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तेल कंपनियों की मांग: तेल, गैस को GST के दायरे में लाए सरकार

कंपनियों ने सरकार के साथ बैठक में देश के तेल और गैस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करने और नई तकनीक लाने की प्रतिबद्धता जताई

Updated On: Oct 09, 2017 09:23 PM IST

Bhasha

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तेल कंपनियों की मांग: तेल, गैस को GST के दायरे में लाए सरकार

दुनिया की शीर्ष तेल और गैस कंपनियों के प्रमुखों ने सरकार से पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र को जीएसटी के दायरे में लाने और क्षेत्र के लिये समान नीति की मांग की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को हुई बैठक में उन्होंने यह मांग उठाई.

इसके अलावा कंपनियों ने देश में बड़े पैमाने पर निवेश और तकनीक लाने की भी प्रतिबद्धता जताई. सऊदी आर्मको ने जहां 300 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई. वहीं रूस की रोसनेफ्ट ने अब तक किए गये 65 अरब डालर के निवेश में 5 से 6 गुना बढ़ोतरी की बात कही.

प्रधानमंत्री ने कंपनियों से देश में खास कर पूर्वी एवं पूवोत्तर क्षेत्र में निवेश पर जोर दिया.

पीएम मोदी ने बीपी पीएलसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बॉब डुडले, रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन, रॉयल डच शेल की परियोजना और प्रौद्योगिकी निवेशक हैरी ब्रेकेलमेन्स, सऊदी आर्मको के मुख्य कार्यपालक अमीन एच नासीर, एक्सोन मोबिल के गैस और बिजली क्षेत्र के अध्यक्ष रॉब फ्रैंकलिन, आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी और वेदांता रिर्सोसेज के प्रमुख अनिल अग्रवाल के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी के चेयरमैन और एमडी शशि शंकर के अलावा इंडियन आयल के चेयरमैन संजीव सिंह समेत विभन्न कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की और वैश्विक तेल और गैस परिदृश्य पर चर्चा की. यह बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली.

इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मीडिया से कहा, ‘यह बैठक काफी सार्थक रही. कंपनियों ने देश के तेल और गैस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करने और नई तकनीक लाने की प्रतिबद्धता जताई.’

उन्होंने कहा, ‘सऊदी अरब की आर्मको ने नवप्रवर्तन और अन्य क्षेत्रों में अगले तीन से चार साल में 300 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई. वहीं रूस की रोसनेफ्ट ने अब तक किये गये 65 अरब डॉलर के निवेश में पांच से छह गुना बढ़ोतरी की बात कही है.’

अमिताभ कांत के अनुसार आर्मको के सीईओ नसीर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी अरब की यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों में मजबूत हुए हैं और हम इस रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाना चाहते हैं. हम पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में नवपव्रर्तन और अन्य क्षेत्र में अगले तीन से चार साल में 300 अरब डॉलर निवेश करेंगे.’

बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अलावा बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह समेत नीति आयोग एवं अन्य विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे.

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