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सुपर फास्ट गाड़ियों, मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों के फेरों में हुई देरी: सरकार

'रेलवे पीक सीजन, त्यौहार और विशेष अवसरों पर यात्रियों की बहुतायत को देखते हुए विशेष ट्रेनें चलाता है'

FP Staff Updated On: Dec 27, 2017 07:27 PM IST

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सुपर फास्ट गाड़ियों, मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों के फेरों में हुई देरी: सरकार

सरकार ने बुधवार को बताया कि सुपर फास्ट गाड़ियों, मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों के फेरों में एक घंटे से लेकर दो घंटे या ज्यादा का विलंब हुआ है.

रेल राज्यमंत्री राजेन गोहांई ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया कि देश में सुपर फास्ट गाड़ियों की कुल संख्या 1082 है. इस साल एक जून से 30 नवंबर की अवधि के दौरान इन सुपर फास्ट गाड़ियों ने कुल 1,05,066 फेरे लगाए. इनमें से 14,033 फेरों में गंतव्य स्थल पर दो घंटे से अधिक का विलंब हुआ.

उन्होंने बताया कि मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों की संख्या 328 है और इसी साल नवंबर से इनकी गति बढ़ाई गई है. 1 नवंबर 2017 से 12 दिसंबर 2017 के दौरान इन गाड़ियों द्वारा लगाए गए कुल 7974 फेरों में से 1632 फेरों में एक घंटे से अधिक का विलंब हुआ है.

गोहांई ने बताया कि रेलवे पीक सीजन, त्यौहार और विशेष अवसरों पर यात्रियों की बहुतायत को देखते हुए विशेष ट्रेनें चलाता है. इस दौरान यातायात के तरीके, वाणिज्यिक दायित्व, परिचालनगत व्यवहार्यता और संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाता है.

उन्होंने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया 'विशेष ट्रेनें मांग के आधार पर चलाई जाती हैं. एक अक्टूबर 2014 से अत्यधिक मांग वाली कुछ गाड़ियों में तत्काल कोटे के तहत मौजूदा स्थान के 5 प्रतिशत को प्रीमियम तत्काल कोटे के रूप मे निर्धारित किया गया. इन्हें परिवर्तनशील किराए पर बुक किया जा रहा है. यह एक दूरी स्लैब आधारित किराया योजना है जिसमें तत्काल किराए के अधिकतम तीन गुना के तहत 10 फीसदी बर्थ का प्रत्येक स्लैब के बाद किराया 20 फीसदी बढ़ जाता है.'

रेल राज्य मंत्री ने बताया कि नौ सितंबर 2016 से राजधानी, शताब्दी, दूरंतो ट्रेन सेवाओं में फ्लैक्सी फेयर प्रणाली की शुरूआत की गई है. इसमें प्रत्येक दस फीसदी बर्थ की बिक्री के साथ किराए में दस फीसदी की वृद्धि हो जाती है बशर्ते सेकेंड एसी, स्लीपर, सेकेंड सिटिंग (आरक्षित), एसी चेयर कार श्रेणियों में अधिकतम निर्धारित सीमा 1.5 गुना और थर्ड एसी श्रेणी में 1.4 गुना हो.

गोहांई ने बताया कि प्रथम श्रेणी एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

उन्होंने बताया 'भारतीय रेल पर यात्री गाड़ियों की परिचालन लागत में अत्यधिक वृद्धि हुई है लेकिन यात्री किराए अभी भी बहुत रियायती हैं.' रेल राज्य मंत्री ने बताया कि प्रीमियम तत्काल कोटा और फ्लेक्सी फेयर योजना की शुरूआत करने का लक्ष्य रेलवे की आमदनी में सुधार करना है.

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