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फ्लिपकार्ट के साथ मर्जर फेल होने के बाद स्नैपडील में हो सकती है भारी छंटनी

सूत्रों के अनुसार लागत में कमी लाने के तहत कंपनी अपने 1000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है

Updated On: Jul 31, 2017 09:07 PM IST

FP Staff

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फ्लिपकार्ट के साथ मर्जर फेल होने के बाद स्नैपडील में हो सकती है भारी छंटनी

ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी स्नैपडील एक बुरे आर्थिक दौर से गुजर रही है. इसके बावजूद सोमवार को स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट से मर्जर की बात-चीत खत्म कर दी है. इस बातचीत को खत्म करने की घोषणा के साथ-साथ कंपनी ने यह भी कहा है कि वह संकट से उबरने के लिए स्वतंत्र रास्ता और रणनीति अख्तियार करेगी.

इसी रणनीति के तहत कंपनी ने खुलासा किया कि उसने एक प्रतिनिधिमंडल नियुक्त किया है जो 80 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करेगा. स्नैपडील के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रबंधन ने मौखिक रूप से सभी विभाग के हेड से छंटनी किए जाने वाले कर्मचारियों की लिस्ट बनाने को कहा है. स्नैपडील में फिलहाल 1200 कर्मचारी हैं.

कंपनी ने अपनी फ्रीचार्ज जैसी संपत्तियों को बेचकर और अपने लागत में कमी लाकर अगले एक साल के भीतर 150 करोड़ रुपए का लाभ कमाने की योजना बनाई है. सूत्रों के अनुसार लागत में कमी लाने के तहत कंपनी अपने 1000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है. पिछले साल जुलाई में कंपनी के पास 9 हजार कर्मचारी थे. इन्हें बिना किसी नोटिस के 1200 तक लाया गया. अब महज 200 लोगों के साथ कंपनी आगे काम करेगी.

कर्मचारियों को लिखे खत में छंटनी का जिक्र नहीं 

सूत्रों के मुताबिक पिछले गुरुवार की शाम को कुनाल बहल और रोहित बहल ने अपने सभी टीम हेड से साफ-तौर पर कहा है कि अपनी टीम में कटौती का सारा कागजी काम कर डालिए. हालांकि फ्लिपकार्ट से सौदा रद्द करने के बाद कंपनी ने अपने कर्मचारियों को जो पत्र लिखा है उसमें छंटनी का जिक्र नहीं किया गया है.

स्नैपडील के संस्थापकों कुणाल बहल और रोहित बहल ने संयुक्त रूप से कंपनी के कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा, ‘हम एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में स्नैपडील की यात्रा जारी रखेंगे....पिछले कुछ महीने से जारी शोरगुल के बाद अब कारोबार पर ध्यान देने और देश में खरीदारों को विक्रेताओं से जोड़ने को लेकर कंपनी को कारोबार का बेहतरीन मंच बनाने के हमारे नजरिए की दिशा में अपनी पूरी ताकत का उपयोग करने का समय है.’

एक साल में 150 करोड़ रुपए के लाभ का लक्ष्य 

वर्ष 2010 में काम शुरू करने वाले संस्थापकों ने कहा कि 200 अरब डालर के ई-कॉमर्स बाजार का अभी थोड़ा सा ही उपयोग हुआ है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में शानदार प्रगति की है और सकल लाभ के स्तर पर मुनाफे में है. दोनों ने कहा, ‘....हमारा अगले 12 महीने में 150 करोड़ रुपए के सकल लाभ का स्पष्ट लक्ष्य है. अंतत: लागत को दुरूस्त करने और फ्रीचार्ज जैसी अपनी कुछ संपत्ति की बिक्री से हम कंपनी के रूप में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हैं और लाभ में पहुंचने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने की आवश्यकता नहीं है.’

संस्थापकों ने कहा कि माह-दर-माह लाभदायक बढ़ोतरी के लिए उन्हें लागत पर नियंत्रण रखने और बेहतर वर्क कल्चर की दिशा में काम करने की जरूरत होगी. दोनों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित सौदे में जटिलता के साथ कुछ अन्य कारणों की वजह से कंपनी ने स्वतंत्र रास्ता अपनाने का फैसला किया. पत्र के अनलुसार स्नैपडील-2.0 के जरिए कंपनी चाहती है कि कोई भी कुछ ही मिनट में ऑनलाइन स्टोर स्थापित कर सके और अच्छे मूल्य पर प्रोडक्ट कस्टमर्स को उपलब्ध कराने में ध्यान दे.

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