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बजट 2018-19: रियल एस्टेट को चाहिए सरकार का बूस्टर डोज

बिल्डर्स को उम्मीद है कि सरकार बजट में कुछ ऐसे ऐलान करेगी जिससे इस सेक्टर में तेजी आएगी

FP Staff Updated On: Jan 28, 2018 09:33 PM IST

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बजट 2018-19: रियल एस्टेट को चाहिए सरकार का बूस्टर डोज

जीएसटी की वजह से रियल एस्टेट पर फोकस बना हुआ है. कुछ बिल्डरों को एंटी प्रॉफिटरिंग नोटिस भी जारी हो चुका है. डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स की समस्या भी लंबे समय से जस की तस है. रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रेगुलेटर 'रेरा' बन चुका है. साथ ही लगातार गिरती डिमांड के कारण इस सेक्टर को इस साल बजट से काफी उम्मीदें हैं.

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क्या है डिमांड?

बिल्डर्स को उम्मीद है कि सरकार बजट में कुछ ऐसे ऐलान करेगी जिससे इस सेक्टर में तेजी आएगी. 2008 में मार्केट गिरने के बाद से ही इस सेक्टर की हालत खस्ता हो गई है.

रियल एस्टेट सेक्टर चाहता है कि उसे पूरी तरह जीएसटी के दायरे में ले लिया जाए. अभी तक सिर्फ अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर ही जीएसटी लगता है. पूरी तरह तैयार प्रॉपर्टी अभी इस दायरे में नहीं है. दो अलग-अलग सेक्शन की वजह से इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा इस सेक्टर को नहीं मिल पाता है. जीएसटी के दायरे में ना रहने की वजह से पूरी तरह तैयार प्रॉपर्टी पर कई तरह के लोकल टैक्स लगते हैं. विदेश में रियल एस्टेट पूरी तरह जीएसटी के दायरे में है.

रियल एस्टेट सेक्टर को पूरी तरह जीएसटी के दायरे में लाने के लिए सरकार ने एक समिति बनाई है. जनवरी अंत में जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर चर्चा हो सकती है.

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