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बजट 2018: फुल स्पीड चलेगा हाईवे मिनिस्ट्री का काम

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में हाईवे मिनिस्ट्री की उन योजनाओं में दोबारा जान फूंकने की बात कही गई है, जो वर्षों से अटके हैं या फाइलों में पड़े हैं

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jan 30, 2018 03:18 PM IST

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बजट 2018: फुल स्पीड चलेगा हाईवे मिनिस्ट्री का काम

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017-2018 ने आम बजट की रूपरेखा तैयार कर दी है. इसमें देश की अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और भविष्य की चुनौतियों का भी जिक्र है. इस रिपोर्ट से यह भी साफ हो गया है कि देश नोटबंदी और जीएसटी के असर से बाहर निकल गया है और अगले साल आर्थिक ग्रोथ 7-7.5 फीसदी रह सकती है.

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आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में हाईवे मिनिस्ट्री की उन योजनाओं में दोबारा जान फूंकने की बात कही गई है, जो वर्षों से अटके हैं या फाइलों में पड़े हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में इस वक्त सड़क से जुड़े 482 परियोजनाएं चल रही हैं. इनमें से 43 परियोजनाएं तय समय से पहले ही पूरी हो गई हैं. जबकि 74 परियोजनाएं वक्त पर पूरी हुई हैं. कुछ योजनाएं दिक्कतों की वजह से लटक गई हैं. इन्हें अगले वित्त वर्ष में शुरू करने की बात कही गई है.

जोरशोर से चल रहा है काम

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पिछले कुछ दिनों से लगातार कई राज्यों का दौरा कर रहे हैं. बीते सोमवार को ही वह बिहार की राजधानी पटना में थे. बिहार में चल रही कई सड़क परियोजनाओं को लेकर उन्होंने सीएम नीतीश कुमार, संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से बात की.

पटना से वह रायपुर गए. वहां उन्होंने छत्तीसगढ़ के सीएम रमण सिंह से राज्य में चली रही परियोजनाओं के बारे में बात की. कुछ दिन पहले गडकरी ने यूपी का भी दौरा किया था. पूर्वी उत्तर प्रदेश में अभी कई परियोजनाएं चल रही हैं. कुछ दिनों पहले गडकरी यूपी के महाराजगंज में थे. वहां उन्होंने कहा था कि ब्राजील में डीजल के साथ एथनॉल का भी इस्तेमाल हो रहा है. अगर यूपी सहित देश के दूसर हिस्सों में भी ऐसा हो जाए इकोनॉमी की सूरत बदल जाएगी.

नितिन गडकरी का कहना है कि देश के किसान ही पेट्रोल और डीजल का विकल्प दे सकते हैं. इस वित्त वर्ष में एथनॉल को लेकर ठोस पहल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच वैकल्पिक ईंधन जैसे एथनॉल से गाड़ी चलाना भी सरकार की योजनाओं में शामिल है. इसके लिए बजट में खासतौर पर एथनॉल के उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है.

कैसे बनता है एथनॉल?

चीनी मिलों से निकलने वाले ‘शीरे’ से एथनॉल बनाया जाता है. देश इस वक्त सात लाख करोड़ रुपए का एथनॉल हर साल इंपोर्ट करता है. पेट्रोल और डीजल के मुकाबले यह सस्ता होता है. लिहाजा चीन, अमेरिका जैसे देश में एथनॉल का इस्तेमाल बढ़ रहा है.

सड़क परियोजनाओं पर एक नजर

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017-18 के दौरान सितंबर 2017 तक 1 हजार 263 मौजूदा परियोजनाओं पर काम चल रहा था. इनकी कुल लागत 3 लाख 17 हजार 373.9 करोड़ रुपए है. रुकी हुई परियोजनाओं को फिर से शुरू करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के केंद्रीय मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं.

Nitin Gadkari

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और एनएचएआई स्थगित परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है. जहां भी परियोजना शुरू करने की बात सामने आती है, एनएचएआई द्वारा फंड जारी कर रोकी गई परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से नेशनल हाईवे सड़कों और टोल प्लाजाओं पर शौचालय की व्यवस्था के बाद अब रिटेल आउटलेट्स पर भी शौचालय अनिवार्य कर दिया गया है.

केंद्र सरकार के साथ काम करने वाले कुछ आर्थिक सलाहकारों और योजना आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का भी कहना है कि आने वाला बजट अच्छे दिन लेकर आने वाला है. अब देखना है यह है कि देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद आम बजट कैसा होने वाला है.

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