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ग्राहकों से ATM चार्ज वसूलने की जानकारी साझा नहीं करेगी SBI

मध्य प्रदेश के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आरटीआई दाखिल कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष में उसके द्वारा अपने ग्राहकों से वसूले गये एटीएम व्यवहार शुल्क की तिमाही आधार पर जानकारी मांगी थी

Updated On: May 08, 2018 04:32 PM IST

Bhasha

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ग्राहकों से ATM चार्ज वसूलने की जानकारी साझा नहीं करेगी SBI

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत वित्त वर्ष 2017-18 में अपने ग्राहकों से वसूले गए कुल एटीएम व्यवहार शुल्क की जानकारी देने से इनकार कर दिया है.

बता दें कि यह शुल्क एटीएम उपयोग के तय फ्री विथड्रॉल खत्म होने के बाद वसूला जाता है.

मध्य प्रदेश के नीमच के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने आरटीआई अर्जी दायर कर एसबीआई से 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में उसके द्वारा अपने ग्राहकों से वसूले गये एटीएम व्यवहार शुल्क की तिमाही आधार पर जानकारी मांगी थी.

इस आरटीआई अर्जी पर एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चंद्रशेखर गौड़ को 27 अप्रैल को भेजे जवाब में कहा, 'मांगी गई सूचना हमारे पास तुरंत उपलब्ध नहीं है. यह अनुरोध आरटीआई अधिनियम की धारा 7 (9) के तहत नामंजूर किया जाता है, क्योंकि इस सूचना का मिलान और संकलन बैंक के संसाधनों को असंगत रूप से विचलित कर सकता है.'

बहरहाल, चौंकाने वाली बात यह है कि खुद एसबीआई द्वारा गौड़ को आरटीआई के ही तहत वर्ष 2016 और 2017 में भेजे गए अलग-अलग जवाबों में बताया जा चुका है कि उसने और उसके तत्कालीन सहयोगी बैंकों ने बीते वित्तीय वर्षों में अपने ग्राहकों से कितना एटीएम व्यवहार शुल्क वसूला है.

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम की लाइन में खड़े लोग

RTI के तहत जानकारी देने से SBI अब क्यों हट रहा है पीछे?

आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया, 'यह मेरी समझ से बाहर है कि एटीएम व्यवहार शुल्क की वसूली के बारे में आरटीआई के तहत जानकारी देने से एसबीआई अब पीछे क्यों हट रहा है. बैंक से उम्मीद की जाती है कि वह आरटीआई कानून की मूल भावना के मुताबिक पारदर्शी रवैया अख्तियार करे.'

गौड़ ने बताया कि उनकी ही पुरानी आरटीआई अर्जियों पर एसबीआई उन्हें सूचित कर चुका है कि इस बैंक समूह (तत्कालीन सहयोगी बैंकों समेत) ने एटीएम व्यवहार शुल्क के मद में वित्त वर्ष 2016-17 में 1556.27 करोड़ रुपए, 2015-16 में 310.44 करोड़ रुपए और 2014-15 में 210.47 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली की थी.

उन्होंने कहा कि एटीएम व्यवहार शुल्क वसूली के बारे में आरटीआई के तहत जानकारी देने से एसबीआई के इनकार का आदेश सरासर अनुचित है. वह इस आदेश को सक्षम प्राधिकारी के सामने चुनौती देने के लिये आरटीआई अधिनियम के तहत अपील दायर करेंगे.

महीने में एटीएम विथड्रॉल के फ्री अवसर खत्म होने के बाद इस मशीन के उपयोग पर बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों से शुल्क वसूला जाता है. इस पर वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) भी लगाया जाता है. इस वसूली के दायरे में गैर वित्तीय व्यवहार जैसे- एटीएम का पिन बदलना, खाते में उपलब्ध जमा राशि पता करना, मिनी स्टेटमेंट निकालना आदि शामिल हैं.

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