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149 साल में पहली बार बंद होने जा रहा है टाटा ग्रुप का इतना बड़ा वेंचर

जुलाई 2017 तक कंपनी के वायरलेस उपयोगकर्ताओं की संख्या घटकर 4.2 करोड़ रह गई जो जून में 4.37 करोड़ रही थी.

Updated On: Oct 07, 2017 06:41 PM IST

FP Staff

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149 साल में पहली बार बंद होने जा रहा है टाटा ग्रुप का इतना बड़ा वेंचर

टाटा ग्रुप अपने 21 साल पुराने टेलीकॉम सर्विस वेंचर को बंद करने की तैयारी में है. टाटा ग्रुप के चीफ फाइनेंशियल ऑफि‍सर सौरभ अग्रवाल और टाटा टेली सर्विसेस के मैनेजिंग डायरेक्‍टर एन श्रीनाथ दोनों ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्‍यूनिकेशंस के अधिकारियों से मुलाकात की और अपने मौजूदा स्‍पेक्‍ट्रम को सरेंडर या बेचने के रास्‍तों पर चर्चा की है.

हालांकि, कंपनी ने फिलहाल इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की है लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक सेल्स मार्केटिंग टीम से 500 से 600 कर्मचारियों को हटाया गया.

टाटा ग्रुप के इतिहास में पहली बार

टाटा ग्रुप के 149 साल के इतिहास में बंद होने वाली यह पहली बड़ी यूनिट होगी. टाटा टेलीसर्विसेस की स्‍थापना 1996 में लैंडलाइन ऑपरेशन के साथ की गई थी.

बंद करने की तैयारी

बिजनेस न्यूजपेपर इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक कंपनी अपना बिजनेस बंद करने जा रही है. वे इसी महीने इसकी प्र‍क्रिया शुरू कर देंगे. टाटा ग्रुप के अधिकारियों ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्‍यूनिकेशंस अधिकारियों के साथ तकरीबन डेढ़ घंटे बातचीत की.

एक बार प्रक्रिया शुरू होने पर इसे 60 दिन के भीतर पूरा किया जाएगा. टाटा टेलीसर्विसेस भारत में 19 सर्किल में परिचालन कर रही है.

क्यों बंद हो रही है कंपनी

टाटा के दूरसंचार कारोबार का दायरा देशभर के 19 दूरसंचार सर्किल तक विस्तृत है. हालांकि उसके ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2017 तक उसके वायरलेस उपयोगकर्ताओं की संख्या घटकर 4.2 करोड़ रह गई जो जून में 4.37 करोड़ रही थी.

इससे देश में टाटा टेलीसर्विसेज की बाजार हिस्सेदारी घटकर महज 3.55 फीसदी रह गई है. कर्मचारियों को ग्रुप की अन्य कंपनियों को भेजने की तैयारी की जा रही है. टाटा ग्रुप, टाटा टेलीसर्विसेज के कर्मचारियों को अन्य कारोबार में खपाने की संभावनाएं तलाश रहा है. लेकिन कुछ महीने पहले छंटनी की भी खबरें आई थीं.

सफर पर एक नजर

टाटा टेलीसर्विसेज शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी नहीं है जबकि उसकी एक सहायक इकाई टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट) सूचीबद्ध कंपनी है. इसने 2002 में सीडीएमए ऑपरेशन लॉन्‍च किया था. इसके बाद 2008 में इसने जीएसएम तकनीक को अपनाया और एनटीटी डोकोमो से 14,000 करोड़ रुपए का निवेश हासिल किया.

जापान की एनटीटी डोकोमो ने 2014 में इस ज्‍वाइंट वेंचर से बाहर निकलने का फैसला किया. टाटा टेली के पास सरकार द्वारा प्रशासनिक तरीके से दिया गया स्‍पेक्‍ट्रम है और कुछ स्‍पेक्‍ट्रम कंपनी ने हाल के वर्षों में नीलामी के जरिये खरीदा है. टाटा टेलीसर्विसेस टाटा ग्रुप की टेलीकॉम यूनिट है.

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