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अपनी संपत्ति बेचकर खरीदारों के पैसे लौटाए यूनिटेक: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक से कहा है कि वह उन संपत्तियों का ब्यौरा पेश करें जो देनदारी मुक्त हो, ताकि घर के खरीदारों से डील सेटल करने के वक्त उन संपत्तियों को नीलाम किया जा सके

FP Staff Updated On: Mar 13, 2018 03:30 PM IST

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अपनी संपत्ति बेचकर खरीदारों के पैसे लौटाए यूनिटेक: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने रियल्टी कंपनी यूनिटेक लिमिटेड को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि कंपनी ने अपने खरीदारों को धोखा दिया है. कोर्ट का कहना है कि उनका पैसा चुकाने के लिए कंपनी को अपनी संपत्ति बेचनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वह उन सभी संपत्तियों का ब्यौरा पेश करे, जो देनदारी मुक्त हो. सुप्रीम कोर्ट ने संपत्तियों का ब्योरा मांगा, ताकि इन संपत्तियों को नीलाम करके फ्लैट खरीदने का पैसा लौटाया जा सके.

सुप्रीम कोर्ट ने 5 मार्च को यूनिटेक लिमिटेड से भारत और विदेशों में स्थित संपत्ति की डिटेल देने को कहा था. कोर्ट ने कहा था कि अगर इस ब्यौरे में कोई गलती पाई गई तो मामले में अदालत में झूठा हलफनामा देने का केस चलेगा. सोमवार को मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान यूनिटेक ने अपनी संपत्त‍ि की जानकारी यहां जमा की. हालांकि कोर्ट ने कंपनी की लिस्ट को अधूरा बताया. अदालत ने कंपनी को आदेश दिया कि अगली बैठक तक संपत्त‍ि की पूरी लिस्ट सौंपी जाए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की बेहतर जांच के लिए विशेषज्ञ भी नियुक्त किया जा सकता है.

इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी.

सुप्रीम कोर्ट में यूनिटेक की ओर से कहा गया कि जेएम फाइनेशियल लिमिटेड उनके हाउसिंग प्रोजेक्ट को फाइनेंस करना चाहती है, तब सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के एमडी और सक्षम अधिकारी को अगली सुनवाई में पेश होने को कहा था.

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

- सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने जेएम फाइनेंशियल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी पर 25 लाख रुपए का हर्जाना लगाया है.

- इस कंपनी ने एचडीएफसी बैंक से कुछ लोन टेकओवर कर लिया था.

- कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने जो एक्ट किया उससे लगा था कि वह घर के खरीदारों को रिफंड करना चाहती है, लेकिन अब पूरी कार्रवाई बेमतलब की रुकावट जैसी है.

- सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक से कहा है कि वह उन संपत्तियों का ब्यौरा पेश करें जो देनदारी मुक्त हो, ताकि घर के खरीदारों से डील सेटल करने के वक्त उन संपत्तियों को नीलाम किया जा सके.

- अदालत ने इसके लिए 15 दिन का वक्त दिया है.

जेएम फाइनेंस पर जुर्माना

- सुप्रीम कोर्ट ने जेएम फाइनेंस लिमिटेड पर भी 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, क्‍योंकि जेएम फाइनेंस ने इस केस को डायवर्ट करने की कोशिश की है. - जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड ने यूनिटेक के लोन को टेक ओवर कर लिया है. इससे नाराज कोर्ट ने कहा कि आप (जेएम फाइनेंस) इस मामले को अनावश्‍यक ही डायवर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं.

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