947-48 आजाद भारत का पहला बजट फाइनेंस मिनिस्टर आरके शणमुखम शेट्टी ने पेश किया था. इसमें टोटल खर्च 197.39 करोड़ रुपए का था. इसका 46 फीसदी यानी 92.74 करोड़ रुपए सिर्फ डिफेंस मिनिस्ट्री को आवंटित किया गया था.

1948-1949 फाइनेंस मिनिस्टर आरके शणमुखम शेट्टी का यह दूसरा बजट था. इस बजट में शेट्टी ने एक नया टर्म ‘अंतरिम बजट’ इस्तेमाल किया था. हर बार जब लोकसभा चुनाव होता है तब इस टर्म का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ महीनों के बजट जरूरतों को पूरा करने के लिए लेखानुदान या अंतरिम बजट का इस्तेमाल किया जाता है.

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1949-50 इस बजट में कैपिटल गेन टैक्स को खत्म कर दिया था. अब यह टैक्स फिर से चर्चा में है.

1950-51 इस बजट में औपचारिक तौर पर योजना आयोग का ऐलान किया गया था, जिसके अध्यक्ष पीएम थे. मोदी सरकार ने योजना आयोग को खत्म करके नीति आयोग का गठन किया है.

1951-52 इस बजट में शराब पर सरचार्ज दोगुना करके 100 फीसदी कर दिया गया. इनमें बीयर, स्पीरिट्स और दूसरे फरमन्टेड लीकर शामिल हैं.

1952-53 इस बजट में अमेरिका की एक एनजीओ फोर्ड फाउंडेशन से सहयोग मिला था.

1953-54 इस बजट न्यूनतम इनकम टैक्स छूट को 17 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया गया था. उस वक्त टैक्स फ्री इनकम को 3600 रुपए से बढ़ाकर 4200 रुपए कर दिया गया था.

1954-55 बजट में आम लोगों को लोन देने के लिए एक स्पेशलाइज्ड फाइनेंशियल संस्था बनाने का ऐलान किया था. इसका नाम आईसीआईसीआई था.

1955-56 बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलावका प्रस्ताव रखा गया था. पहली बार किसी बजट में कुंवारे और शादीशुदा लोगों के लिए अलग-अलग टैक्स स्लैब था.

1956-57 इस बजट में एकबार फिर कैपिटल गेन टैक्स लगाने का फैसला किया गया था. जबकि 1949-50 के बजट में इसे हटाया गया था.

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