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बजट 2018: ऑनलाइन लेनदेन पर क्या घटेगा टैक्स?

नैस्कॉम की मांग है कि जहां कैश पर कोई टैक्स नहीं लगता उन उत्पादों या सर्विस के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर भी कोई टैक्स नहीं लगना चाहिए

Bhasha Updated On: Jan 28, 2018 09:14 PM IST

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बजट 2018: ऑनलाइन लेनदेन पर क्या घटेगा टैक्स?

आईटी सेक्टर के संगठन नैस्कॉम की डिमांड है कि सरकार को डिजिटल लेनदेन पर टैक्स घटाना चाहिए. नैस्कॉम का कहना है कि अगर सरकार डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना चाहती है तो उसे कैश के मुकाबले इस पर टैक्स घटाना चाहिए.

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नैस्कॉम के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए इसपर टैक्स रेट कम होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हमारा कहना है कि अगर सरकार की नीति डिजिटल इकनॉमी को बढ़ावा देना है तो ऑफलाइन के मुकाबले उस पर टैक्स कम होना चाहिए.

कम करना होगा टैक्स

डिजिटल पेमेंट करके कोई सर्विस या उत्पाद लेने पर टैक्स ऑफलाइन या कैश पर लगने वाले कर से अधिक नहीं होना चाहिए. यदि सरकार की नीति डिजिटल अर्थव्यवस्था है, आप ऐसा कर ढांचा नहीं रख सकते हैं जो नीति के ही प्रतिकूल हो.’

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में आईटी इंडस्ट्री का रेवेन्यू छह गुना बढ़ा है. ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में यह जॉब देने वाला सबसे बड़ी इंडस्ट्री है. उन्होंने कहा, ‘स्टार्टअप और एसएमई में डोमेस्टिक निवेश और विदेशी निवेश पर अलग-अलग टैक्स लगता है. दोनों के टैक्स में काफी फर्क है.

चंद्रशेखर ने कहा, 'इस तरह के निवेश पर डोमेस्टिक इनवेस्टर्स को 20 फीसदी और एनआरआई को 10 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है.' लिहाजा डोमेस्टिक इनवेस्टर्स निवेश में दिलचस्पी नहीं लेते हैं.

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